1989 के चुनाव के बाद भारत की राजनीति में पाँच ऐसे अभूतपूर्व परिवर्तन आए, जिन्होंने आज तक की भारतीय राजनीतिक संरचना को पूरी तरह बदल कर रख दिया। CBSE बोर्ड परीक्षा में यह प्रश्न 6 अंकों के लिए अत्यंत लोकप्रिय है:
- 1. कांग्रेस प्रणाली का अंत (End of the Congress System):
1952 से 1989 तक (1977 के ढाई साल के अपवाद को छोड़कर) केंद्र में कांग्रेस की ही निर्विवाद सरकार रही थी। 1989 में कांग्रेस 197 सीटों पर सिमट गई और यद्यपि वह सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन उसने विपक्ष में बैठने का फैसला किया। 1989 के बाद किसी एक पार्टी का वर्चस्व समाप्त हो गया और बहुदलीय गठबंधन राजनीति का दौर शुरू हुआ। - 2. 'मंडल मुद्दा' और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की राजनीति का उभार:
अगस्त 1990 में राष्ट्रीय मोर्चा के प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह ने केंद्रीय सरकारी नौकरियों में 'अन्य पिछड़ा वर्ग' (Other Backward Classes - OBC) के लिए 27% आरक्षण लागू करने की घोषणा कर दी। इसके बाद देश भर में भीषण छात्र आंदोलन, आत्मदाह और हिंसा हुई। इस फैसले ने भारतीय राजनीति में सामाजिक न्याय और पिछड़ी जातियों (यादव, कुर्मी, कोइरी, जाट आदि) को सत्ता का केंद्रबिंदु बना दिया। - 3. नई आर्थिक नीतियाँ (New Economic Policy - 1991):
1991 में भारत भयंकर भुगतान संतुलन संकट (विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 2 सप्ताह के आयात लायक बचा था) में फँस गया। प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव और वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने समाजवाद-प्रेरित 'लाइसेंस-परमिट राज' को समाप्त कर LPG (Liberalisation, Privatisation, Globalisation) यानी उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों को अपनाया, जिससे भारत की विकास दर 8-9% तक पहुँची। - 4. अयोध्या विवाद और हिंदुत्व की राजनीति का उदय:
दिसंबर 1992 में अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे का विध्वंस हुआ। इस घटना ने देश में धर्मनिरपेक्षता बनाम राष्ट्रवाद की एक तीखी बहस को जन्म दिया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एक प्रमुख राष्ट्रीय दल के रूप में तीव्र उत्थान हुआ। - 5. राजीव गांधी की हत्या (21 मई 1991):
तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी सभा के दौरान श्रीलंकाई तमिल उग्रवादी संगठन LTTE के आत्मघाती हमलावर ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी। इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस में नेहरू-गांधी परिवार से बाहर के नेता पी.वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने और कांग्रेस ने नए नेतृत्व में कार्य करना शुरू किया।