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WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 3
अनुमानित समय: 70 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

त्रिकोणमितीय फलन

कक्षा 10 की समकोण त्रिभुज आधारित स्थिर अनुपातों की त्रिकोणमिति कक्षा 11 में आकर कार्तीय तल के इकाई वृत्त पर परिभाषित सतत वास्तविक आवर्ती फलनों में रूपांतरित हो जाती है। कोण मापन में षाष्टिक पद्धति की डिग्री के स्थान पर वृत्तीय पद्धति के रेडियन को प्राथमिक इकाई माना जाता है, जो वृत्त की त्रिज्या के बराबर लंबाई वाले चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित अचर कोण को दर्शाता है तथा आधारभूत सूत्र s = rθ प्रदान करता है। इकाई वृत्त x² + y² = 1 पर किसी भी कोण की अंतिम भुजा का प्रतिच्छेद बिंदु P(x, y) = (cos θ, sin θ) निर्धारित होता है, जिससे कोण धनात्मक, ऋणात्मक अथवा किसी भी संख्या के पूर्ण चक्रों का वास्तविक मान ग्रहण कर सकते हैं। चारों चतुर्थांशों में छह त्रिकोणमितीय फलनों के चिन्ह ASTC (All, Sin, Tan, Cos) नियम द्वारा शासित होते हैं। साइन और कोसाइन फलनों का परिसर [-1, 1] तथा मौलिक आवर्तकाल 2π होता है, जबकि स्पर्शज्या (टैनजेंट) का आवर्तकाल π होता है। संयुक्त कोणों के योग-अंतर सूत्र, गुणनफल को योग में तथा योग को गुणनफल में बदलने वाले C-D रूपांतरण सूत्र, और गुणितक व अपवर्तक कोणों की सर्वसमिकाएं उच्च गणित के मुख्य संक्रियात्मक आधार हैं। अंत में त्रिकोणमितीय समीकरणों के हल एकाकी मानों के बजाय पूर्णांक n ∈ ℤ से युक्त अनंत व्यापक हलों के रूप में प्राप्त किए जाते हैं।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBCHSE) कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा, WBJEE तथा JEE Main जैसी उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में त्रिकोणमितीय फलन सर्वाधिक अंक-भार वाले अध्यायों में से एक है। अवकलन और समाकलन में सीमाओं (Limits), अवकलों और मानक समाकलों का निर्धारण सीधे त्रिकोणमितीय प्रतिस्थापनों पर निर्भर करता है। भौतिकी में सरल आवर्त गति (SHM), तरंग यांत्रिकी, प्रत्यावर्ती धारा (AC परिपथ) तथा क्वांटम यांत्रिकी के तरंग समीकरण साइन और कोसाइन फलनों के आवर्तकाल पर ही संचालित होते हैं। आधुनिक डिजिटल संचार में जेपीईजी (JPEG) छवि संपीड़न और एमपीथ्री (MP3) ऑडियो कोडिंग में प्रयुक्त डिस्क्रीट कोसाइन ट्रांसफॉर्म (DCT) त्रिकोणमिति का ही व्यावहारिक अनुप्रयोग है। WBCHSE परीक्षा में सम्बद्ध कोणों के मान, त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं की उपपत्ति और व्यापक हल ज्ञात करने से संबंधित 4 से 8 अंकों के प्रश्न प्रतिवर्ष अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. कोण की संकल्पना, षाष्टिक एवं वृत...
2 2. इकाई वृत्त द्वारा त्रिकोणमितीय फ...
3 3. सम्बद्ध कोणों के त्रिकोणमितीय अन...
4 4. संयुक्त कोण (Compound Angles) के...
5 5. रूपांतरण सूत्र, अपवर्त्य (Multip...
6 6. त्रिकोणमितीय समीकरण एवं उनके व्य...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. कोण की संकल्पना, षाष्टिक एवं वृत्तीय (रेडियन) मापन पद्धतियाँ

प्रारंभिक ज्यामिति में कोण को दो स्थिर रेखाओं के झुकाव के रूप में देखा जाता है, परंतु उच्च गणित में एक किरण के अपने स्थिर शीर्ष के परितः घूर्णन से त्रिकोणमितीय कोण उत्पन्न होता है।

1.1 कोण की दिशा एवं चिन्ह परिपाटी
  • धनात्मक कोण (Positive Angle): जब घूर्णन करने वाली किरण अपनी प्रारंभिक स्थिति से वामावर्त (घड़ी की सुई के विपरीत - Anti-clockwise) दिशा में घूमती है।
  • ऋणात्मक कोण (Negative Angle): जब किरण दक्षिणावर्त (घड़ी की सुई की दिशा - Clockwise) में घूमती है।
  • ज्यामितीय कोण केवल $0^\circ$ से $360^\circ$ तक सीमित होते हैं, परंतु त्रिकोणमितीय कोण घूर्णनों की संख्या और दिशा के आधार पर $-\infty$ से $+\infty$ तक कोई भी वास्तविक मान ग्रहण कर सकते हैं।
1.2 कोण मापन की पद्धतियाँ
पद्धति मूल मात्रक उप-मात्रक एवं संबंध
षाष्टिक पद्धति (Sexagesimal System) डिग्री ($^\circ$) 1 समकोण = $90^\circ$, $1^\circ = 60'$ (मिनट), $1' = 60''$ (सेकंड)।
वृत्तीय पद्धति (Circular System) रेडियन ($\text{rad}$ या $^c$) किसी वृत्त की त्रिज्या के बराबर लंबाई वाले चाप द्वारा वृत्त के केंद्र पर अंतरित कोण को 1 रेडियन कहते हैं।
1.3 प्रमेय: एक रेडियन एक अचर कोण होता है

माना $r$ त्रिज्या वाले वृत्त का केंद्र $O$ है। त्रिज्या $OA = r$ है। वृत्त की परिधि पर त्रिज्या के बराबर $r$ लंबाई का एक चाप $AB$ लिया गया। परिभाषा अनुसार केंद्रीय कोण $\angle AOB = 1 \text{ रेडियन}$।

चूँकि वृत्त के चापों द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण चाप की लंबाइयों के समानुपाती होते हैं:

$$\frac{\angle AOB}{\text{एक सरल कोण}} = \frac{\text{चाप } AB}{\text{अर्ध-परिधि}} = \frac{r}{\pi r} = \frac{1}{\pi}$$ $$\implies 1 \text{ रेडियन} = \frac{180^\circ}{\pi} \quad \text{तथा} \quad \pi \text{ रेडियन} = 180^\circ$$

संख्यात्मक मान:

  • $1 \text{ रेडियन} = \frac{180^\circ}{\pi} \approx 57^\circ 16' 22''$ (लगभग)।
  • $1^\circ = \frac{\pi}{180} \text{ रेडियन} \approx 0.017453 \text{ रेडियन}$।
1.4 चाप की लंबाई एवं त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल

यदि वृत्त की त्रिज्या $r$ हो तथा केंद्र पर बना कोण $\theta$ रेडियन में मापा गया हो:

  1. चाप की लंबाई का सूत्र: $$\mathbf{s = r\theta} \iff \theta = \frac{s}{r} \quad (\theta \text{ अनिवार्यतः रेडियन में})$$
  2. त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल सूत्र: $$\mathbf{\text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{2} r^2 \theta = \frac{1}{2} r s}$$
परीक्षा चेतावनी: $s = r\theta$ सूत्र में $\theta$ का मान सीधे डिग्री में रखने पर उत्तर पूर्णतः गलत होगा! पहले डिग्री को रेडियन में बदलना आवश्यक है: $\theta_{\text{rad}} = \theta_{\text{deg}} \times \frac{\pi}{180}$।

2. इकाई वृत्त द्वारा त्रिकोणमितीय फलन, चतुर्थांश नियम (ASTC)

केवल समकोण त्रिभुज के न्यूनकोणों तक सीमित न रहकर किसी भी वास्तविक कोण के लिए फलनों को परिभाषित करने हेतु इकाई वृत्त (Unit Circle) का उपयोग किया जाता है।

2.1 इकाई वृत्त द्वारा फलनों की परिभाषा

कार्तीय तल में मूलबिंदु $(0, 0)$ पर केंद्र वाले $r = 1$ त्रिज्या के वृत्त का समीकरण $x^2 + y^2 = 1$ होता है। जब कोई कोण $\theta$ बनता है, तो उसकी अंतिम भुजा इकाई वृत्त को $P(x, y)$ बिंदु पर काटती है।

निर्देशांक आधारित परिभाषाएँ: $$\mathbf{x = \cos \theta}, \quad \mathbf{y = \sin \theta}$$ $$\tan \theta = \frac{y}{x} = \frac{\sin \theta}{\cos \theta} \quad (x \neq 0)$$ $$\cot \theta = \frac{x}{y} = \frac{\cos \theta}{\sin \theta} \quad (y \neq 0), \quad \sec \theta = \frac{1}{x} = \frac{1}{\cos \theta}, \quad \csc \theta = \frac{1}{y} = \frac{1}{\sin \theta}$$

चूँकि $P(x, y)$ बिंदु $x^2 + y^2 = 1$ पर स्थित है, मान प्रतिस्थापित करने पर पाइथागोरस की मूलभूत सर्वसमिका प्राप्त होती है:

$$\cos^2 \theta + \sin^2 \theta = 1 \quad \forall \theta \in \mathbb{R}$$
2.2 चतुर्थांशों में चिन्हों का निर्धारण: ASTC नियम

चारों चतुर्थांशों में $x$ और $y$ निर्देशांकों के चिन्हों के आधार पर फलनों के धनात्मक और ऋणात्मक चिन्ह निश्चित होते हैं:

चतुर्थांश कोण परिसर निर्देशांक चिन्ह धनात्मक फलन याद रखने का सूत्र
प्रथम चतुर्थांश (Q I) $0 < \theta < \pi/2$ $x > 0, y > 0$ सभी फलन (ALL) धनात्मक All
द्वितीय चतुर्थांश (Q II) $\pi/2 < \theta < \pi$ $x < 0, y > 0$ साइन (Sin) एवं कोसेकेंट (Csc) Silver / Sugar
तृतीय चतुर्थांश (Q III) $\pi < \theta < 3\pi/2$ $x < 0, y < 0$ टैनजेंट (Tan) एवं कोटैनजेंट (Cot) Tea
चतुर्थ चतुर्थांश (Q IV) $3\pi/2 < \theta < 2\pi$ $x > 0, y < 0$ कोसाइन (Cos) एवं सेकेंट (Sec) Cups
2.3 त्रिकोणमितीय फलनों के प्रांत, परिसर एवं आवर्तकाल
फलन प्रांत (Domain) परिसर (Range) मौलिक आवर्तकाल ($T$)
$f(x) = \sin x$ $\mathbb{R}$ $[-1, 1]$ $2\pi$ ($360^\circ$)
$f(x) = \cos x$ $\mathbb{R}$ $[-1, 1]$ $2\pi$ ($360^\circ$)
$f(x) = \tan x$ $\mathbb{R} - \{(2n+1)\frac{\pi}{2} : n \in \mathbb{Z}\}$ $\mathbb{R}$ ($(-\infty, \infty)$) $\pi$ ($180^\circ$)
$f(x) = \csc x$ $\mathbb{R} - \{n\pi : n \in \mathbb{Z}\}$ $(-\infty, -1] \cup [1, \infty)$ $2\pi$ ($360^\circ$)
$f(x) = \sec x$ $\mathbb{R} - \{(2n+1)\frac{\pi}{2} : n \in \mathbb{Z}\}$ $(-\infty, -1] \cup [1, \infty)$ $2\pi$ ($360^\circ$)
$f(x) = \cot x$ $\mathbb{R} - \{n\pi : n \in \mathbb{Z}\}$ $\mathbb{R}$ ($(-\infty, \infty)$) $\pi$ ($180^\circ$)
2.4 सम एवं विषम फलन (Even & Odd Functions)
  • सम फलन ($y$-अक्ष के परितः प्रतिसम): $$\cos(-\theta) = \cos \theta, \quad \sec(-\theta) = \sec \theta$$
  • विषम फलन (मूलबिंदु के परितः प्रतिसम): $$\sin(-\theta) = -\sin \theta, \quad \tan(-\theta) = -\tan \theta, \quad \csc(-\theta) = -\csc \theta, \quad \cot(-\theta) = -\cot \theta$$

3. सम्बद्ध कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात (Reduction Formulas)

दो कोणों का योग अथवा अंतर यदि शून्य या एक समकोण ($\frac{\pi}{2}$ अथवा $90^\circ$) का पूर्ण गुणज हो, तो उन्हें सम्बद्ध कोण (Allied Angles) कहा जाता है।

3.1 $n \cdot \frac{\pi}{2} \pm \theta$ रूप के कोणों का सार्वभौमिक रूपांतरण नियम

किसी भी कोण को $n \cdot \frac{\pi}{2} \pm \theta$ रूप में व्यक्त करके ($n \in \mathbb{Z}$ तथा $\theta$ न्यूनकोण) मान ज्ञात करने के दो नियम:

  1. नियम 1 ($n$ की समता/विषमता):
    • यदि $n$ सम संख्या हो ($n = 0, \pm 2, \pm 4, \dots$), तो त्रिकोणमितीय फलन का नाम अपरिवर्तित रहता है ($\sin \to \sin$, $\cos \to \cos$, $\tan \to \tan$)।
    • यदि $n$ विषम संख्या हो ($n = \pm 1, \pm 3, \pm 5, \dots$), तो फलन अपने सह-फलन में परिवर्तित हो जाता है: $$\sin \longleftrightarrow \cos, \quad \tan \longleftrightarrow \cot, \quad \sec \longleftrightarrow \csc$$
  2. नियम 2 (चिन्ह का निर्धारण): $\theta$ को धनात्मक न्यूनकोण मानकर देखें कि कोण $\left(n \cdot \frac{\pi}{2} \pm \theta\right)$ किस चतुर्थांश में पड़ता है। ASTC नियम के अनुसार उस चतुर्थांश में मूल फलन का जो चिन्ह होता है, वही चिन्ह परिणाम के आगे लगाया जाता है।
3.2 मानक सम्बद्ध कोण तालिका
कोण ($\alpha$) $\sin \alpha$ $\cos \alpha$ $\tan \alpha$ चतुर्थांश
$-\theta$ $-\sin \theta$ $+\cos \theta$ $-\tan \theta$ चतुर्थ
$\frac{\pi}{2} - \theta$ ($90^\circ - \theta$) $+\cos \theta$ $+\sin \theta$ $+\cot \theta$ प्रथम
$\frac{\pi}{2} + \theta$ ($90^\circ + \theta$) $+\cos \theta$ $-\sin \theta$ $-\cot \theta$ द्वितीय
$\pi - \theta$ ($180^\circ - \theta$) $+\sin \theta$ $-\cos \theta$ $-\tan \theta$ द्वितीय
$\pi + \theta$ ($180^\circ + \theta$) $-\sin \theta$ $-\cos \theta$ $+\tan \theta$ तृतीय
$\frac{3\pi}{2} - \theta$ ($270^\circ - \theta$) $-\cos \theta$ $-\sin \theta$ $+\cot \theta$ तृतीय
$\frac{3\pi}{2} + \theta$ ($270^\circ + \theta$) $-\cos \theta$ $+\sin \theta$ $-\cot \theta$ चतुर्थ
$2\pi - \theta$ ($360^\circ - \theta$) $-\sin \theta$ $+\cos \theta$ $-\tan \theta$ चतुर्थ

4. संयुक्त कोण (Compound Angles) के योग एवं अंतर प्रमेय

दो या दो से अधिक कोणों के बीजगणितीय योग या अंतर से बने कोण (जैसे $A + B$ या $A - B$) को संयुक्त कोण (Compound Angle) कहते हैं।

4.1 मूलभूत योग एवं अंतर सूत्र
  1. कोसाइन के सूत्र: $$\cos(A + B) = \cos A \cos B - \sin A \sin B$$ $$\cos(A - B) = \cos A \cos B + \sin A \sin B$$
  2. साइन के सूत्र: $$\sin(A + B) = \sin A \cos B + \cos A \sin B$$ $$\sin(A - B) = \sin A \cos B - \cos A \sin B$$
  3. टैनजेंट के सूत्र: $$\tan(A + B) = \frac{\tan A + \tan B}{1 - \tan A \tan B}$$ $$\tan(A - B) = \frac{\tan A - \tan B}{1 + \tan A \tan B}$$
  4. कोटैनजेंट के सूत्र: $$\cot(A + B) = \frac{\cot A \cot B - 1}{\cot B + \cot A}$$ $$\cot(A - B) = \frac{\cot A \cot B + 1}{\cot B - \cot A}$$
4.2 विशिष्ट कोणों के सटीक मान

$45^\circ - 30^\circ = 15^\circ$ तथा $45^\circ + 30^\circ = 75^\circ$ का उपयोग करके:

  • $\sin 15^\circ = \sin(45^\circ - 30^\circ) = \frac{\sqrt{6} - \sqrt{2}}{4} = \cos 75^\circ$
  • $\cos 15^\circ = \cos(45^\circ - 30^\circ) = \frac{\sqrt{6} + \sqrt{2}}{4} = \sin 75^\circ$
  • $\tan 15^\circ = \frac{\sqrt{6} - \sqrt{2}}{\sqrt{6} + \sqrt{2}} = 2 - \sqrt{3} = \cot 75^\circ$
  • $\tan 75^\circ = 2 + \sqrt{3} = \cot 15^\circ$
4.3 संयुक्त कोणों के गुणनफल सर्वसमिकाएं
$$\sin(A + B)\sin(A - B) = \sin^2 A - \sin^2 B = \cos^2 B - \cos^2 A$$ $$\cos(A + B)\cos(A - B) = \cos^2 A - \sin^2 B = \cos^2 B - \sin^2 A$$

5. रूपांतरण सूत्र, अपवर्त्य (Multiple) एवं अपवर्तक (Submultiple) कोण

कैलकुलस के समाकलन में गुणनफल को योग में और समीकरण हल करने में योग को गुणनफल में रूपांतरित करना अत्यंत आवश्यक होता है।

5.1 गुणनफल से योग अथवा अंतर में रूपांतरण सूत्र
$$2 \sin A \cos B = \sin(A + B) + \sin(A - B)$$ $$2 \cos A \sin B = \sin(A + B) - \sin(A - B)$$ $$2 \cos A \cos B = \cos(A + B) + \cos(A - B)$$ $$2 \sin A \sin B = \cos(A - B) - \cos(A + B)$$
5.2 योग अथवा अंतर से गुणनफल में रूपांतरण (C-D सूत्र)

$A + B = C$ तथा $A - B = D$ मानकर प्राप्त होता है:

$$\sin C + \sin D = 2 \sin\frac{C + D}{2} \cos\frac{C - D}{2}$$ $$\sin C - \sin D = 2 \cos\frac{C + D}{2} \sin\frac{C - D}{2}$$ $$\cos C + \cos D = 2 \cos\frac{C + D}{2} \cos\frac{C - D}{2}$$ $$\cos C - \cos D = 2 \sin\frac{C + D}{2} \sin\frac{D - C}{2} = -2 \sin\frac{C + D}{2} \sin\frac{C - D}{2}$$
5.3 द्विगुण कोण सूत्र ($2\theta$)
  1. $\sin 2\theta = 2 \sin \theta \cos \theta = \frac{2\tan \theta}{1 + \tan^2 \theta}$
  2. $\cos 2\theta = \cos^2 \theta - \sin^2 \theta = 2\cos^2 \theta - 1 = 1 - 2\sin^2 \theta = \frac{1 - \tan^2 \theta}{1 + \tan^2 \theta}$
  3. घात न्यूनकरण संबंध (कैलकुलस हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण): $$\mathbf{1 - \cos 2\theta = 2 \sin^2 \theta} \iff \sin^2 \theta = \frac{1 - \cos 2\theta}{2}$$ $$\mathbf{1 + \cos 2\theta = 2 \cos^2 \theta} \iff \cos^2 \theta = \frac{1 + \cos 2\theta}{2}$$ $$\frac{1 - \cos 2\theta}{1 + \cos 2\theta} = \tan^2 \theta$$
  4. $\tan 2\theta = \frac{2\tan \theta}{1 - \tan^2 \theta}$
5.4 त्रिगुण कोण सूत्र ($3\theta$)
  • $\sin 3\theta = 3 \sin \theta - 4 \sin^3 \theta$
  • $\cos 3\theta = 4 \cos^3 \theta - 3 \cos \theta$
  • $\tan 3\theta = \frac{3 \tan \theta - \tan^3 \theta}{1 - 3 \tan^2 \theta}$
5.5 विशिष्ट अपवर्तक कोणों के मान ($18^\circ$ एवं $36^\circ$)
  • $\sin 18^\circ = \frac{\sqrt{5} - 1}{4} = \cos 72^\circ$
  • $\cos 36^\circ = \frac{\sqrt{5} + 1}{4} = \sin 54^\circ$

6. त्रिकोणमितीय समीकरण एवं उनके व्यापक हल

जिस समीकरण में किसी अज्ञात कोण के त्रिकोणमितीय फलन उपस्थित हों, उसे त्रिकोणमितीय समीकरण कहते हैं। फलनों की आवर्ती प्रकृति के कारण इनके अनंत हल होते हैं।

6.1 मुख्य हल बनाम व्यापक हल
  • मुख्य हल (Principal Solution): प्रथम चक्र $[0, 2\pi)$ अथवा $[0^\circ, 360^\circ)$ के अंतराल में आने वाले हल। सामान्यतः किसी समीकरण के दो मुख्य हल होते हैं।
  • व्यापक हल (General Solution): पूर्णांक प्राचल $n \in \mathbb{Z}$ से युक्त बीजगणितीय व्यंजक जो समीकरण के समस्त संभावित वास्तविक हलों को एक साथ व्यक्त करता है।
6.2 व्यापक हल के मास्टर प्रमेय
समीकरण रूप व्यापक हल सूत्र ($n \in \mathbb{Z}$) तार्किक आधार
$\sin \theta = 0$ $\mathbf{\theta = n\pi}$ $x$-अक्ष पर साइन शून्य होता है
$\cos \theta = 0$ $\mathbf{\theta = (2n + 1)\frac{\pi}{2}}$ $y$-अक्ष पर कोसाइन शून्य होता है
$\tan \theta = 0$ $\mathbf{\theta = n\pi}$ अंश $\sin\theta = 0$
$\sin \theta = \sin \alpha$ $\mathbf{\theta = n\pi + (-1)^n \alpha}$ $(-1)^n$ पद प्रथम व द्वितीय पाद के चिन्हों को संतुलित करता है
$\cos \theta = \cos \alpha$ $\mathbf{\theta = 2n\pi \pm \alpha}$ सम प्रतिसाम्य $\cos(-\alpha) = \cos \alpha$
$\tan \theta = \tan \alpha$ $\mathbf{\theta = n\pi + \alpha}$ टैनजेंट का मौलिक आवर्तकाल $\pi$ है
$\sin^2 \theta = \sin^2 \alpha$
$\cos^2 \theta = \cos^2 \alpha$
$\tan^2 \theta = \tan^2 \alpha$
$\mathbf{\theta = n\pi \pm \alpha}$ वर्गों का एकीकृत प्रमेय
6.3 रैखिक सहायक समीकरण हल करना: $a \cos \theta + b \sin \theta = c$

$a \cos \theta + b \sin \theta = c$ समीकरण को हल करने की विधि:

  1. दोनों पक्षों को $r = \sqrt{a^2 + b^2}$ से भाग दें: $$\frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2}} \cos \theta + \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2}} \sin \theta = \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2}}$$
  2. $\cos \phi = \frac{a}{\sqrt{a^2 + b^2}}$ तथा $\sin \phi = \frac{b}{\sqrt{a^2 + b^2}}$ मानकर समीकरण बनता है: $$\cos(\theta - \phi) = \frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2}}$$
  3. वास्तविक हल के अस्तित्व की शर्त: $$\left|\frac{c}{\sqrt{a^2 + b^2}}\right| \le 1 \iff \mathbf{|c| \le \sqrt{a^2 + b^2}}$$ व्यंजक का न्यूनतम मान $-\sqrt{a^2+b^2}$ तथा अधिकतम मान $+\sqrt{a^2+b^2}$ होता है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

चाप लंबाई एवं रेडियन सूत्र
s = rθ
केंद्रीय कोण θ अनिवार्य रूप से रेडियन में होना चाहिए; π रेडियन = 180°।
पाइथागोरस की मूलभूत त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं
sin²θ + cos²θ = 1
इकाई वृत्त x² + y² = 1 से सीधे प्रतिपादित।
संयुक्त कोणों के योग एवं अंतर सूत्र
sin(A±B), cos(A±B)
कोसाइन में योग के लिए ऋण तथा अंतर के लिए धन चिन्ह आता है।
अपवर्त्य कोण एवं घात न्यूनकरण सूत्र
1 ± cos 2θ
कैलकुलस के समाकलन में यह घात न्यूनकरण सूत्र सर्वाधिक उपयोगी होता है।
योग से गुणनफल रूपांतरण (C-D सूत्र)
C-D Formulas
कोसाइन के अंतर में दूसरे पद का कोण D - C होता है या बाहर ऋण चिन्ह लगता है।
त्रिकोणमितीय समीकरणों का व्यापक हल
θ = nπ + (-1)ⁿα
tan θ = tan α के लिए θ = nπ + α; जहाँ n कोई भी पूर्णांक है (n ∈ ℤ)।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
एक पहिया एक मिनट में 360 परिक्रमा करता है। एक सेकंड में पहिया कितने रेडियन कोण घूमेगा? [2 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: प्रति सेकंड परिक्रमा संख्या ज्ञात करना: 60 सेकंड (1 मिनट) में परिक्रमा = 360. $$\text{1 सेकंड में परिक्रमा संख्या} = \frac{360}{60} = 6 \text{ परिक्रमा}$$
चरण 2: रेडियन में कोण का निर्धारण: एक पूर्ण परिक्रमा में पहिया $2\pi$ रेडियन ($360^\circ$) कोण घूमता है। $$\text{1 सेकंड में घुमा गया कुल कोण} = 6 \times 2\pi = \mathbf{12\pi \text{ रेडियन}}$$
निष्कर्ष: पहिया एक सेकंड में $12\pi$ रेडियन कोण घूमेगा।
उदाहरण 2
यदि \(\cos x = -\frac{3}{5}\) हो तथा \(x\) तृतीय चतुर्थांश में स्थित हो, तो अन्य पाँचों त्रिकोणमितीय फलनों के मान ज्ञात कीजिए। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: चतुर्थांश एवं ASTC चिन्हों की पहचान: चूँकि $x$ तृतीय चतुर्थांश ($\pi < x < \frac{3\pi}{2}$) में स्थित है:
  • टैनजेंट ($\tan x$) एवं कोटैनजेंट ($\cot x$) धनात्मक होंगे।
  • साइन ($\sin x$), कोसाइन ($\cos x$), सेकेंट ($\sec x$) एवं कोसेकेंट ($\csc x$) ऋणात्मक होंगे।

चरण 2: $\sin x$ का मान ज्ञात करना: मूलभूत सर्वसमिका $\sin^2 x + \cos^2 x = 1$ से: $$\sin^2 x = 1 - \cos^2 x = 1 - \left(-\frac{3}{5}\right)^2 = 1 - \frac{9}{25} = \frac{16}{25}$$ तृतीय चतुर्थांश में $\sin x < 0$, अतः: $$\mathbf{\sin x = -\frac{4}{5}}$$
चरण 3: शेष अनुपातों के मान: $$\mathbf{\sec x = \frac{1}{\cos x} = -\frac{5}{3}}$$ $$\mathbf{\csc x = \frac{1}{\sin x} = -\frac{5}{4}}$$ $$\mathbf{\tan x = \frac{\sin x}{\cos x} = \frac{-4/5}{-3/5} = +\frac{4}{3}}$$ $$\mathbf{\cot x = \frac{1}{\tan x} = +\frac{3}{4}}$$
उदाहरण 3
सिद्ध कीजिए कि: \(\frac{\cos 11^\circ + \sin 11^\circ}{\cos 11^\circ - \sin 11^\circ} = \tan 56^\circ\)। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: अंश तथा हर को $\cos 11^\circ$ से भाग देने पर: $$\text{LHS} = \frac{\frac{\cos 11^\circ}{\cos 11^\circ} + \frac{\sin 11^\circ}{\cos 11^\circ}}{\frac{\cos 11^\circ}{\cos 11^\circ} - \frac{\sin 11^\circ}{\cos 11^\circ}} = \frac{1 + \tan 11^\circ}{1 - \tan 11^\circ}$$
चरण 2: 1 के स्थान पर $\tan 45^\circ$ रखने पर: चूँकि $\tan 45^\circ = 1$: $$\text{LHS} = \frac{\tan 45^\circ + \tan 11^\circ}{1 - \tan 45^\circ \cdot \tan 11^\circ}$$
चरण 3: संयुक्त कोण टैनजेंट सूत्र लागू करने पर: $\tan(A + B) = \frac{\tan A + \tan B}{1 - \tan A \tan B}$ सूत्र से जहाँ $A = 45^\circ, B = 11^\circ$: $$\text{LHS} = \tan(45^\circ + 11^\circ) = \mathbf{\tan 56^\circ} = \text{RHS}$$ (इति सिद्धम्)
उदाहरण 4
सिद्ध कीजिए: \(\frac{\sin 5x - 2\sin 3x + \sin x}{\cos 5x - \cos x} = \tan x\)। [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: अंश को पुनर्व्यवस्थित कर C-D सूत्र लगाना: $$\text{अंश} = (\sin 5x + \sin x) - 2\sin 3x$$ $\sin C + \sin D = 2\sin\frac{C+D}{2}\cos\frac{C-D}{2}$ सूत्र से: $$\sin 5x + \sin x = 2\sin\left(\frac{5x + x}{2}\right)\cos\left(\frac{5x - x}{2}\right) = 2\sin 3x \cos 2x$$ $$\text{अंश} = 2\sin 3x \cos 2x - 2\sin 3x = 2\sin 3x (\cos 2x - 1)$$ चूँकि $1 - \cos 2x = 2\sin^2 x \implies \cos 2x - 1 = -2\sin^2 x$: $$\text{अंश} = 2\sin 3x (-2\sin^2 x) = -4\sin 3x \sin^2 x$$
चरण 2: हर का रूपांतरण: $\cos C - \cos D = -2\sin\frac{C+D}{2}\sin\frac{C-D}{2}$ सूत्र से: $$\text{हर} = \cos 5x - \cos x = -2\sin\left(\frac{5x + x}{2}\right)\sin\left(\frac{5x - x}{2}\right) = -2\sin 3x \sin 2x$$ चूँकि $\sin 2x = 2\sin x \cos x$: $$\text{हर} = -2\sin 3x (2\sin x \cos x) = -4\sin 3x \sin x \cos x$$
चरण 3: भिन्न का मूल्यांकन: $$\frac{\text{अंश}}{\text{हर}} = \frac{-4\sin 3x \sin^2 x}{-4\sin 3x \sin x \cos x} = \frac{\sin x}{\cos x} = \mathbf{\tan x} = \text{RHS}$$ (इति सिद्धम्)
उदाहरण 5
सिद्ध कीजिए कि: \(\cos 20^\circ \cos 40^\circ \cos 60^\circ \cos 80^\circ = \frac{1}{16}\)। [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: ज्ञात मान $\cos 60^\circ = \frac{1}{2}$ रखने पर: $$\text{LHS} = \frac{1}{2} \left[ \cos 20^\circ \cos 40^\circ \cos 80^\circ \right]$$
चरण 2: 2 से गुणा और भाग कर गुणनफल सूत्र लगाना: $$\text{LHS} = \frac{1}{4} \left[ (2\cos 40^\circ \cos 20^\circ) \cos 80^\circ \right]$$ $2\cos A \cos B = \cos(A + B) + \cos(A - B)$ सूत्र से: $$2\cos 40^\circ \cos 20^\circ = \cos(40^\circ + 20^\circ) + \cos(40^\circ - 20^\circ) = \cos 60^\circ + \cos 20^\circ = \frac{1}{2} + \cos 20^\circ$$
चरण 3: $\cos 80^\circ$ से गुणा करने पर: $$\text{LHS} = \frac{1}{4} \left[ \left(\frac{1}{2} + \cos 20^\circ\right) \cos 80^\circ \right] = \frac{1}{8} \cos 80^\circ + \frac{1}{8} [2\cos 80^\circ \cos 20^\circ]$$ $$2\cos 80^\circ \cos 20^\circ = \cos 100^\circ + \cos 60^\circ = \cos(180^\circ - 80^\circ) + \frac{1}{2} = -\cos 80^\circ + \frac{1}{2}$$
चरण 4: पदों को संयोजित करने पर: $$\text{LHS} = \frac{1}{8} \cos 80^\circ + \frac{1}{8}\left(-\cos 80^\circ + \frac{1}{2}\right) = \frac{1}{8}\left(\frac{1}{2}\right) = \mathbf{\frac{1}{16}} = \text{RHS}$$ (इति सिद्धम्)
उदाहरण 6
त्रिकोणमितीय समीकरण का व्यापक हल ज्ञात कीजिए: \(\sqrt{3}\cos\theta + \sin\theta = \sqrt{2}\)। [5 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: गुणांकों से $r = \sqrt{a^2 + b^2}$ का मान निकालना: यहाँ $a = \sqrt{3}$ तथा $b = 1$। $$r = \sqrt{(\sqrt{3})^2 + 1^2} = \sqrt{3 + 1} = \sqrt{4} = 2$$
चरण 2: दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर: $$\frac{\sqrt{3}}{2} \cos\theta + \frac{1}{2} \sin\theta = \frac{\sqrt{2}}{2} = \frac{1}{\sqrt{2}}$$
चरण 3: संयुक्त कोण में बदलना: चूँकि $\cos\frac{\pi}{6} = \frac{\sqrt{3}}{2}$ तथा $\sin\frac{\pi}{6} = \frac{1}{2}$: $$\cos\theta \cos\frac{\pi}{6} + \sin\theta \sin\frac{\pi}{6} = \frac{1}{\sqrt{2}}$$ $\cos(A - B) = \cos A \cos B + \sin A \sin B$ सूत्र से: $$\cos\left(\theta - \frac{\pi}{6}\right) = \frac{1}{\sqrt{2}} = \cos\frac{\pi}{4}$$
चरण 4: कोसाइन का व्यापक हल सूत्र लागू करना: $\cos X = \cos \alpha \implies X = 2n\pi \pm \alpha$, जहाँ $n \in \mathbb{Z}$: $$\theta - \frac{\pi}{6} = 2n\pi \pm \frac{\pi}{4}$$ $$\mathbf{\theta = 2n\pi + \frac{\pi}{6} \pm \frac{\pi}{4}, \quad n \in \mathbb{Z}}$$
चरण 5: दोनों शाखाओं को प्रदर्शित करना:
  • शाखा 1 (+): $\theta = 2n\pi + \left(\frac{\pi}{6} + \frac{\pi}{4}\right) = \mathbf{2n\pi + \frac{5\pi}{12}}$
  • शाखा 2 (-): $\theta = 2n\pi + \left(\frac{\pi}{6} - \frac{\pi}{4}\right) = \mathbf{2n\pi - \frac{\pi}{12}}$

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चाप लंबाई s = rθ में कोण को डिग्री में रखना

सही वैज्ञानिक तथ्य

सदा डिग्री को पहले रेडियन में बदलें: θ = 60° × (π/180) = π/3 रेडियन। अतः s = 5 × (π/3) = 5π/3 सेमी।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

sin(A + B) = sin A + sin B मान लेना (रैखिकता भ्रम)

सही वैज्ञानिक तथ्य

त्रिकोणमितीय फलन अरैखिक होते हैं: sin(30° + 60°) = sin 90° = 1, जबकि sin 30° + sin 60° = 1/2 + √3/2 ≈ 1.366 ≠ 1। सर्वदा sin(A + B) = sin A cos B + cos A sin B का उपयोग करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

cos C - cos D के C-D सूत्र में ऋण चिन्ह या D - C की उपेक्षा

सही वैज्ञानिक तथ्य

cos C - cos D = -2 sin((C+D)/2) sin((C-D)/2) = 2 sin((C+D)/2) sin((D-C)/2)। दूसरे पद में कोण D - C होता है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समीकरण हल करते समय चर पद से भाग देकर मूल गँवा देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

sin x से भाग देने पर sin x = 0 (x = nπ) शाखा के समस्त मूल लुप्त हो जाते हैं। पक्षांतर कर गुणनखंड करें: sin x (2 cos x - 1) = 0 ⟹ sin x = 0 अथवा cos x = 1/2।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

sin θ = sin α के व्यापक हल में (-1)ⁿ पद छोड़ देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

साइन में n सम होने पर (2kπ + α) तथा n विषम होने पर ((2k+1)π - α) होता है। इन दोनों को संयुक्त करने पर (-1)ⁿ आता है: θ = nπ + (-1)ⁿ α।

त्रिकोणमितीय फलन, आवर्ती आलेख एवं व्यापक समीकरण संपूर्ण वास्तुकला रूपरेखा

π त्रिकोणमितीय फलन एवं इकाई वृत्तीय ज्यामिति WBCHSE कक्षा 11 गणित • चतुर्थांश नियम (ASTC), आवर्ती आलेख एवं व्यापक हल WBCHSE CLASS 11 1. इकाई वृत्त एवं चतुर्थांश नियम (ASTC) वृत्तीय परिभाषा: P(x, y) = (cos θ, sin θ) x y θ P(x, y) Q I Q II Q III Q IV I: ALL (+) सभी त्रिकोणमितीय अनुपात धनात्मक II: SIN (+) sin, csc > 0 III: TAN (+) tan, cot > 0 IV: COS (+) cos, sec > 0 चाप लंबाई: s = rθ | क्षेत्रफल: ½r²θ 2. त्रिकोणमितीय तरंगें एवं आलेख आवर्ती दोलन एवं परिसर विश्लेषण y = sin x (आवर्तकाल = 2π) 0 π 2π +1 -1 y = cos x (आवर्तकाल = 2π) 0 π 2π +1 -1 प्रांत: ℝ | परिसर: [-1, 1] y = tan x: परिसर ℝ, आवर्तकाल = π अनंतस्पर्शी: x = (2n+1)π/2 Even/Odd: cos(-x)=cos x | sin(-x)=-sin x 3. मूलभूत सर्वसमिकाएं एवं व्यापक हल संयुक्त कोण, गुणितक कोण एवं समीकरण संयुक्त कोण (Compound Angles): sin(A±B) = sin A cos B ± cos A sin B cos(A±B) = cos A cos B ∓ sin A sin B गुणितक कोण (Multiple Angles): sin 2θ = 2 sin θ cos θ = 2tan θ / (1+tan²θ) 1 - cos 2θ = 2 sin²θ | 1 + cos 2θ = 2 cos²θ व्यापक हल (General Solutions): sin θ = sin α ⟹ θ = nπ + (-1)ⁿ α cos θ = cos α ⟹ θ = 2nπ ± α tan θ = tan α ⟹ θ = nπ + α (n ∈ ℤ) Linear auxiliary: a cos θ + b sin θ = c (|c| ≤ √(a²+b²)) Allied Angles Reduction Rule (n·π/2 ± θ): • Even n ⟹ Function remains same • Odd n ⟹ Co-function (sin↔cos, tan↔cot) [ASTC sign]

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
एक रेडियन वह अचर कोण है जो किसी वृत्त के केंद्र पर उसकी त्रिज्या के बराबर लंबाई वाले चाप द्वारा अंतरित होता है; π रेडियन = 180°, तथा 1 रेडियन ≈ 57° 16' 22''।
मुख्य बिंदु 2
r त्रिज्या वाले वृत्त में केंद्र पर θ कोण (रेडियन में) द्वारा अंतरित चाप की लंबाई s = rθ तथा त्रिज्याखंड का क्षेत्रफल A = ½r²θ = ½rs होता है।
मुख्य बिंदु 3
इकाई वृत्त x² + y² = 1 पर P(θ) = (cos θ, sin θ); अतः प्रत्येक वास्तविक कोण के लिए cos²θ + sin²θ = 1, 1 + tan²θ = sec²θ तथा 1 + cot²θ = csc²θ सत्य है।
मुख्य बिंदु 4
चतुर्थांश नियम ASTC के अनुसार: प्रथम में ALL, द्वितीय में SIN व CSC, तृतीय में TAN व COT, तथा चतुर्थ में COS व SEC धनात्मक होते हैं।
मुख्य बिंदु 5
कोसाइन और सेकेंट सम फलन हैं [cos(-x) = cos x]; साइन, टैनजेंट, कोसेकेंट और कोटैनजेंट विषम फलन हैं [sin(-x) = -sin x]।
मुख्य बिंदु 6
सम्बद्ध कोण n(π/2) ± θ के लिए: n सम होने पर फलन का नाम वही रहता है; n विषम होने पर सह-फलन में परिवर्तन होता है (sin ↔ cos, tan ↔ cot, sec ↔ csc), तथा चिन्ह मूल फलन के चतुर्थांश से निर्धारित होता है।
मुख्य बिंदु 7
संयुक्त कोण प्रमेय: cos(A ± B) = cos A cos B ∓ sin A sin B, तथा sin(A ± B) = sin A cos B ± cos A sin B।
मुख्य बिंदु 8
द्विगुण कोण संबंध: sin 2θ = 2 sin θ cos θ = 2tan θ / (1 + tan²θ), तथा cos 2θ = cos²θ - sin²θ = 2cos²θ - 1 = 1 - 2sin²θ = (1 - tan²θ)/(1 + tan²θ)।
मुख्य बिंदु 9
घात न्यूनकरण सर्वसमिकाएं: 1 - cos 2θ = 2 sin²θ तथा 1 + cos 2θ = 2 cos²θ; यह कैलकुलस समाकलन में अनिवार्य हैं।
मुख्य बिंदु 10
व्यापक हल सूत्र: sin θ = sin α ⟹ θ = nπ + (-1)ⁿ α; cos θ = cos α ⟹ θ = 2nπ ± α; tan θ = tan α ⟹ θ = nπ + α, जहाँ n ∈ ℤ।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
-4 रेडियन को षाष्टिक पद्धति में डिग्री, मिनट एवं सेकंड में बदलिए (π = 22/7 लें)।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: -4 रेडियन = -4 × (180/π)° = -4 × (180 × 7 / 22)° = -2520/11° = -229° 5' 27'' (लगभग)।
180/π से गुणा करके भिन्नात्मक डिग्री को 60 से गुणा कर मिनट व सेकंड में बदलें।
2
sin(31π/3) का सटीक मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: sin(31π/3) = sin(10π + π/3) = sin(5 × 2π + π/3) = sin(π/3) = √3/2।
31π/3 को 2π के गुणज और न्यूनकोण में तोड़ें: 10π + π/3।
3
3 sin x + 4 cos x + 7 का अधिकतम एवं न्यूनतम मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 3 sin x + 4 cos x का परिसर [-√(3²+4²), +√(3²+4²)] = [-5, 5] है। अतः अधिकतम मान = 5 + 7 = 12, तथा न्यूनतम मान = -5 + 7 = 2।
a sin x + b cos x की सीमाएं ±√(a² + b²) होती हैं। इसमें 7 जोड़ें।
4
यदि tan A = 1/2 तथा tan B = 1/3 हो, तो A + B का मान ज्ञात कीजिए (जहाँ A, B न्यूनकोण हैं)।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: tan(A + B) = (tan A + tan B) / (1 - tan A tan B) = (1/2 + 1/3) / (1 - 1/6) = (5/6) / (5/6) = 1। चूँकि A, B न्यूनकोण हैं, अतः A + B = π/4 (अथवा 45°)।
संयुक्त कोण सूत्र tan(A + B) = (tan A + tan B) / (1 - tan A tan B) का उपयोग करें।
5
समीकरण tan 2x = -cot(x + π/3) का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: tan 2x = -cot(x + π/3) = tan(π/2 + x + π/3) = tan(x + 5π/6)। tan θ = tan α ⟹ θ = nπ + α सूत्र से: 2x = nπ + x + 5π/6 ⟹ x = nπ + 5π/6, जहाँ n ∈ ℤ।
सम्बद्ध कोण सूत्र से -cot A को tan(π/2 + A) में बदलें।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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