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WBB • कक्षा 7 • Mathematics (গণিত প্রভা) • अध्याय 4
अनुमानित समय: 55 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

पूर्णांकों का जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) कक्षा 7 गणित प्रभा पाठ्यक्रम के चतुर्थ अध्याय "पूर्णांकों का जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग" (Addition, Subtraction, Multiplication and Division of Integers) में आपका स्वागत है। TargetExams Gold-Standard शिक्षण पद्धति पर आधारित यह अध्याय ऋणात्मक संख्याओं के व्यावहारिक महत्व, संख्या रेखा पर दिशात्मक संचलन, निरपेक्ष मान, योज्य प्रतिलोम, चिन्हों के सार्वभौमिक गुणन नियम, शून्य से विभाजन की अपरिभाषित प्रकृति तथा क्रमविनिमेय, साहचर्य एवं वितरण नियमों का गहन व स्पष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

🌍 दैनिक जीवन में ऋणात्मक संख्याओं की आवश्यकता

दो ऋणात्मक राशियों (कर्ज या हानि) का गुणनफल अंततः धनात्मक (लाभ) क्यों बन जाता है?

प्राचीन काल में गणना केवल वस्तुओं ($1, 2, 3...$) तक सीमित थी। परन्तु जब व्यापार में ऋण (Debt) अथवा हानि की स्थिति आई, तब महान भारतीय गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त (7वीं शताब्दी) ने सर्वप्रथम ऋणात्मक संख्याओं के नियम प्रतिपादित किए। उन्होंने धनात्मक संख्या को "धन" (सम्पत्ति) और ऋणात्मक संख्या को "ऋण" (कर्ज) का नाम दिया।

कल्पना कीजिए एक टैंक से $3$ लीटर प्रति मिनट की दर से जल बह रहा है ($-3\text{ L/min}$)। यदि आप उस घटना के वीडियो को $4$ मिनट पीछे ($-4\text{ min}$) रिवाइंड करें, तो $4$ मिनट पूर्व टैंक में $12$ लीटर जल अधिक था! अर्थात्: $(-3) \times (-4) = +12$ लीटर। आधुनिक बैंकिंग सॉफ्टवेयर, पनडुब्बी की गहराई मापन और अंतरिक्ष रॉकेटों के तापमान नियंत्रण में यह नियम निरंतर उपयोग में आता है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) कक्षा 7 गणित प्रभा पाठ्यक्रम के चतुर्थ अध्याय "पूर्णांकों का जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग" (Addition, Subtraction, Multiplication and Division of Integers) में आपका स्वागत है। TargetExams Gold-Standard शिक्षण पद्धति पर आधारित यह अध्याय ऋणात्मक संख्याओं के व्यावहारिक महत्व, संख्या रेखा पर दिशात्मक संचलन, निरपेक्ष मान, योज्य प्रतिलोम, चिन्हों के सार्वभौमिक गुणन नियम, शून्य से विभाजन की अपरिभाषित प्रकृति तथा क्रमविनिमेय, साहचर्य एवं वितरण नियमों का गहन व स्पष्ट विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • प्राकृत संख्याओं ($\mathbb{N}$) एवं पूर्ण संख्याओं ($\mathbb{W}$) की आधारभूत समझ।
  • अंकगणित की चार आधारभूत संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) में कुशलता।
  • संख्या रेखा पर धनात्मक मानों की स्थिति एवं दूरी की संकल्पना।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • पूर्णांकों ($\mathbb{Z}$) की संकल्पना समझना और संख्या रेखा पर उनका निरूपण एवं निरपेक्ष मान ($|x|$) ज्ञात करना।
  • योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse) का प्रयोग कर संख्या रेखा तथा चिन्ह नियमों से पूर्णांकों का योग एवं घटाव हल करना।
  • चिन्हों के सार्वभौमिक नियमों ($+ \times + = +$, $- \times - = +$, $+ \times - = -$, $- \times + = -$) का प्रयोग कर गुणनफल ज्ञात करना।
  • पूर्णांकों का विभाजन करना एवं शून्य द्वारा विभाजन की अपरिभाषित (Undefined) प्रकृति को समझना।
  • क्रमविनिमेय, साहचर्य एवं वितरण (Distributive) नियमों का प्रयोग कर जटिल व्यंजकों को सरलता से हल करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. पूर्णांकों की अवधारणा, दिशात्मक...
2 2. संख्या रेखा पर योग-घटाव एवं योज्...
3 3. पूर्णांकों का गुणन एवं चिन्हों क...
4 4. पूर्णांकों का विभाजन एवं शून्य क...
5 5. बीजीय गुणधर्म: क्रमविनिमेय, साहच...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. पूर्णांकों की अवधारणा, दिशात्मक संख्याएँ एवं निरपेक्ष मान (The Integer Continuum & Absolute Value)

1. मूल अवधारणा एवं अंतर्ज्ञान (The Intuition)

दैनिक जीवन में किसी भी माप के लिए एक संदर्भ बिंदु ($0$) की आवश्यकता होती है। यदि समुद्र तल से ऊपर पर्वत की ऊंचाई $+100\text{ m}$ है, तो समुद्र तल के नीचे पनडुब्बी की गहराई $-100\text{ m}$ लिखी जाती है। इसी प्रकार लाभ $+₹50$ है, तो हानि $-₹50$ होगी। विपरीत दिशा और प्रवृत्तियों को व्यक्त करने के लिए ही ऋणात्मक संख्याओं का उद्भव हुआ।

2. औपचारिक सिद्धांत एवं संरचना (The Formal Structure)

सभी धनात्मक पूर्णांक ($+1, +2, +3, ...$), शून्य ($0$) और सभी ऋणात्मक पूर्णांक ($-1, -2, -3, ...$) मिलकर पूर्णांक (Integers, प्रतीक $\mathbb{Z}$) कहलाते हैं।

$$\mathbb{Z} = \{..., -4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, 4, ...\}$$

  • शून्य ($0$): शून्य न तो धनात्मक है और न ही ऋणात्मक; यह संख्या रेखा का उदासीन मूलबिंदु है।
  • संख्या रेखा का नियम: संख्या रेखा पर दाईं ओर स्थित संख्या सदैव बाईं ओर स्थित संख्या से बड़ी होती है। अतः: $-10 < -3 < 0 < +4$।
  • निरपेक्ष मान (Absolute Value): मूलबिंदु ($0$) से किसी संख्या की वास्तविक दूरी को उसका निरपेक्ष मान कहते हैं। दूरी कभी ऋणात्मक नहीं होती, अतः निरपेक्ष मान सदैव अऋणात्मक होता है। इसे $|x|$ द्वारा दर्शाते हैं।
निरपेक्ष मान का नियम:
$$|+a| = a \quad \text{तथा} \quad |-a| = a$$ उदाहरण: $|+8| = 8$ तथा $|-8| = 8$।
3. चरणबद्ध हल किया गया उदाहरण (Concrete Worked Example)

उदाहरण: निम्नलिखित पूर्णांकों को आरोही क्रम (छोटे से बड़े) में लिखिए और निरपेक्ष मानों का योग ज्ञात कीजिए: $-16, +9, 0, -4, -21, +15$

चरण 1 (तुलना): ऋणात्मक पूर्णांकों में जिसका संख्यात्मक मान जितना बड़ा होता है, उसका वास्तविक मान उतना ही छोटा होता है।

अतः: $-21 < -16 < -4 < 0 < +9 < +15$

चरण 2 (आरोही क्रम): $\mathbf{-21, -16, -4, 0, +9, +15}$

चरण 3 (निरपेक्ष मानों का योग): $|-21| + |-16| + |-4| + |0| + |+9| + |+15| = 21 + 16 + 4 + 0 + 9 + 15 = \mathbf{65}$

उत्तर: आरोही क्रम: $-21, -16, -4, 0, 9, 15$; निरपेक्ष मानों का योग $= \mathbf{65}$।

4. सामान्य भूल एवं परीक्षक का जाल (Pitfall & Examiner Trap)
⚠️ परीक्षक का जाल: ऋणात्मक संख्याओं की तुलना
छात्र प्रायः सोचते हैं कि चूंकि $18 > 7$, इसलिए $-18 > -7$ होगा। यह पूर्णतः त्रुटिपूर्ण है!
सत्य नियम: संख्या रेखा पर जो संख्या जितनी अधिक बाईं ओर होगी, उसका मान उतना ही कम होगा। अतः $\mathbf{-7 > -18}$।
5. जीवन में उपयोगिता (Why This Matters in Life)

मौसम विज्ञान में हिमांक से नीचे का तापमान ($-10^\circ\text{C}$), समुद्र विज्ञान में खाइयों की गहराई ($-8,000\text{ m}$), और बैंक खाते में नामे (डेबिट) शेष को ऋणात्मक संख्याओं से दर्शाया जाता है।

2. संख्या रेखा पर योग-घटाव एवं योज्य प्रतिलोम (Addition, Subtraction & Additive Inverses)

1. मूल अवधारणा एवं अंतर्ज्ञान (The Intuition)

संख्या रेखा पर चलने की कल्पना करें: जोड़ने का अर्थ आगे बढ़ना है, और घटाने का अर्थ पीछे मुड़ना है। जब आप किसी ऋणात्मक संख्या को घटाते हैं, तो आप वास्तव में उल्टी दिशा में पीछे चल रहे होते हैं—जो वस्तुतः आगे बढ़ने के समान है ($a - (-b) = a + b$)!

2. औपचारिक सिद्धांत एवं नियम (The Formal Structure)

योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse): यदि दो संख्याओं का योग शून्य ($0$) हो, तो वे एक-दूसरे की योज्य प्रतिलोम कहलाती हैं। $a$ का योज्य प्रतिलोम $-a$ होता है, क्योंकि $a + (-a) = 0$।

पूर्णांकों के योग के नियम:

  • समान चिन्ह वाले पूर्णांकों का योग: निरपेक्ष मानों को जोड़ें और वही उभयनिष्ठ चिन्ह लगाएं:
    $(+7) + (+6) = +13$
    $(-7) + (-6) = -(7 + 6) = -13$
  • विपरीत चिन्ह वाले पूर्णांकों का योग: बड़े निरपेक्ष मान में से छोटा निरपेक्ष मान घटाएं और बड़े मान का चिन्ह लगाएं:
    $(+15) + (-8) = +(15 - 8) = +7$
    $(-20) + (+9) = -(20 - 9) = -11$

घटाव का स्वर्णिम नियम:

घटाव का रूपांतरण सूत्र: किसी पूर्णांक में से दूसरा पूर्णांक घटाने का अर्थ है पहले पूर्णांक में दूसरे पूर्णांक का योज्य प्रतिलोम जोड़ना।
$$\mathbf{a - b = a + (-b)}$$ $$\mathbf{a - (-b) = a + b}$$
3. चरणबद्ध हल किया गया उदाहरण (Concrete Worked Example)

उदाहरण: सरल कीजिए: $(-42) - (-25) + (-18) - (+10)$

चरण 1 (घटाव को योज्य प्रतिलोम के योग में बदलें):

$-(-25)$ बन जाएगा $+25$; तथा $-(+10)$ बन जाएगा $+(-10)$।

व्यंजक: $(-42) + (+25) + (-18) + (-10)$

चरण 2 (समान चिन्हों का समूहन):

ऋणात्मक पद: $(-42) + (-18) + (-10) = -(42 + 18 + 10) = -70$

धनात्मक पद: $+25$

चरण 3 (अंतिम योग): $(-70) + (+25) = -(70 - 25) = -45$

उत्तर: $\mathbf{-45}$

4. सामान्य भूल एवं परीक्षक का जाल (Pitfall & Examiner Trap)
⚠️ सामान्य भ्रम: योग में गुणन के नियमों का प्रयोग
छात्र "माइनस-माइनस प्लस" रटकर $(-5) + (-7) = +12$ लिख देते हैं। यह गंभीर त्रुटि है!
सत्य नियम: दो ऋणात्मक संख्याओं को जोड़ने पर परिणाम सदैव ऋणात्मक ही रहता है: $(-5) + (-7) = -12$। "माइनस-माइनस प्लस" केवल गुणन एवं भाग में लागू होता है।
5. जीवन में उपयोगिता (Why This Matters in Life)

एक लिफ्ट यदि भूतल से $2$ तल नीचे ($-2$) है और वहां से $5$ तल ऊपर जाती है, तो उसकी वर्तमान स्थिति $(-2) + 5 = +3$ (तीसरी मंजिल) होगी।

3. पूर्णांकों का गुणन एवं चिन्हों के सार्वभौमिक नियम (Integer Multiplication & Sign Rules)

1. मूल अवधारणा एवं अंतर्ज्ञान (The Intuition)

गुणन पुनरावृत्त योग (Repeated Addition) है: $3 \times (-4) = (-4) + (-4) + (-4) = -12$। परन्तु $(-3) \times (-4) = +12$ क्यों? वितरण नियम की निरंतरता बनाए रखने के लिए: $(-3) \times [4 + (-4)] = (-3) \times 0 = 0 \implies -12 + [(-3) \times (-4)] = 0$। $-12$ में क्या जोड़ने पर $0$ आएगा? केवल $+12$! अतः दो ऋणात्मक पूर्णांकों का गुणनफल सदैव धनात्मक होता है।

2. औपचारिक सिद्धांत एवं गुणन सारणी (The Formal Structure)
प्रथम पद संक्रिया द्वितीय पद गुणनफल का चिन्ह नियम
$+$$\times$$+$$\mathbf{+}$ (धनात्मक)समान चिन्ह → धनात्मक
$-$$\times$$-$$\mathbf{+}$ (धनात्मक)समान चिन्ह → धनात्मक
$+$$\times$$-$$\mathbf{-}$ (ऋणात्मक)विपरीत चिन्ह → ऋणात्मक
$-$$\times$$+$$\mathbf{-}$ (ऋणात्मक)विपरीत चिन्ह → ऋणात्मक
एकाधिक ऋणात्मक संख्याओं के गुणन का स्वर्णिम सूत्र:
• यदि ऋणात्मक गुणनखंडों की संख्या सम (Even) हो, तो गुणनफल धनात्मक ($+$) होगा।
• यदि ऋणात्मक गुणनखंडों की संख्या विषम (Odd) हो, तो गुणनफल ऋणात्मक ($-$) होगा।
3. चरणबद्ध हल किया गया उदाहरण (Concrete Worked Example)

उदाहरण: मान ज्ञात कीजिए: $(-2) \times (-3) \times (+4) \times (-5) \times (-1)$

चरण 1 (ऋणात्मक चिन्हों की गिनती):

यहां ऋणात्मक संख्याएं कुल 4 हैं ($-2, -3, -5, -1$)।

चूंकि 4 एक सम संख्या है, इसलिए संपूर्ण गुणनफल धनात्मक ($+$) होगा।

चरण 2 (संख्यात्मक मानों का गुणन):

$2 \times 3 \times 4 \times 5 \times 1 = 6 \times 20 \times 1 = 120$

चरण 3 (चिन्ह संयोजन): $+120$

उत्तर: $\mathbf{+120}$ या $\mathbf{120}$

4. सामान्य भूल एवं परीक्षक का जाल (Pitfall & Examiner Trap)
⚠️ परीक्षक का जाल: $-4^2$ बनाम $(-4)^2$
$-4^2 = -(4 \times 4) = -16$ (घात केवल 4 पर है)।
परन्तु $(-4)^2 = (-4) \times (-4) = +16$ (कोष्ठक के कारण चिन्ह सहित वर्ग हुआ है)।
5. जीवन में उपयोगिता (Why This Matters in Life)

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में सिग्नल इनवर्जन और 3D ग्राफ़िक्स रेंडरिंग में यह गणितीय सिद्धांत प्रयुक्त होता है।

4. पूर्णांकों का विभाजन एवं शून्य के विशिष्ट गुणधर्म (Integer Division & Properties of Zero)

1. मूल अवधारणा एवं अंतर्ज्ञान (The Intuition)

विभाजन गुणन की विपरीत संक्रिया है। यदि $(-32) \div (-8) = x$, तो इसका अर्थ है: $-8$ को किस संख्या से गुणा करने पर $-32$ आएगा? चूंकि $(-8) \times (+4) = -32$, अतः उत्तर $+4$ होगा। गुणन के चिन्ह नियम विभाजन पर भी समान रूप से लागू होते हैं।

2. औपचारिक सिद्धांत एवं शून्य के नियम (The Formal Structure)

विभाजन के चिन्ह नियम:

  • $(+a) \div (+b) = +(a \div b)$ तथा $(-a) \div (-b) = +(a \div b)$ (समान चिन्ह → धनात्मक भागफल)।
  • $(+a) \div (-b) = -(a \div b)$ तथा $(-a) \div (+b) = -(a \div b)$ (विपरीत चिन्ह → ऋणात्मक भागफल)।
शून्य ($0$) के अनिवार्य नियम:
• शून्य को किसी भी अशून्य संख्या से भाग देने पर भागफल शून्य आता है: $\mathbf{0 \div a = 0}$ ($a \ne 0$)।
• किसी संख्या को शून्य से विभाजित करना अपरिभाषित (Undefined) है: $\mathbf{a \div 0 = \text{अपरिभाषित}}$। क्योंकि ऐसी कोई संख्या नहीं है जिसे $0$ से गुणा करने पर $a$ प्राप्त हो सके।

संवृत गुणधर्म का अपवाद: पूर्णांक योग, घटाव एवं गुणन के अंतर्गत संवृत (Closed) हैं, परन्तु विभाजन के अंतर्गत संवृत नहीं हैं, क्योंकि दो पूर्णांकों का भागफल सदैव पूर्णांक नहीं होता (उदा. $(-5) \div 2 = -2.5 \notin \mathbb{Z}$)।

3. चरणबद्ध हल किया गया उदाहरण (Concrete Worked Example)

उदाहरण: सरल कीजिए: $[(-81) \div (-9)] \div [(-27) \div (+9)]$

चरण 1 (कोष्ठकों को हल करें):

प्रथम कोष्ठक: $(-81) \div (-9) = +(81 \div 9) = +9$

द्वितीय कोष्ठक: $(-27) \div (+9) = -(27 \div 9) = -3$

चरण 2 (अंतिम विभाजन):

$(+9) \div (-3) = -(9 \div 3) = -3$

उत्तर: $\mathbf{-3}$

4. सामान्य भूल एवं परीक्षक का जाल (Pitfall & Examiner Trap)
⚠️ भ्रम: विभाजन में साहचर्य नियम लागू समझना
$[(-24) \div 6] \div 2 = (-4) \div 2 = -2$
परन्तु $(-24) \div [6 \div 2] = (-24) \div 3 = -8$
चूंकि $-2 \ne -8$, अतः विभाजन में साहचर्य नियम लागू नहीं होता।
5. जीवन में उपयोगिता (Why This Matters in Life)

कंप्यूटर प्रोसेसर में शून्य से विभाजन होने पर 'Division by Zero Error' से बचाने हेतु विशेष कोड लिखा जाता है।

5. बीजीय गुणधर्म: क्रमविनिमेय, साहचर्य एवं वितरण नियम (Algebraic Laws & Distributive Property)

1. मूल अवधारणा एवं अंतर्ज्ञान (The Intuition)

यदि आपको $(-35) \times 99$ की गणना मौखिक करनी हो, तो वितरण नियम का उपयोग करें: $(-35) \times (100 - 1) = (-3500) - (-35) = -3500 + 35 = -3465$। वितरण नियम जटिल गणनाओं को अत्यंत तीव्र एवं सुगम बना देता है।

2. औपचारिक सिद्धांत एवं नियमों की सूची (The Formal Structure)
  • क्रमविनिमेय नियम (Commutative Law):
    योग: $a + b = b + a$
    गुणन: $a \times b = b \times a$
  • साहचर्य नियम (Associative Law):
    योग: $(a + b) + c = a + (b + c)$
    गुणन: $(a \times b) \times c = a \times (b \times c)$
  • योज्य तत्समक (Additive Identity): $a + 0 = 0 + a = a$ ($0$ योज्य तत्समक है)।
  • गुणनात्मक तत्समक (Multiplicative Identity): $a \times 1 = 1 \times a = a$ ($1$ गुणनात्मक तत्समक है)।
  • वितरण नियम (Distributive Law):
    योग पर गुणन का वितरण: $\mathbf{a \times (b + c) = (a \times b) + (a \times c)}$
    घटाव पर गुणन का वितरण: $\mathbf{a \times (b - c) = (a \times b) - (a \times c)}$
3. चरणबद्ध हल किया गया उदाहरण (Concrete Worked Example)

उदाहरण: वितरण नियम का उपयोग कर मान ज्ञात कीजिए: $(-36) \times 74 + (-36) \times 26$

चरण 1 (उभयनिष्ठ गुणनखंड पहचानें): दोनों पदों में $(-36)$ उभयनिष्ठ है।

चरण 2 (वितरण नियम का अनुप्रयोग: $ab + ac = a(b + c)$):

$= (-36) \times [74 + 26]$

चरण 3 (कोष्ठक योग एवं गुणा):

$= (-36) \times 100 = \mathbf{-3600}$

उत्तर: $\mathbf{-3600}$

4. सामान्य भूल एवं परीक्षक का जाल (Pitfall & Examiner Trap)
⚠️ सामान्य भूल: घटाव में क्रमविनिमेयता मानना
$8 - 3 = 5$, परन्तु $3 - 8 = -5$। चूंकि $5 \ne -5$, अतः पूर्णांक घटाव एवं विभाजन में क्रमविनिमेय नियम लागू नहीं होता।
5. जीवन में उपयोगिता (Why This Matters in Life)

वित्तीय बजट निर्माण और वैज्ञानिक सुपरकंप्यूटर में बड़े डेटासेट के त्वरित गुणन में वितरण नियम अनिवार्य रूप से प्रयुक्त होता है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

निरपेक्ष मान
$$|+a| = a, \quad |-a| = a$$
दूरी सदैव अऋणात्मक
घटाव रूपांतरण
$$a - b = a + (-b), \quad a - (-b) = a + b$$
योज्य प्रतिलोम का योग
समान चिन्ह गुणन
$$(+) \times (+) = +, \quad (-) \times (-) = +$$
गुणनफल धनात्मक
विपरीत चिन्ह गुणन
$$(+) \times (-) = -, \quad (-) \times (+) = -$$
गुणनफल ऋणात्मक
वितरण नियम
$$a \times (b + c) = ab + ac$$
योग पर गुणन का वितरण
शून्य विभाजन
a 0 = अपरिभाषित (Undefined)
शून्य से भाग संभव नहीं

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
सरल कीजिए: $(-25) \times (-4) + (-25) \times (+6)$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
वितरण नियम से: $(-25) \times [(-4) + (+6)] = (-25) \times (+2) = \mathbf{-50}$
उत्तर: $\mathbf{-50}$
उदाहरण 2
मान ज्ञात कीजिए: $[(-144) \div (-12)] \div (-3)$
विस्तृत समाधान / उत्तर:
$[(-144) \div (-12)] = +12$
अतः $(+12) \div (-3) = \mathbf{-4}$
उत्तर: $\mathbf{-4}$
उदाहरण 3
एक स्थान का तापमान प्रातः 6 बजे $-4^\circ\text{C}$ था। दोपहर 2 बजे तक तापमान $11^\circ\text{C}$ बढ़ गया। दोपहर 2 बजे तापमान क्या था?
विस्तृत समाधान / उत्तर:
नया तापमान $= (-4^\circ\text{C}) + 11^\circ\text{C} = +(11 - 4) = \mathbf{+7^\circ\text{C}}$।
उत्तर: $\mathbf{+7^\circ\text{C}}$

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

दो ऋणात्मक पूर्णांकों के योग में धनात्मक चिन्ह लगाना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

$(-a) + (-b) = -(a + b)$। जैसे: $(-4) + (-6) = -10$, $+10$ नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

शून्य से भाग का उत्तर शून्य लिख देना ($a \div 0 = 0$)।

सही वैज्ञानिक तथ्य

$0 \div a = 0$, परन्तु $a \div 0$ अपरिभाषित (Undefined) है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

$-x^2$ तथा $(-x)^2$ को समान समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

$-4^2 = -16$, परन्तु $(-4)^2 = +16$।

चित्रात्मक व्याख्या एवं मॉडल

WBBSE गणित प्रभा: पूर्णांक संख्या रेखा एवं चिन्ह दिशा-सूचक

संख्या रेखा पर शून्य, दिशात्मक मान एवं गुणन के सार्वभौमिक नियम
-6 -5 -4 -3 -2 -1 0 मूलबिंदु (शून्य) +1 +2 +3 +4 +5 +6 ← ऋणात्मक पूर्णांक (मान घटता है) धनात्मक पूर्णांक (मान बढ़ता है) →
समान चिन्ह
$(+) \times (+) = \mathbf{+}$
$(+5) \times (+4) = +20$
समान चिन्ह
$(-) \times (-) = \mathbf{+}$
$(-5) \times (-4) = +20$
विपरीत चिन्ह
$(+) \times (-) = \mathbf{-}$
$(+5) \times (-4) = -20$
विपरीत चिन्ह
$(-) \times (+) = \mathbf{-}$
$(-5) \times (+4) = -20$

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
पूर्णांक समुच्चय ($\mathbb{Z}$): धनात्मक, शून्य एवं ऋणात्मक संख्याओं का पूर्ण समुच्चय।
मुख्य बिंदु 2
निरपेक्ष मान ($|x|$): मूलबिंदु से दूरी, जो सदैव अऋणात्मक होती है।
मुख्य बिंदु 3
योज्य प्रतिलोम: $a$ का योज्य प्रतिलोम $-a$ है, क्योंकि $a + (-a) = 0$।
मुख्य बिंदु 4
घटाव नियम: $a - b = a + (-b)$ तथा $a - (-b) = a + b$।
मुख्य बिंदु 5
समान चिन्ह गुणन/भाग: समान चिन्हों का गुणन व भाग सदैव धनात्मक होता है।
मुख्य बिंदु 6
विपरीत चिन्ह गुणन/भाग: विपरीत चिन्हों का गुणन व भाग सदैव ऋणात्मक होता है।
मुख्य बिंदु 7
शून्य के गुण: $0 \div a = 0$ ($a \ne 0$), परन्तु $a \div 0$ अपरिभाषित है।
मुख्य बिंदु 8
वितरण नियम: $a \times (b + c) = ab + ac$ एवं $a \times (b - c) = ab - ac$।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
मान ज्ञात कीजिए: $(-18) - (-30) + (-12)$
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $(-18) + 30 + (-12) = 30 + [(-18) + (-12)] = 30 + (-30) = \mathbf{0}$
$-(-30)$ को $+30$ में बदलें।
2
$(-1)$ को 50 बार परस्पर गुणा करने पर क्या प्राप्त होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $\mathbf{+1}$ — चूंकि ऋणात्मक गुणनखंडों की संख्या 50 (सम संख्या) है।
घात की समता या विषमता देखें: $(-1)^{50} = +1$।
3
वितरण नियम से मान ज्ञात कीजिए: $(-38) \times 101$
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $(-38) \times (100 + 1) = (-3800) + (-38) = \mathbf{-3838}$
$101$ को $(100 + 1)$ में विभाजित करें।
4
एक पनडुब्बी समुद्र तल से 400 मीटर नीचे ($-400\text{ m}$) थी। यदि वह 150 मीटर ऊपर आ जाए, तो उसकी स्थिति क्या होगी?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $-400 + 150 = \mathbf{-250\text{ m}}$ (समुद्र तल से 250 मीटर नीचे)।
ऊपर आने के लिए $+150$ जोड़ें।
5
सरल कीजिए: $[(-60) \div 5] \div (-3)$
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: $[(-60) \div 5] = -12$; तत्पश्चात $(-12) \div (-3) = \mathbf{+4}$
पहले कोष्ठक हल करें: $-12 \div (-3) = +4$।
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कक्षा 7 Mathematics (গণিত প্রভা) के सभी अध्याय

अध्याय 1: पिछले पाठों की पुनरावृत्ति अध्याय 2: अनुपात अध्याय 3: समानुपात अध्याय 4: पूर्णांकों का जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग अध्याय 5: घातांक की अवधारणा अध्याय 6: बीजीय संक्रियाएँ अध्याय 7: कम्पास की सहायता से विशिष्ट कोणों की रचना अध्याय 8: त्रिभुजों की रचना अध्याय 9: सर्वांगसमता की अवधारणा अध्याय 10: सन्निकटन अध्याय 11: भिन्नों का वर्गमूल अध्याय 12: बीजीय सूत्र अध्याय 13: समांतर रेखाएँ एवं तिर्यक रेखा अध्याय 14: त्रिभुज के गुणधर्म अध्याय 15: समय और दूरी अध्याय 16: द्वि-दंड आलेख अध्याय 17: आयत और वर्ग का क्षेत्रफल अध्याय 18: सममिति अध्याय 19: गुणनखंडन अध्याय 20: चतुर्भुजों का वर्गीकरण अध्याय 21: चतुर्भुजों की रचना अध्याय 22: समीकरण निर्माण एवं समाधान

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