Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Beng (বাংলা) Hindi (हिन्दी)
WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 9
अनुमानित समय: 80 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

द्विपद प्रमेय

द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem) उच्चतर बीजगणित का एक अत्यंत मौलिक और सार्वभौमिक सिद्धांत है, जिसकी सहायता से दो पदों वाले किसी भी बीजीय व्यंजक (a + b) की किसी धन पूर्णांक घात n (तथा जब x का निरपेक्ष मान 1 से कम हो तब किसी भी परिमेय घात) का बीजीय प्रसार सरलता और शुद्धता से किया जाता है। यूरोप में 1654 ईस्वी में ब्लेज पास्कल और 1665 में सर आइजैक न्यूटन द्वारा इसका औपचारिक विस्तार करने से कई शताब्दियों पूर्व, प्राचीन भारत में आचार्य पिंगल ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ छंदःशास्त्र (लगभग तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व) में मेरु प्रस्तार के नाम से द्विपद गुणांकों के इस पिरामिड नुमा त्रिभुजाकार विन्यास का विस्तार से वर्णन किया था। किसी धन पूर्णांक n के लिए (a + b)ⁿ के प्रसार में ठीक n + 1 पद होते हैं, जिसमें प्रथम पद a की घात n से घटकर 0 तक जाती है और द्वितीय पद b की घात 0 से बढ़कर n तक पहुंचती है। परिणामस्वरूप प्रत्येक पद में a और b की घातों का कुल योगफल सदैव अचर n रहता है। द्विपद गुणांक आरंभ और अंत से समदूरस्थ होने के कारण ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ नियम से पूर्ण समरूपता प्रदर्शित करते हैं। यह अध्याय विद्यार्थियों को व्यापक पद T_{r+1} = ⁿCᵣ aⁿ⁻ʳ bʳ ज्ञात करने, n के सम या विषम होने के आधार पर एकल अथवा द्वैत मध्य पद निर्धारित करने, x से स्वतंत्र अचर पद निकालने, संख्यात्मक रूप से महत्तम पद की गणना करने तथा कलन विधि से गुणांकों की जटिल सर्वसमिकाओं को सिद्ध करने में पारंगत बनाता है। इसके अतिरिक्त, ऋणात्मक एवं भिन्नात्मक घातों के लिए यह प्रमेय एक अनंत अभिसारी श्रेणी का रूप लेता है जो उच्च स्तरीय कलन और संख्यात्मक सन्निकटन की प्रमुख आधारशिला है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

द्विपद प्रमेय केवल परीक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह शुद्ध गणित, सैद्धांतिक भौतिकी, आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और वित्तीय इंजीनियरिंग का एक अनिवार्य स्तंभ है। प्रायिकता सिद्धांत और सांख्यिकी में द्विपद बंटन (Binomial Distribution) मॉडल—जो सीधे (q + p)ⁿ के प्रसार से प्राप्त होता है—चिकित्सा अनुसंधान में आनुवंशिक लक्षणों के विश्लेषण, गुणवत्ता नियंत्रण और बीमा जोखिम के आकलन में प्रयोग किया जाता है। कंप्यूटर विज्ञान में बाइनमियल हीप डेटा संरचना, संयोजकता एल्गोरिदम की समय जटिलता और क्रिप्टोग्राफिक हैशिंग की सुरक्षा सीमाएं तय करने में द्विपद गुणांकों का व्यापक उपयोग होता है। आधुनिक वित्तीय बाजारों में वॉल स्ट्रीट पर अरबों डॉलर के स्टॉक ऑप्शंस और डेरिवेटिव अनुबंधों का मूल्यांकन करने वाला प्रसिद्ध कॉक्स-रॉस-रुबिनस्टीन मॉडल पूरी तरह द्विपद जालक (Binomial Lattice) पर कार्य करता है। सैद्धांतिक भौतिकी में अल्बर्ट आइंस्टीन के विशिष्ट आपेक्षिकता सिद्धांत में लोरेंट्ज कारक γ = (1 - v²/c²)⁻¹/² का द्विपद प्रसार यह प्रमाणित करता है कि सामान्य वेगों पर आपेक्षिक गतिज ऊर्जा सीधे न्यूटन की शास्त्रीय गतिज ऊर्जा ½mv² में बदल जाती है। पश्चिम बंगाल बोर्ड कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा तथा WBJEE और JEE Main जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में द्विपद प्रमेय से प्रतिवर्ष उच्च अंक वाले प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। इस अध्याय का गहन अभ्यास विद्यार्थियों में बीजीय दक्षता और विश्लेषणात्मक चिंतन को उत्कृष्ट बनाता है।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पास्कल त्रिभ...
2 2. धन पूर्णांक घातांक के लिए द्विपद...
3 3. व्यापक पद, अंत से पद एवं मध्य पद...
4 4. x से स्वतंत्र पद (अचर पद) एवं सं...
5 5. द्विपद गुणांकों के गुणधर्म एवं य...
6 6. किसी भी परिमेय घातांक हेतु द्विप...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पास्कल त्रिभुज (मेरु प्रस्तार) एवं पुनरावृत्त सर्वसमिका

द्विपद व्यंजकों की घातों के प्रसार का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। द्विपद गुणांकों का ज्यामितीय विन्यास गहन पुनरावृत्त सौंदर्य प्रदर्शित करता है।

1.1 पिंगल के मेरु प्रस्तार से पास्कल त्रिभुज तक

1654 ईस्वी में फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल द्वारा इस विन्यास का प्रकाशन करने से लगभग दो सहस्राब्दी पूर्व, प्राचीन भारतीय गणितज्ञ आचार्य पिंगल ने अपने संस्कृत ग्रंथ छंदःशास्त्र (लगभग तीसरी–दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व) में इस पिरामिडनुमा सारणी का वर्णन किया था, जिसे मेरु प्रस्तार (सुमेरु पर्वत की सीढ़ियाँ) कहा गया। बाद में 11वीं सदी में फारस के उमर खय्याम और 13वीं सदी में चीन के यांग हुई ने भी इसी सारणी का उल्लेख किया।

1.2 पास्कल त्रिभुज की संरचना एवं विशेषताएं

प्रत्येक पंक्ति का आरंभ और अंत 1 से होता है। मध्य का प्रत्येक अवयव ठीक अपनी पिछली पंक्ति के ऊपर स्थित दो निकटवर्ती पदों के योगफल के बराबर होता है:

पंक्ति सूचकांक $n$ द्विपद प्रसार $(a + b)^n$ द्विपद गुणांक पंक्ति का कुल योगफल $\sum {^nC_r}$
$n = 0$$(a + b)^0 = 1$1$1 = 2^0$
$n = 1$$(a + b)^1 = a + b$1, 1$2 = 2^1$
$n = 2$$(a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$1, 2, 1$4 = 2^2$
$n = 3$$(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$1, 3, 3, 1$8 = 2^3$
$n = 4$$(a + b)^4 = a^4 + 4a^3b + 6a^2b^2 + 4ab^3 + b^4$1, 4, 6, 4, 1$16 = 2^4$
$n = 5$$(a + b)^5 = a^5 + 5a^4b + 10a^3b^2 + 10a^2b^3 + 5ab^4 + b^5$1, 5, 10, 10, 5, 1$32 = 2^5$
1.3 पास्कल की पुनरावृत्त योग सर्वसमिका
मौलिक प्रमेय (पास्कल की सर्वसमिका): किसी भी धन पूर्णांक $n$ तथा $1 \le r \le n$ के लिए: $$\mathbf{^nC_r + {^nC_{r-1}} = {^{n+1}C_r}}$$

बीजीय उपपत्ति:

$$^nC_r + {^nC_{r-1}} = \frac{n!}{r!(n - r)!} + \frac{n!}{(r - 1)!(n - r + 1)!}$$

क्रमगुणित को उभयनिष्ठ रूप में लिखने पर ($r! = r(r-1)!$ तथा $(n-r+1)! = (n-r+1)(n-r)!$):

$$= \frac{n!}{(r - 1)!(n - r)!} \left[ \frac{1}{r} + \frac{1}{n - r + 1} \right] = \frac{n!}{(r - 1)!(n - r)!} \left[ \frac{n - r + 1 + r}{r(n - r + 1)} \right]$$ $$= \frac{n! \cdot (n + 1)}{r(r - 1)! \cdot (n - r + 1)(n - r)!} = \frac{(n + 1)!}{r!(n + 1 - r)!} = \mathbf{^{n+1}C_r}$$

2. धन पूर्णांक घातांक के लिए द्विपद प्रमेय एवं आगमन प्रमाण

द्विपद प्रमेय एक ऐसा सामान्य सूत्र है जिसकी सहायता से बिना लंबे गुणा के सीधे $(a + b)^n$ का संपूर्ण प्रसार प्राप्त किया जा सकता है।

2.1 प्रमेय का औपचारिक कथन
प्रमेय: यदि $a, b$ वास्तविक (या सम्मिश्र) संख्याएँ हैं और $n$ कोई धन पूर्णांक है, तो: $$(a + b)^n = {^nC_0} a^n + {^nC_1} a^{n-1} b + {^nC_2} a^{n-2} b^2 + \dots + {^nC_r} a^{n-r} b^r + \dots + {^nC_n} b^n = \mathbf{\sum_{r=0}^n {^nC_r} a^{n-r} b^r}$$
2.2 गणितीय आगमन के सिद्धांत द्वारा उपपत्ति

माना दिया गया कथन $P(n): (a + b)^n = \sum_{r=0}^n {^nC_r} a^{n-r} b^r$ है।

  1. आधार चरण ($n = 1$): $$\text{LHS} = (a + b)^1 = a + b$$ $$\text{RHS} = {^1C_0} a^1 b^0 + {^1C_1} a^0 b^1 = 1 \cdot a + 1 \cdot b = a + b$$ चूंकि LHS = RHS, अतः कथन $P(1)$ सत्य है।
  2. आगमन परिकल्पना: माना कथन किसी धन पूर्णांक $n = k$ के लिए सत्य है: $$(a + b)^k = {^kC_0} a^k + {^kC_1} a^{k-1} b + {^kC_2} a^{k-2} b^2 + \dots + {^kC_k} b^k$$
  3. आगमन चरण ($n = k + 1$): दोनों पक्षों में $(a + b)$ से गुणा करने पर: $$(a + b)^{k+1} = (a + b) (a + b)^k = (a + b) \left[ \sum_{r=0}^k {^kC_r} a^{k-r} b^r \right]$$ $$= a \sum_{r=0}^k {^kC_r} a^{k-r} b^r + b \sum_{r=0}^k {^kC_r} a^{k-r} b^r = \sum_{r=0}^k {^kC_r} a^{k-r+1} b^r + \sum_{r=0}^k {^kC_r} a^{k-r} b^{r+1}$$ समान पदों को संयोजित करने और पास्कल की सर्वसमिका ${^kC_r} + {^kC_{r-1}} = {^{k+1}C_r}$ का उपयोग करने पर: $$= {^{k+1}C_0} a^{k+1} + \sum_{r=1}^k {^{k+1}C_r} a^{k+1-r} b^r + {^{k+1}C_{k+1}} b^{k+1} = \sum_{r=0}^{k+1} {^{k+1}C_r} a^{k+1-r} b^r$$ अतः यदि $P(k)$ सत्य है, तो $P(k + 1)$ भी निश्चित रूप से सत्य सिद्ध होता है।

अतः गणितीय आगमन के सिद्धांत द्वारा यह प्रमेय सभी $n \in \mathbb{N}$ के लिए सत्य है।

2.3 प्रसार की प्रमुख संरचनात्मक विशेषताएं
  • पदों की कुल संख्या: $(a + b)^n$ के प्रसार में कुल $\mathbf{n + 1}$ पद होते हैं। उदाहरणार्थ: $(x + y)^{10}$ में 11 पद होंगे।
  • घात संरक्षण: प्रत्येक पद ${^nC_r} a^{n-r} b^r$ में $a$ तथा $b$ की घातों का योग $(n - r) + r = \mathbf{n}$ सदैव अचर रहता है।
  • गुणांकों की समरूपता: आरंभ और अंत से समदूरस्थ पदों के गुणांक समान होते हैं: ${^nC_r} = {^nC_{n-r}}$।
  • एकांतर चिन्ह वाला प्रसार $(a - b)^n$: $$(a - b)^n = \sum_{r=0}^n (-1)^r {^nC_r} a^{n-r} b^r = {^nC_0} a^n - {^nC_1} a^{n-1} b + {^nC_2} a^{n-2} b^2 - \dots + (-1)^n {^nC_n} b^n$$
  • मानक एकल-चर प्रसार $(1 + x)^n$: $$(1 + x)^n = {^nC_0} + {^nC_1} x + {^nC_2} x^2 + \dots + {^nC_n} x^n = \sum_{r=0}^n {^nC_r} x^r$$

3. व्यापक पद, अंत से पद एवं मध्य पद निर्धारण

बिना पूरा प्रसार लिखे किसी विशिष्ट पद का मान सीधे प्राप्त करने हेतु व्यापक पद के सूत्र का उपयोग किया जाता है।

3.1 व्यापक पद $T_{r+1}$

चूंकि प्रथम पद $r = 0$ पर प्राप्त होता है, अतः $(a + b)^n$ के प्रसार में $(r + 1)$-वें पद को व्यापक पद कहा जाता है:

$$\mathbf{T_{r+1} = {^nC_r} \, a^{n-r} \, b^r}$$

$(a - b)^n$ के प्रसार के लिए:

$$T_{r+1} = (-1)^r \, {^nC_r} \, a^{n-r} \, b^r$$
3.2 अंत से $p$-वां पद ज्ञात करना

चूंकि प्रसार में कुल $(n + 1)$ पद होते हैं:

$$\mathbf{\text{अंत से } p\text{-वां पद}} = \mathbf{\text{आरंभ से } (n - p + 2)\text{-वां पद}}$$

वैकल्पिक विधि: $(a + b)^n$ के अंत से $p$-वां पद सीधे व्युत्क्रम प्रसार $(b + a)^n$ के आरंभ से $p$-वें पद के बराबर होता है।

3.3 मध्य पद (Middle Term) ज्ञात करने के नियम
$n$ की प्रकृति कुल पद $(n + 1)$ मध्य पदों की संख्या मध्य पद का सूत्र
$n$ सम (EVEN) है विषम ($n + 1$) केवल 1 मध्य पद $$T_{\frac{n}{2} + 1} = {^nC_{n/2}} \, a^{n/2} \, b^{n/2}$$ विशेष तथ्य: ${^nC_{n/2}}$ प्रसार का महत्तम द्विपद गुणांक होता है।
$n$ विषम (ODD) है सम ($n + 1$) ठीक 2 मध्य पद $$\text{प्रथम मध्य पद: } T_{\frac{n+1}{2}} = {^nC_{\frac{n-1}{2}}} \, a^{\frac{n+1}{2}} \, b^{\frac{n-1}{2}}$$ $$\text{द्वितीय मध्य पद: } T_{\frac{n+3}{2}} = {^nC_{\frac{n+1}{2}}} \, a^{\frac{n-1}{2}} \, b^{\frac{n+1}{2}}$$ विशेष तथ्य: दोनों गुणांक समान (${^nC_{(n-1)/2}} = {^nC_{(n+1)/2}}$) तथा संयुक्त रूप से महत्तम होते हैं।

4. x से स्वतंत्र पद (अचर पद) एवं संख्यात्मक रूप से महत्तम पद

पश्चिम बंगाल बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में $x$ से स्वतंत्र पद और संख्यात्मक रूप से महत्तम पद के प्रश्न अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

4.1 $x$ से स्वतंत्र पद (Term Independent of $x$)

$\left(A x^p + \frac{B}{x^q}\right)^n$ के प्रसार में $x$ से स्वतंत्र पद ज्ञात करने की चरणबद्ध विधि:

  1. व्यापक पद $T_{r+1}$ का निर्माण करें: $$T_{r+1} = {^nC_r} (A x^p)^{n-r} \left(\frac{B}{x^q}\right)^r = {^nC_r} A^{n-r} B^r \cdot x^{pn - (p+q)r}$$
  2. पद के $x$ से स्वतंत्र होने के लिए $x$ की कुल घात शून्य होनी चाहिए: $$pn - (p + q)r = 0 \implies \mathbf{r = \frac{pn}{p + q}}$$
  3. सत्यापन: यदि $r$ एक अऋणात्मक पूर्णांक ($0 \le r \le n$) प्राप्त होता है, तो $r$ का मान रखकर अचर पद प्राप्त कर लें। यदि $r$ भिन्न या ऋणात्मक है, तो प्रसार में कोई $x$ से स्वतंत्र पद उपस्थित नहीं है।
4.2 संख्यात्मक रूप से महत्तम पद (Numerically Greatest Term)

$(1 + x)^n$ के प्रसार में $x$ के दिए गए वास्तविक मान के लिए सबसे बड़े संख्यात्मक मान वाला पद ज्ञात करना:

दो क्रमागत पदों के अनुपात का परीक्षण करें:

$$\left| \frac{T_{r+1}}{T_r} \right| = \frac{n - r + 1}{r} |x| \ge 1 \implies \mathbf{r \le \frac{(n + 1)|x|}{|x| + 1}}$$
  • स्थिति 1: यदि $\frac{(n + 1)|x|}{|x| + 1} = m$ एक पूर्णांक है: तो $T_m$ तथा $T_{m+1}$ दोनों पद संख्यात्मक रूप से बराबर और संयुक्त रूप से सबसे बड़े होंगे।
  • स्थिति 2: यदि $\frac{(n + 1)|x|}{|x| + 1} = m + f$ एक भिन्न है: (जहाँ $m$ पूर्णांक भाग है), तो एकमात्र संख्यात्मक रूप से महत्तम पद $\mathbf{T_{m+1}}$ होगा।

5. द्विपद गुणांकों के गुणधर्म एवं योगफल सर्वसमिकाएँ

द्विपद गुणांक ${^nC_r}$ को संक्षिप्त रूप में $C_r$ लिखा जाता है। ये गुणांक कई अत्यंत महत्वपूर्ण योगफल संबंधों को संतुष्ट करते हैं।

5.1 मौलिक योगफल सर्वसमिकाएँ
प्रमुख प्रमेय:
  1. समस्त गुणांकों का योग: $(1 + x)^n$ में $x = 1$ रखने पर: $$C_0 + C_1 + C_2 + \dots + C_n = \mathbf{2^n}$$
  2. एकांतर योगफल: $x = -1$ रखने पर: $$C_0 - C_1 + C_2 - C_3 + \dots + (-1)^n C_n = \mathbf{0}$$
  3. सम एवं विषम पदों के गुणांकों का योग: उपरोक्त दोनों समीकरणों को जोड़ने व घटाने पर: $$C_0 + C_2 + C_4 + \dots = C_1 + C_3 + C_5 + \dots = \mathbf{2^{n-1}}$$
5.2 अवकलन एवं समाकलन द्वारा गुणांकों का योग
  • सर्वसमिका 1: भारित गुणांकों का योग $\sum r C_r$: $$(1 + x)^n = \sum_{r=0}^n C_r x^r$$ $x$ के सापेक्ष दोनों पक्षों का अवकलन करने पर: $$n(1 + x)^{n-1} = \sum_{r=1}^n r C_r x^{r-1} \xrightarrow{x = 1} \mathbf{\sum_{r=1}^n r C_r = n \cdot 2^{n-1}}$$
  • सर्वसमिका 2: गुणांकों के वर्गों का योगफल: $$C_0^2 + C_1^2 + C_2^2 + \dots + C_n^2 = \mathbf{^{2n}C_n = \frac{(2n)!}{(n!)^2}}$$ उपपत्ति: $(1 + x)^n (x + 1)^n = (1 + x)^{2n}$ के दोनों पक्षों में $x^n$ के गुणांकों की तुलना करके सिद्ध किया जाता है।
  • सर्वसमिका 3: समाकलन का उपयोग: $$\int_0^1 (1 + x)^n dx = \sum_{r=0}^n \frac{C_r}{r + 1} \implies \mathbf{\sum_{r=0}^n \frac{C_r}{r + 1} = \frac{2^{n+1} - 1}{n + 1}}$$

6. किसी भी परिमेय घातांक हेतु द्विपद प्रमेय एवं सन्निकटन

जब घात धन पूर्णांक नहीं होती, तब प्रसार सीमित नहीं रहता बल्कि एक अनंत अभिसारी श्रेणी में बदल जाता है।

6.1 न्यूटन का सामान्य द्विपद प्रमेय (1665)
प्रमेय: यदि $n$ कोई परिमेय संख्या (भिन्न अथवा ऋण पूर्णांक) है तथा $|x| < 1$ है, तो: $$(1 + x)^n = 1 + n x + \frac{n(n - 1)}{2!} x^2 + \frac{n(n - 1)(n - 2)}{3!} x^3 + \dots + \frac{n(n - 1)\dots(n - r + 1)}{r!} x^r + \dots \infty$$
6.2 धन पूर्णांक प्रसार से मौलिक अंतर
  1. अनंत पद: चूंकि $n$ पूर्णांक नहीं है, अतः अंश कभी शून्य नहीं होता और श्रेणी अनंत तक चलती है।
  2. अभिसरण की अनिवार्यता: यह प्रसार केवल और केवल तभी मान्य होता है जब $|x| < 1$ हो। यदि $|x| \ge 1$, तो श्रेणी अपसारी हो जाती है।
  3. प्रथम पद को 1 बनाना: $(a + b)^n$ का प्रसार करने हेतु $a^n$ को बाहर निकालना अनिवार्य है: $a^n(1 + b/a)^n$, जहाँ $|b/a| < 1$ होना चाहिए।
6.3 मानक अनंत श्रेणियाँ
व्यंजक अनंत श्रेणी ($|x| < 1$) व्यापक पद $T_{r+1}$
$(1 - x)^{-1}$$1 + x + x^2 + x^3 + x^4 + \dots$$x^r$
$(1 + x)^{-1}$$1 - x + x^2 - x^3 + x^4 - \dots$$(-1)^r x^r$
$(1 - x)^{-2}$$1 + 2x + 3x^2 + 4x^3 + \dots$$(r + 1) x^r$
$(1 + x)^{-2}$$1 - 2x + 3x^2 - 4x^3 + \dots$$(-1)^r (r + 1) x^r$
6.4 छोटे मानों के लिए रैखिक सन्निकटन

जब $|x| \ll 1$ (अर्थात $x^2, x^3 \approx 0$):

$$\mathbf{(1 + x)^n \approx 1 + nx}$$

उदाहरण: $\sqrt{1.02} = (1 + 0.02)^{1/2} \approx 1 + \frac{1}{2}(0.02) = \mathbf{1.01}$।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

Binomial Theorem (Positive Integral Index)
(n + 1) पदों का योग
किसी भी धन पूर्णांक n के लिए मान्य। प्रत्येक पद में कुल घात सदैव n होती है।
General Term (r + 1)-th Term
ⁿCᵣ · aⁿ⁻ʳ · bʳ
(a - b)ⁿ के एकांतर प्रसार में (-1)ʳ का गुणा किया जाता है।
Middle Term Formula
1 मध्य पद (सम n) अथवा 2 मध्य पद (विषम n)
मध्य पद के गुणांक प्रसार के महत्तम द्विपद गुणांक होते हैं।
Pascal's Recursive Identity
ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ
पास्कल त्रिभुज अथवा पिंगल के मेरु प्रस्तार की निकटवर्ती संख्याओं का योग।
Sum of Binomial Coefficients
कुल योग = 2ⁿ; सम गुणांक योग = 2ⁿ⁻¹
(1 + x)ⁿ में x = 1 तथा x = -1 रखकर प्राप्त किया जाता है।
Generalized Binomial Theorem
अनंत अभिसारी श्रेणी (|x| < 1)
ऋणात्मक व भिन्नात्मक घातों के प्रसार तथा रैखिक सन्निकटन (1 + nx) का आधार।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
\(\left(2x - \frac{y}{3}\right)^7\) के प्रसार में चौथा (4th) पद ज्ञात कीजिए। [2 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: $(a + b)^n$ से तुलना करने पर: यहाँ $a = 2x$, $b = -\frac{y}{3}$ तथा $n = 7$ है। हम जानते हैं कि व्यापक पद: $$T_{r+1} = {^nC_r} \, a^{n-r} \, b^r$$ चौथे पद के लिए $r + 1 = 4 \implies r = 3$: $$T_4 = {^7C_3} \, (2x)^{7-3} \, \left(-\frac{y}{3}\right)^3$$ प्रत्येक घटक का मान निकालने पर: $${^7C_3} = \frac{7 \times 6 \times 5}{3 \times 2 \times 1} = 35$$ $$(2x)^4 = 16x^4$$ $$\left(-\frac{y}{3}\right)^3 = -\frac{y^3}{27}$$ गुणा करने पर: $$T_4 = 35 \cdot (16x^4) \cdot \left(-\frac{y^3}{27}\right) = -\frac{35 \times 16}{27} x^4 y^3 = \mathbf{-\frac{560}{27} x^4 y^3}$$ अतः अभीष्ट चौथा पद $-\frac{560}{27} x^4 y^3$ है।
उदाहरण 2
\(\left(\frac{x}{3} + 9y\right)^8\) के प्रसार में मध्य पद ज्ञात कीजिए। [3 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: $\left(\frac{x}{3} + 9y\right)^8$ के प्रसार में घातांक $n = 8$ एक सम संख्या है। अतः कुल पदों की संख्या $n + 1 = 8 + 1 = 9$ (एक विषम संख्या) है। इसलिए प्रसार में ठीक एक मध्य पद होगा, जो कि: $$T_{\frac{n}{2} + 1} = T_{\frac{8}{2} + 1} = T_{4 + 1} = T_5$$ यहाँ $a = \frac{x}{3}$, $b = 9y$, $n = 8$ तथा $r = 4$ है। व्यापक पद सूत्र $T_{r+1} = {^nC_r} a^{n-r} b^r$ से: $$T_5 = {^8C_4} \left(\frac{x}{3}\right)^{8-4} (9y)^4 = {^8C_4} \left(\frac{x}{3}\right)^4 (9y)^4$$ मानों की गणना करने पर: $${^8C_4} = \frac{8 \times 7 \times 6 \times 5}{4 \times 3 \times 2 \times 1} = 70$$ $$\left(\frac{x}{3}\right)^4 = \frac{x^4}{81}$$ $$(9y)^4 = 9^4 y^4 = 6561 y^4$$ सरल करने पर: $$T_5 = 70 \cdot \frac{x^4}{81} \cdot 6561 y^4 = 70 \cdot x^4 \cdot (81 y^4) = 70 \times 81 \, x^4 y^4 = \mathbf{5670 \, x^4 y^4}$$ अतः अभीष्ट मध्य पद $5670 x^4 y^4$ है।
उदाहरण 3
\(\left(3x^2 - \frac{1}{2x^3}\right)^{10}\) के प्रसार में \(x\) से स्वतंत्र पद ज्ञात कीजिए। [3 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिया गया व्यंजक: $\left(3x^2 - \frac{1}{2x^3}\right)^{10}$। यहाँ $a = 3x^2$, $b = -\frac{1}{2x^3}$ तथा $n = 10$ है। व्यापक पद: $$T_{r+1} = {^{10}C_r} (3x^2)^{10-r} \left(-\frac{1}{2x^3}\right)^r$$ $$= {^{10}C_r} \cdot 3^{10-r} \cdot (x^2)^{10-r} \cdot \left(-\frac{1}{2}\right)^r \cdot (x^{-3})^r$$ $$= {^{10}C_r} \cdot 3^{10-r} \cdot \left(-\frac{1}{2}\right)^r \cdot x^{2(10-r) - 3r}$$ $$= {^{10}C_r} \cdot 3^{10-r} \cdot \left(-\frac{1}{2}\right)^r \cdot x^{20 - 5r}$$ पद के $x$ से स्वतंत्र होने के लिए $x$ की घात शून्य होनी चाहिए: $$20 - 5r = 0 \implies 5r = 20 \implies \mathbf{r = 4}$$ चूंकि $r = 4$ एक अऋणात्मक पूर्णांक है तथा $0 \le 4 \le 10$, अतः $x$ से स्वतंत्र पद $T_{4+1} = T_5$ होगा: $$T_5 = {^{10}C_4} \cdot 3^{10-4} \cdot \left(-\frac{1}{2}\right)^4 \cdot x^0$$ मानों को रखने पर: $${^{10}C_4} = \frac{10 \times 9 \times 8 \times 7}{4 \times 3 \times 2 \times 1} = 210$$ $$3^6 = 729$$ $$\left(-\frac{1}{2}\right)^4 = \frac{1}{16}$$ अतः: $$T_5 = 210 \times 729 \times \frac{1}{16} = \frac{105 \times 729}{8} = \mathbf{\frac{76545}{8}}$$ अतः प्रसार में $x$ से स्वतंत्र पद $\frac{76545}{8}$ है।
उदाहरण 4
यदि \((1 + x)^n\) के प्रसार में \(r\)-वें, \((r + 1)\)-वें तथा \((r + 2)\)-वें पदों के गुणांक समांतर श्रेणी (A.P.) में हों, तो सिद्ध कीजिए कि: \(n^2 - n(4r + 1) + 4r^2 - 2 = 0\)। [4 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: $(1 + x)^n$ के प्रसार में व्यापक पद $T_{k+1} = {^nC_k} x^k$ होता है। अतः:
  • $r$-वें पद ($T_r = T_{(r-1)+1}$) का गुणांक ${^nC_{r-1}}$ है
  • $(r+1)$-वें पद ($T_{r+1}$) का गुणांक ${^nC_r}$ है
  • $(r+2)$-वें पद ($T_{r+2} = T_{(r+1)+1}$) का गुणांक ${^nC_{r+1}}$ है
चूंकि ये तीनों गुणांक समांतर श्रेणी (A.P.) में हैं, अतः: $$2 \cdot {^nC_r} = {^nC_{r-1}} + {^nC_{r+1}}$$ दोनों पक्षों को ${^nC_r}$ से भाग देने पर: $$2 = \frac{^nC_{r-1}}{^nC_r} + \frac{^nC_{r+1}}{^nC_r}$$ द्विपद गुणांकों के अनुपात सूत्र $\frac{^nC_{r-1}}{^nC_r} = \frac{r}{n - r + 1}$ तथा $\frac{^nC_{r+1}}{^nC_r} = \frac{n - r}{r + 1}$ का प्रयोग करने पर: $$2 = \frac{r}{n - r + 1} + \frac{n - r}{r + 1}$$ दाएँ पक्ष में लघुत्तम समापवर्त्य लेकर जोड़ने पर: $$2 = \frac{r(r + 1) + (n - r)(n - r + 1)}{(n - r + 1)(r + 1)}$$ तिर्यक गुणा (Cross-multiplication) करने पर: $$2(n - r + 1)(r + 1) = r^2 + r + [n^2 - nr + n - nr + r^2 - r]$$ $$2[nr + n - r^2 - r + r + 1] = r^2 + r + n^2 - 2nr + n + r^2 - r$$ $$2nr + 2n - 2r^2 + 2 = n^2 - 2nr + n + 2r^2$$ सभी पदों को दाएँ पक्ष में पक्षांतरित करने पर: $$0 = n^2 - 2nr + n + 2r^2 - 2nr - 2n + 2r^2 - 2$$ $$0 = n^2 - 4nr - n + 4r^2 - 2$$ $$0 = n^2 - n(4r + 1) + 4r^2 - 2$$ $$\mathbf{n^2 - n(4r + 1) + 4r^2 - 2 = 0}$$ इति सिद्धम्।
उदाहरण 5
सिद्ध कीजिए कि: \(C_0^2 + C_1^2 + C_2^2 + \dots + C_n^2 = \frac{(2n)!}{(n!)^2} = {^{2n}C_n}\), जहाँ \(C_r = {^nC_r}\)। [4 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दो सर्वसम द्विपद प्रसारों पर विचार करें: $$(1 + x)^n = C_0 + C_1 x + C_2 x^2 + \dots + C_{n-1} x^{n-1} + C_n x^n \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$ $$(x + 1)^n = C_0 x^n + C_1 x^{n-1} + C_2 x^{n-2} + \dots + C_{n-1} x + C_n \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$ समीकरण 1 तथा समीकरण 2 का गुणा करने पर: $$(1 + x)^n (x + 1)^n = (1 + x)^{2n}$$ $$\left( \sum_{r=0}^n C_r x^r \right) \left( \sum_{k=0}^n C_k x^{n-k} \right) = (1 + x)^{2n} \quad \text{--- (समीकरण 3)}$$ अब समीकरण 3 के दोनों पक्षों में $x^n$ के गुणांक की तुलना करते हैं:
बाएँ पक्ष (LHS) में $x^n$ का गुणांक: पदों का गुणनफल $x^r \cdot x^{n-k} = x^{n + r - k}$ होता है। $x^n$ का पद प्राप्त करने हेतु $n + r - k = n \implies r = k$ होना चाहिए। अतः संगत पदों का गुणनफल जोड़ने पर: $$C_0 \cdot C_0 + C_1 \cdot C_1 + C_2 \cdot C_2 + \dots + C_n \cdot C_n = C_0^2 + C_1^2 + C_2^2 + \dots + C_n^2$$
दाएँ पक्ष (RHS) में $x^n$ का गुणांक: दायाँ पक्ष $(1 + x)^{2n}$ है। द्विपद प्रमेय से इसका व्यापक पद $T_{r+1} = {^{2n}C_r} x^r$ है। $x^n$ का गुणांक प्राप्त करने हेतु $r = n$ रखने पर: $$\text{RHS में } x^n \text{ का गुणांक} = {^{2n}C_n} = \frac{(2n)!}{n!(2n - n)!} = \frac{(2n)!}{(n!)^2}$$ दोनों पक्षों के $x^n$ के गुणांकों को समान रखने पर: $$\mathbf{C_0^2 + C_1^2 + C_2^2 + \dots + C_n^2 = {^{2n}C_n} = \frac{(2n)!}{(n!)^2}}$$ इति सिद्धम्।
उदाहरण 6
(i) द्विपद प्रमेय का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि सभी धन पूर्णांकों \(n\) के लिए \(6^n - 5n - 1\), संख्या \(25\) से विभाज्य है। [2.5 marks] (ii) यदि \(x = \frac{1}{5}\) हो, तो \((3 - 5x)^{11}\) के प्रसार में संख्यात्मक रूप से महत्तम पद ज्ञात कीजिए। [2.5 marks] [कुल 5 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
भाग (i): $6^n - 5n - 1$ का $25$ से विभाज्य होना: [2.5 अंक] संख्या $6$ को $(1 + 5)$ के रूप में लिखते हैं: $$6^n = (1 + 5)^n$$ धन पूर्णांक हेतु द्विपद प्रमेय का उपयोग करने पर: $$(1 + 5)^n = {^nC_0} + {^nC_1} (5) + {^nC_2} (5^2) + {^nC_3} (5^3) + \dots + {^nC_n} (5^n)$$ ${^nC_0} = 1$ तथा ${^nC_1} = n$ प्रतिस्थापित करने पर: $$6^n = 1 + 5n + {^nC_2} (25) + {^nC_3} (125) + \dots + {^nC_n} (5^n)$$ दोनों पक्षों से $(5n + 1)$ घटाने पर: $$6^n - 5n - 1 = 25 \left[ {^nC_2} + {^nC_3} (5) + \dots + {^nC_n} (5^{n-2}) \right]$$ चूंकि $n \ge 1$ तथा सभी द्विपद गुणांक पूर्णांक हैं, अतः कोष्ठक की राशि एक पूर्णांक $k$ है। $$6^n - 5n - 1 = 25k, \quad k \in \mathbb{Z}$$ अतः $6^n - 5n - 1$ सभी $n \in \mathbb{N}$ के लिए $25$ से पूर्णतः विभाज्य है।
भाग (ii): $x = 1/5$ पर $(3 - 5x)^{11}$ का संख्यात्मक रूप से महत्तम पद: [2.5 अंक] व्यंजक को मानक रूप में परिवर्तित करने पर: $$(3 - 5x)^{11} = 3^{11} \left( 1 - \frac{5x}{3} \right)^{11}$$ $x = \frac{1}{5}$ रखने पर: $$y = -\frac{5(1/5)}{3} = -\frac{1}{3} \implies |y| = \frac{1}{3}$$ यहाँ $n = 11$ तथा $|y| = \frac{1}{3}$ है। सीमांत अनुपात ज्ञात करने पर: $$\frac{(n + 1)|y|}{|y| + 1} = \frac{(11 + 1) \cdot \frac{1}{3}}{\frac{1}{3} + 1} = \frac{12 \cdot \frac{1}{3}}{\frac{4}{3}} = \frac{4}{4/3} = 4 \cdot \frac{3}{4} = \mathbf{3}$$ चूंकि यह अनुपात एक पूर्ण पूर्णांक ($m = 3$) प्राप्त होता है: $$\left| \frac{T_{3+1}}{T_3} \right| = \left| \frac{T_4}{T_3} \right| = 1 \implies |T_3| = |T_4|$$ अतः प्रसार में दो संख्यात्मक रूप से महत्तम पद हैं: तीसरा पद ($T_3$) तथा चौथा पद ($T_4$)। किसी एक का संख्यात्मक मान निकालने पर: $$|T_4| = {^{11}C_3} \cdot 3^{11-3} \cdot |-5(1/5)|^3 = {^{11}C_3} \cdot 3^8 \cdot 1^3$$ $${^{11}C_3} = \frac{11 \times 10 \times 9}{3 \times 2 \times 1} = 165, \quad 3^8 = 6561$$ $$|T_4| = 165 \times 6561 = \mathbf{10,82,565}$$ अतः तीसरे और चौथे दोनों पदों का संख्यात्मक मान $10,82,565$ है और वे दोनों महत्तम पद हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

प्रसार में कुल पदों की संख्या गिनने में त्रुटि

सही वैज्ञानिक तथ्य

स्मरण रहे कि सूचकांक r का मान 0 से n तक जाता है, अतः पदों की कुल संख्या (n + 1) होती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

एकल बनाम द्वैत मध्य पद में भ्रम

सही वैज्ञानिक तथ्य

n सम होने पर 1 मध्य पद T_{(n/2)+1}; n विषम होने पर 2 मध्य पद T_{(n+1)/2} तथा T_{(n+3)/2} होते हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

व्यापक पद T_{r+1} में सूचकांक r का विस्थापन दोष

सही वैज्ञानिक तथ्य

k-वें पद के लिए सदैव r = k - 1 होता है। जैसे 5वें पद के लिए r = 5 - 1 = 4 होगा।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऋणात्मक व्यंजक (a - b)ⁿ में (-1)ʳ की उपेक्षा करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

(a - b)ⁿ को [a + (-b)]ⁿ लिखें ताकि (-b)ʳ से (-1)ʳ bʳ स्पष्ट रूप से अलग हो।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

|x| ≥ 1 होने पर भी न्यूटन की अनंत श्रेणी का प्रयोग करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

ऋणात्मक व भिन्नात्मक घात का प्रसार केवल और केवल तभी मान्य है जब |x| < 1 हो।

द्विपद प्रमेय संरचना, पास्कल त्रिभुज एवं गुणांक सर्वसमिकाएँ आरेख

पश्चिम बंगाल कक्षा 11 • बीजगणित • अध्याय 9 द्विपद प्रमेय संरचना एवं पास्कल त्रिभुज मेरु प्रस्तार • व्यापक पद • मध्य पद • द्विपद गुणांक सर्वसमिकाएँ ✓ (a + b)ⁿ = Σ ⁿCᵣ aⁿ⁻ʳ bʳ Total terms in expansion = n + 1 पास्कल त्रिभुज / मेरु प्रस्तार पंक्ति योग 2 की घात बनाते हैं: Σ ⁿCᵣ = 2ⁿ 1 2⁰ = 1 1 1 2¹ = 2 1 2 1 2² = 4 1 3 3 1 2³ = 8 1 4 6 4 1 2⁴ = 16 1 5 10 10 5 1 2⁵ = 32 Pascal's Recursive Identity: ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ (Symmetry: ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ) द्विपद प्रमेय (धन पूर्णांक घातांक) व्यापक पद (r + 1)-वां पद T_{r+1} = ⁿCᵣ · aⁿ⁻ʳ · bʳ p-th term from end = (n - p + 2)-th term from start मध्य पद निर्धारण के नियम n सम है → 1 मध्य पद: T_{(n/2)+1} T_{(n/2)+1} = ⁿC_{n/2} · a^{n/2} · b^{n/2} n विषम है → 2 मध्य पद: T_{(n+1)/2} एवं T_{(n+3)/2} 1st: T_{(n+1)/2} = ⁿC_{(n-1)/2} a^{(n+1)/2} b^{(n-1)/2} 2nd: T_{(n+3)/2} = ⁿC_{(n+1)/2} a^{(n-1)/2} b^{(n+1)/2} x से स्वतंत्र पद (अचर पद) T_{r+1} में x की कुल घात = 0 रखकर r का मान ज्ञात करें Power of x in T_{r+1} = 0 ⇒ r ∈ [0, n] द्विपद गुणांकों की प्रमुख सर्वसमिकाएँ C₀ + C₁ + C₂ + ... + Cₙ = 2ⁿ (Substitute x = 1 in (1 + x)ⁿ) C₀ + C₂ + C₄ + ... = C₁ + C₃ + ... = 2ⁿ⁻¹ (Substitute x = -1 in (1 + x)ⁿ) C₀² + C₁² + C₂² + ... + Cₙ² = ²ⁿCₙ (Sum of squares of binomial coefficients) Σ r·Cᵣ = n · 2ⁿ⁻¹ (Differentiating (1 + x)ⁿ or using r·ⁿCᵣ) किसी भी परिमेय घातांक हेतु (|x| < 1) (1 + x)ⁿ = 1 + nx + [n(n-1)/2!]x² + ... (अनंत श्रेणी) (1 - x)⁻¹ = 1 + x + x² + x³ + ... (1 - x)⁻² = 1 + 2x + 3x² + 4x³ + ... Approximation for small |x| << 1: (1 + x)ⁿ ≈ 1 + nx (Neglect x², x³, ...)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
किसी भी धन पूर्णांक n के लिए: (a + b)ⁿ = Σ ⁿCᵣ aⁿ⁻ʳ bʳ = ⁿC₀ aⁿ + ⁿC₁ aⁿ⁻¹ b + ... + ⁿCₙ bⁿ।
मुख्य बिंदु 2
(a + b)ⁿ के प्रसार में कुल पदों की संख्या सदैव (n + 1) होती है; प्रत्येक पद में a और b की घातों का योग सदैव n रहता है।
मुख्य बिंदु 3
द्विपद गुणांक दोनों सिरों से पूर्णतः सममित होते हैं क्योंकि ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ होता है।
मुख्य बिंदु 4
पास्कल की योग सर्वसमिका: ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ, जो पास्कल त्रिभुज अथवा मेरु प्रस्तार का आधार है।
मुख्य बिंदु 5
व्यापक पद T_{r+1} = ⁿCᵣ aⁿ⁻ʳ bʳ होता है; अंत से p-वां पद आरंभ से (n - p + 2)-वें पद के बराबर होता है।
मुख्य बिंदु 6
यदि n सम है तो ठीक 1 मध्य पद होता है: T_{(n/2)+1}; यदि n विषम है तो ठीक 2 मध्य पद होते हैं: T_{(n+1)/2} और T_{(n+3)/2}।
मुख्य बिंदु 7
x से स्वतंत्र पद ज्ञात करने हेतु T_{r+1} में x की कुल घात को शून्य रखकर पूर्णांक r का मान प्राप्त किया जाता है।
मुख्य बिंदु 8
समस्त द्विपद गुणांकों का योग: C₀ + C₁ + C₂ + ... + Cₙ = 2ⁿ; सम गुणांकों का योग = विषम गुणांकों का योग = 2ⁿ⁻¹।
मुख्य बिंदु 9
द्विपद गुणांकों के वर्गों का योग: C₀² + C₁² + ... + Cₙ² = ²ⁿCₙ = (2n)! / (n!)²।
मुख्य बिंदु 10
किसी भी परिमेय घातांक n और |x| < 1 के लिए: (1 + x)ⁿ = 1 + nx + [n(n-1)/2!]x² + ... (अनंत अभिसारी श्रेणी)।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
(2x + 3y)¹² के प्रसार में कुल कितने पद होंगे?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: प्रसार में पदों की संख्या n + 1 होती है। n = 12 होने पर पद संख्या 12 + 1 = 13 होगी।
घातांक n और कुल पदों की संख्या का संबंध याद करें।
2
(1 + x)⁸ के प्रसार में समस्त द्विपद गुणांकों का योगफल कितना है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: समस्त गुणांकों का योग 2ⁿ = 2⁸ = 256 होता है।
(1 + x)⁸ में x = 1 प्रतिस्थापित करें।
3
(x² - 2y)¹⁰ के प्रसार में कौन-सा पद मध्य पद है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: चूंकि n = 10 सम है, अतः मध्य पद T_{(10/2)+1} = T_6 (छठा पद) होगा।
चूंकि n = 10 सम है, अतः (n/2) + 1 की गणना करें।
4
यदि n = 6 हो तो ⁿC₀ + ⁿC₂ + ⁿC₄ + ... का मान क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 2ⁿ⁻¹ = 2⁶⁻¹ = 2⁵ = 32।
सम द्विपद गुणांकों का योगफल 2ⁿ⁻¹ होता है।
5
किस शर्त के अंतर्गत अनंत प्रसार (1 - x)⁻² मान्य होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यह केवल और केवल तभी मान्य है जब |x| < 1 (अर्थात -1 < x < 1) हो।
सामान्य द्विपद प्रमेय की अभिसरण शर्त पर विचार करें।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

द्विपद प्रमेय में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।