मूल सिद्धांत एवं परिभाषा (Core Definition)
सर्वांगसमता: जब दो आकृतियों का आकार (Shape) और आमाप (Size) दोनों पूर्णतः समान हों, तो वे सर्वांगसम (Congruent) कहलाती हैं।
अध्यारोपण विधि (Superposition): एक आकृति को उठाकर दूसरी पर रखने पर यदि वह उसे पूरी तरह ढक ले, तो वे सर्वांगसम होती हैं।
प्रतीक: $\cong$ ($\sim$ समान आकार दर्शाता है, $=$ समान माप दर्शाता है)।
संगत भाग एवं एकैकी संगति
यदि $\triangle ABC \cong \triangle DEF$ है, तो $A \leftrightarrow D, B \leftrightarrow E, C \leftrightarrow F$। संगत भुजाएं ($AB = DE, BC = EF, AC = DF$) और संगत कोण ($\angle A = \angle D, \angle B = \angle E, \angle C = \angle F$) बराबर होते हैं।
हल सहित उदाहरण (Worked Example)
उदाहरण: यदि $\triangle PQR \cong \triangle XYZ$ है, तो भुजा $QR$ के संगत भुजा $YZ$ होगी और कोण $\angle P$ के संगत कोण $\angle X$ होगा।
सावधानी (Common Mistake)
शीर्षों का क्रम बदलना: $\triangle ABC \cong \triangle DEF$ की जगह $\triangle ABC \cong \triangle EDF$ लिखना गलत होगा। क्रम संगत शीर्षों के अनुसार ही होना चाहिए।
व्यावहारिक अनुप्रयोग (Real-World Application)
औद्योगिक विनिर्माण: नट-बोल्ट और मोबाइल फोन के पार्ट्स सर्वांगसम बनाए जाते हैं ताकि वे किसी भी उपकरण में सटीक रूप से फिट बैठ सकें।