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WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 11
अनुमानित समय: 80 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

सरल रेखाएं

सरल रेखा द्विविमीय निर्देशांक ज्यामिति का सबसे सरल एवं मूलभूत बिंदुपथ है, जो कार्तीय तल में अपरिवर्तनीय दिशा और परिवर्तन की एकसमान दर का प्रतिनिधित्व करता है। वर्ष 1637 में रेने देकार্তে ने बीजगणित और ज्यामिति का समन्वय कर वैश्लेषिक ज्यामिति की नींव रखी। ज्यामितीय रूप से सरल रेखा एक ऐसे गतिशील बिंदु का बिंदुपथ है जिसके किन्हीं दो बिंदुओं के मध्य प्रवणता या ढाल सदैव अचर रहती है। इस अध्याय में विद्यार्थी सरल रेखा के धनात्मक एक्स-अक्ष के साथ वामावर्त दिशा में बने झुकाव कोण तथा उसकी स्पर्शज्या m = tan θ द्वारा परिभाषित प्रवणता की संकल्पना को विस्तार से समझते हैं। पाठ्यक्रम में सरल रेखा के विभिन्न मानक रूपों जैसे: बिंदु-प्रवणता रूप, द्वि-बिंदु रूप, प्रवणता-अंतःखंड रूप, अंतःखंड रूप, अभिलंब रूप तथा सममित या दूरी रूप की पूर्ण बीजीय व्युत्पत्ति समाहित है। इसके अतिरिक्त, दो चरों वाले व्यापक रैखिक समीकरण Ax + By + C = 0 का विश्लेषण और विभिन्न रूपों में उसका रूपांतरण इस अध्याय का मुख्य अंग है। विद्यार्थी दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के बीच का कोण, उनके समांतर व परस्पर लंबवत होने की शर्तें, किसी बिंदु से रेखा पर लंब की लंबाई, दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी, तीन रेखाओं के संगामी होने की सारणिक शर्त, रेखा-कुल का समीकरण तथा रेखा दर्पण के सापेक्ष लंबपाद और प्रतिबिंब के निर्देशांक निकालना सीखते हैं।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

सरल रेखा की अवधारणा आधुनिक अनुप्रयुक्त गणित, कंप्यूटर ग्राफिक्स, रोबोटिक्स, प्रकाशिकी और भौतिकी का आधार है। कंप्यूटर ग्राफिक्स और वीडियो गेम इंजनों में त्रि-विमीय दृश्यों को स्क्रीन पर पिक्सल में प्रदर्शित करने हेतु ब्रेसेनहैम लाइन एल्गोरिदम सीधे सरल रेखा के समीकरणों पर कार्य करता है। स्वचालित रोबोट और स्वायत्त वाहनों के नेविगेशन में दीवारों और अवरोधों को रेखाखंडों के रूप में दर्शाया जाता है तथा न्यूनतम दूरी की गणना लंबवत दूरी सूत्र द्वारा की जाती है। अर्थशास्त्र और औद्योगिक अनुसंधान में रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं में लाभ अधिकतमकरण सरल रेखाओं द्वारा परिबद्ध बहुभुज के शीर्षों पर निर्भर करता है। प्रकाशिकी में समतल दर्पण पर प्रकाश किरणों के परावर्तन के नियम और परावर्तित किरण का पथ रेखा के सापेक्ष प्रतिबिंब निकालकर निर्धारित किया जाता है। पश्चिम बंगाल बोर्ड कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा तथा WBJEE, JEE Main और JEE Advanced जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में निर्देशांक ज्यामिति की आधारशिला के रूप में सरल रेखा से अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं, जो आगे चलकर वृत्त, शंकु परिच्छेद और कलन के अध्ययन को सुगम बनाते हैं।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. मूलभूत अवधारणाएँ: कार्तीय तल, झु...
2 2. सरल रेखा के समीकरण के विभिन्न मा...
3 3. अभिलंब रूप तथा सममित या दूरी रूप
4 4. रेखा का व्यापक समीकरण एवं मानक र...
5 5. दो रेखाओं के मध्य कोण, समांतरता...
6 6. दूरी सूत्र, रेखा-कुल, संगामी रेख...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. मूलभूत अवधारणाएँ: कार्तीय तल, झुकाव, प्रवणता एवं संरेखता

निर्देशांक ज्यामिति में तल के प्रत्येक बिंदु को क्रमित युग्म $(x, y)$ और ज्यामितीय वक्रों को बीजीय समीकरणों द्वारा व्यक्त किया जाता है।

1.1 द्विविमीय कार्तीय तल के आवश्यक सूत्र
  • दूरी सूत्र: बिंदुओं $P(x_1, y_1)$ तथा $Q(x_2, y_2)$ के बीच की दूरी $d = \sqrt{(x_2 - x_1)^2 + (y_2 - y_1)^2}$ है।
  • विभाजन सूत्र: रेखाखंड को $m : n$ के अनुपात में विभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक: $$\text{अंतःविभाजन: } \left(\frac{m x_2 + n x_1}{m + n}, \; \frac{m y_2 + n y_1}{m + n}\right), \quad \text{बाह्यविभाजन: } \left(\frac{m x_2 - n x_1}{m - n}, \; \frac{m y_2 - n y_1}{m - n}\right)$$
  • त्रिभुज का क्षेत्रफल एवं संरेखता: शीर्ष $(x_1, y_1), (x_2, y_2), (x_3, y_3)$ वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल: $$\Delta = \frac{1}{2} |x_1(y_2 - y_3) + x_2(y_3 - y_1) + x_3(y_1 - y_2)|$$ तीनों बिंदु संरेख होंगे यदि और केवल यदि $\Delta = 0$ हो।
1.2 रेखा का झुकाव (Inclination) एवं प्रवणता (Slope या Gradient)
झुकाव कोण ($\theta$): कोई सरल रेखा धनात्मक $x$-अक्ष के साथ वामावर्त (घड़ी की विपरीत) दिशा में जो कोण बनाती है, उसे रेखा का झुकाव कोण कहते हैं। इसका परिसर है: $$0^\circ \le \theta < 180^\circ \quad (\text{या } 0 \le \theta < \pi)$$

प्रवणता ($m$): यदि किसी गैर-ऊर्ध्वाधर रेखा का झुकाव $\theta$ हो ($\theta \neq 90^\circ$), तो $\tan \theta$ को उस रेखा की प्रवणता या ढाल कहते हैं:

$$\mathbf{m = \tan \theta}$$
  • $x$-अक्ष के समांतर (क्षैतिज) रेखा के लिए $\theta = 0^\circ \implies m = \tan 0^\circ = \mathbf{0}$।
  • $y$-अक्ष के समांतर (ऊर्ध्वाधर) रेखा के लिए $\theta = 90^\circ \implies m = \tan 90^\circ$ अपरिभाषित (या अनंत) है।
  • यदि $\theta$ न्यूनकोण हो ($0^\circ < \theta < 90^\circ$), तो प्रवणता $m > 0$ (धनात्मक) होती है।
  • यदि $\theta$ अधिककोण हो ($90^\circ < \theta < 180^\circ$), तो प्रवणता $m < 0$ (ऋणात्मक) होती है।
1.3 दो दिए गए बिंदुओं से होकर जाने वाली रेखा की प्रवणता

यदि रेखा पर दो बिंदु $P(x_1, y_1)$ और $Q(x_2, y_2)$ स्थित हों ($x_1 \neq x_2$):

$$\mathbf{m = \tan \theta = \frac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1} = \frac{y\text{ में परिवर्तन}}{x\text{ में परिवर्तन}}}$$

प्रवणता द्वारा संरेखता: तीन बिंदु $A, B, C$ संरेख होंगे यदि और केवल यदि $\mathbf{\text{Slope}(AB) = \text{Slope}(BC)}$ हो।

2. सरल रेखा के समीकरण के विभिन्न मानक रूप

दिए गए ज्यामितीय प्रतिबंधों (बिंदु, प्रवणता, अंतःखंड) के आधार पर सरल रेखा के समीकरण को विभिन्न मानक रूपों में लिखा जाता है।

2.1 निर्देशांक अक्षों के समांतर रेखाएं
  • $x$-अक्ष के समांतर रेखा: प्रत्येक बिंदु का $y$-निर्देशांक अचर रहता है। समीकरण: $\mathbf{y = k}$ (स्वयं $x$-अक्ष का समीकरण $\mathbf{y = 0}$)।
  • $y$-अक्ष के समांतर रेखा: प्रत्येक बिंदु का $x$-निर्देशांक अचर रहता है। समीकरण: $\mathbf{x = c}$ (स्वयं $y$-अक्ष का समीकरण $\mathbf{x = 0}$)।
2.2 बिंदु-प्रवणता रूप (Point-Slope Form)

बिंदु $(x_1, y_1)$ से जाने वाली तथा $m$ प्रवणता वाली रेखा के समीकरण हेतु रेखा पर किसी चर बिंदु $(x, y)$ के लिए:

$$\frac{y - y_1}{x - x_1} = m \implies \mathbf{y - y_1 = m(x - x_1)}$$
2.3 द्वि-बिंदु रूप (Two-Point Form)

दो बिंदुओं $(x_1, y_1)$ तथा $(x_2, y_2)$ से जाने वाली रेखा का समीकरण:

$$\mathbf{y - y_1 = \frac{y_2 - y_1}{x_2 - x_1} (x - x_1)}$$
2.4 प्रवणता-अंतःखंड रूप (Slope-Intercept Form)

यदि रेखा की प्रवणता $m$ हो तथा वह $y$-अक्ष को बिंदु $(0, c)$ पर काटे ($y$-अंतःखंड $c$):

$$\mathbf{y = mx + c}$$

यदि रेखा का $x$-अक्ष पर अंतःखंड $d$ हो (अर्थात् वह $(d, 0)$ से जाए), तो समीकरण $\mathbf{y = m(x - d)}$ होता है।

2.5 अंतःखंड रूप (Intercept Form)

यदि कोई रेखा $x$-अक्ष और $y$-अक्ष पर क्रमशः अशून्य अंतःखंड $a$ और $b$ काटती हो, तो उसका समीकरण है:

$$\mathbf{\frac{x}{a} + \frac{y}{b} = 1}$$ नोट: $a$ मूलबिंदु से $x$-अंतःखंड की दूरी है और $b$ मूलबिंदु से $y$-अंतःखंड की दूरी है।

3. अभिलंब रूप तथा सममित या दूरी रूप

मूलबिंदु से लंब दूरी अथवा रेखा की दिशा में दूरियों की गणना के लिए अभिलंब और सममित रूप अत्यंत उपयोगी हैं।

3.1 अभिलंब रूप (Normal Form)

माना मूलबिंदु $O(0, 0)$ से रेखा पर खींचे गए लंब की लंबाई $p$ ($p \ge 0$) है, तथा यह लंब धनात्मक $x$-अक्ष से $\alpha$ कोण बनाता है ($0 \le \alpha < 360^\circ$)।

रेखा पर लंबपाद बिंदु के निर्देशांक $(p \cos \alpha, \; p \sin \alpha)$ हैं। लंब का ढाल $\tan \alpha$ होने के कारण रेखा का ढाल $-\frac{\cos \alpha}{\sin \alpha}$ होगा:

$$y - p \sin \alpha = -\frac{\cos \alpha}{\sin \alpha} (x - p \cos \alpha)$$ $$x \cos \alpha + y \sin \alpha = p (\cos^2 \alpha + \sin^2 \alpha)$$
$$\mathbf{x \cos \alpha + y \sin \alpha = p}$$ जहाँ $p \ge 0$ मूलबिंदु से लंबवत दूरी है तथा $0 \le \alpha < 2\pi$।
3.2 सममित अथवा दूरी रूप (Parametric / Distance Form)

यदि कोई रेखा बिंदु $P(x_1, y_1)$ से जाए तथा धनात्मक $x$-अक्ष से $\theta$ कोण बनाए, तो $P$ से $r$ दूरी पर स्थित किसी बिंदु $Q(x, y)$ के लिए:

$$\mathbf{\frac{x - x_1}{\cos \theta} = \frac{y - y_1}{\sin \theta} = r}$$ रेखा पर $r$ दूरी पर स्थित बिंदु के निर्देशांक: $$\mathbf{x = x_1 + r \cos \theta, \quad y = y_1 + r \sin \theta}$$ दूरी चिन्ह नियम: रेखा पर एक दिशा में दूरी धनात्मक और विपरीत दिशा में ऋणात्मक ली जाती है।

4. रेखा का व्यापक समीकरण एवं मानक रूपों में रूपांतरण

द्विविमीय तल में $x$ और $y$ का प्रत्येक प्रथम घातीय समीकरण सदैव एक सरल रेखा को निरूपित करता है।

4.1 व्यापक रैखिक समीकरण
प्रमेय: $x$ और $y$ का व्यापक प्रथम घातीय समीकरण: $$\mathbf{Ax + By + C = 0}$$ (जहाँ $A, B, C \in \mathbb{R}$ तथा $A$ व $B$ दोनों एक साथ शून्य नहीं हैं, अर्थात् $A^2 + B^2 \neq 0$) सदैव एक सरल रेखा निरूपित करता है।
4.2 व्यापक समीकरण का मानक रूपों में रूपांतरण
मानक रूप $Ax + By + C = 0$ का रूपांतरण मुख्य पैरामीटर
प्रवणता-अंतःखंड रूप $$y = \left(-\frac{A}{B}\right)x + \left(-\frac{C}{B}\right) \quad (B \neq 0)$$ $\text{प्रवणता } m = -\frac{A}{B}$
$\text{अंतःखंड } c = -\frac{C}{B}$
अंतःखंड रूप $$\frac{x}{-C/A} + \frac{y}{-C/B} = 1 \quad (A, B, C \neq 0)$$ $x\text{-अंतःखंड } a = -\frac{C}{A}$
$y\text{-अंतःखंड } b = -\frac{C}{B}$
अभिलंब रूप $$\frac{Ax}{\pm\sqrt{A^2 + B^2}} + \frac{By}{\pm\sqrt{A^2 + B^2}} = \frac{-C}{\pm\sqrt{A^2 + B^2}}$$ चिन्ह नियम: दाएँ पक्ष को धनात्मक रखने हेतु $C$ के विपरीत चिन्ह का चयन करें। $p = \frac{|C|}{\sqrt{A^2 + B^2}} \ge 0$
$\cos \alpha = \frac{-A}{\pm\sqrt{A^2+B^2}}$
$\sin \alpha = \frac{-B}{\pm\sqrt{A^2+B^2}}$

5. दो रेखाओं के मध्य कोण, समांतरता एवं लंबवतता की शर्तें

दो प्रतिच्छेदी रेखाओं के मध्य बनने वाला कोण पूर्णतः उनकी प्रवणताओं द्वारा निर्धारित होता है।

5.1 दो रेखाओं के बीच का कोण

माना रेखाओं $L_1$ और $L_2$ की प्रवणताएँ क्रमशः $m_1$ और $m_2$ हैं तथा उनके झुकाव कोण $\theta_1$ और $\theta_2$ हैं ($\theta_2 > \theta_1$)। उनके बीच का कोण $\theta = \theta_2 - \theta_1$:

न्यूनकोण सूत्र: $$\mathbf{\tan \theta = \left| \frac{m_2 - m_1}{1 + m_1 m_2} \right|} \quad (1 + m_1 m_2 \neq 0)$$ अधिककोण $\phi = 180^\circ - \theta$ होगा।
5.2 समांतर एवं लंबवत होने की शर्तें
  • समांतर होने की शर्त ($\theta = 0^\circ$): $$\tan 0^\circ = 0 \implies m_2 - m_1 = 0 \implies \mathbf{m_1 = m_2}$$ व्यापक समीकरण $A_1 x + B_1 y + C_1 = 0$ तथा $A_2 x + B_2 y + C_2 = 0$ के लिए: $$\frac{A_1}{A_2} = \frac{B_1}{B_2} \neq \frac{C_1}{C_2}$$ $Ax + By + C = 0$ के समांतर किसी रेखा का समीकरण: $\mathbf{Ax + By + k = 0}$।
  • परस्पर लंबवत होने की शर्त ($\theta = 90^\circ$): $$\cot 90^\circ = 0 \implies 1 + m_1 m_2 = 0 \implies \mathbf{m_1 m_2 = -1} \quad \left(\text{या } m_2 = -\frac{1}{m_1}\right)$$ व्यापक समीकरणों के लिए: $$A_1 A_2 + B_1 B_2 = 0$$ $Ax + By + C = 0$ पर लंबवत किसी रेखा का समीकरण: $\mathbf{Bx - Ay + k = 0}$।

6. दूरी सूत्र, रेखा-कुल, संगामी रेखाएं एवं प्रतिबिंब

सरल रेखा के ज्यामितीय अनुप्रयोगों में लंबवत दूरी, संगामी रेखाएं और परावर्तन प्रतिबिंब अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

6.1 बिंदु से रेखा की लंबवत दूरी
प्रमेय: किसी बिंदु $P(x_1, y_1)$ से रेखा $Ax + By + C = 0$ की लंबवत दूरी $d$ है: $$\mathbf{d = \frac{|A x_1 + B y_1 + C|}{\sqrt{A^2 + B^2}}}$$ मूलबिंदु $(0, 0)$ से दूरी: $\mathbf{d_0 = \frac{|C|}{\sqrt{A^2 + B^2}}}$।
6.2 दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी

यदि दो समांतर रेखाओं के $x$ व $y$ के गुणांक समान हों ($L_1: Ax + By + C_1 = 0$ तथा $L_2: Ax + By + C_2 = 0$):

$$\mathbf{d = \frac{|C_1 - C_2|}{\sqrt{A^2 + B^2}}}$$ चेतावनी: अचर पदों को घटाने से पहले दोनों समीकरणों में $x$ और $y$ के गुणांकों को समान बनाना अनिवार्य है।
6.3 दो रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाला रेखा-कुल (Family of Lines)

$L_1 \equiv A_1 x + B_1 y + C_1 = 0$ तथा $L_2 \equiv A_2 x + B_2 y + C_2 = 0$ के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली किसी भी रेखा का समीकरण:

$$\mathbf{L_1 + \lambda L_2 = 0 \iff (A_1 x + B_1 y + C_1) + \lambda (A_2 x + B_2 y + C_2) = 0}$$

जहाँ $\lambda \in \mathbb{R}$ एक वास्तविक प्राचल है।

6.4 तीन रेखाओं के संगामी (Concurrent) होने की शर्त

तीन रेखाएं $A_i x + B_i y + C_i = 0$ ($i = 1, 2, 3$) एक ही बिंदु से होकर जाएंगी यदि और केवल यदि:

$$\mathbf{\begin{vmatrix} A_1 & B_1 & C_1 \\ A_2 & B_2 & C_2 \\ A_3 & B_3 & C_3 \end{vmatrix} = 0}$$
6.5 लंबपाद बिंदु तथा बिंदु का प्रतिबिंब
माना बिंदु $P(x_1, y_1)$ है और रेखा $L: ax + by + c = 0$ है:
  • लंबपाद बिंदु $(h, k)$: $$\mathbf{\frac{h - x_1}{a} = \frac{k - y_1}{b} = -\frac{a x_1 + b y_1 + c}{a^2 + b^2}}$$
  • प्रतिबिंब $(x', y')$: $$\mathbf{\frac{x' - x_1}{a} = \frac{y' - y_1}{b} = -2\frac{a x_1 + b y_1 + c}{a^2 + b^2}}$$

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

द्वि-बिंदु प्रवणता एवं झुकाव
m = (y₂ - y₁) / (x₂ - x₁)
झुकाव 0° ≤ θ < 180°। समांतर रेखाएं: m₁ = m₂; लंबवत रेखाएं: m₁·m₂ = -1।
प्रवणता-अंतःखंड एवं अंतःखंड रूप
y = mx + c तथा x/a + y/b = 1
c y-अंतःखंड है; a और b अक्षों पर अशून्य अंतःखंड हैं।
अभिलंब (लंब) रूप
x cos α + y sin α = p
p मूलबिंदु से लंबवत दूरी है; α अभिलंब का झुकाव कोण है।
प्रतिच्छेदी रेखाओं के मध्य कोण
tan θ = |(m₂ - m₁) / (1 + m₁m₂)|
अधिककोण 180° - θ है। 1 + m₁m₂ = 0 होने पर रेखाएं परस्पर लंबवत होती हैं।
बिंदु से रेखा की लंबवत दूरी
|Ax₁ + By₁ + C| / √(A² + B²)
मूलबिंदु से दूरी |C| / √(A² + B²) होती है।
समांतर रेखाओं के बीच की दूरी
|C₁ - C₂| / √(A² + B²)
सूत्र लगाने से पहले दोनों समीकरणों में x और y के गुणांक समान बनाना आवश्यक है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
उस सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो बिंदु \((3, -2)\) से होकर जाती है तथा जिसकी प्रवणता \(-\frac{4}{3}\) है। [2 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिया है: बिंदु $(x_1, y_1) = (3, -2)$ प्रवणता $m = -\frac{4}{3}$ सरल रेखा के बिंदु-प्रवणता रूप का प्रयोग करने पर: $$y - y_1 = m(x - x_1)$$ मान रखने पर: $$y - (-2) = -\frac{4}{3}(x - 3)$$ $$y + 2 = -\frac{4}{3}(x - 3)$$ दोनों पक्षों को $3$ से गुणा करने पर: $$3(y + 2) = -4(x - 3)$$ $$3y + 6 = -4x + 12$$ व्यापक रूप में व्यवस्थित करने पर: $$4x + 3y + 6 - 12 = 0 \implies \mathbf{4x + 3y - 6 = 0}$$ अतः अभीष्ट सरल रेखा का समीकरण $4x + 3y - 6 = 0$ है।
उदाहरण 2
उस सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसकी मूलबिंदु से लंबवत दूरी \(4\) इकाई है तथा अभिलंब धनात्मक \(x\)-अक्ष से \(15^\circ\) का कोण बनाता है। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिया है: मूलबिंदु से लंबवत दूरी $p = 4$ अभिलंब का झुकाव कोण $\alpha = 15^\circ$ सरल रेखा का अभिलंब रूप है: $$x \cos \alpha + y \sin \alpha = p$$ $$x \cos 15^\circ + y \sin 15^\circ = 4$$
$\cos 15^\circ$ तथा $\sin 15^\circ$ का मान ज्ञात करना: $$\cos 15^\circ = \cos(45^\circ - 30^\circ) = \cos 45^\circ \cos 30^\circ + \sin 45^\circ \sin 30^\circ = \frac{1}{\sqrt{2}} \cdot \frac{\sqrt{3}}{2} + \frac{1}{\sqrt{2}} \cdot \frac{1}{2} = \frac{\sqrt{3} + 1}{2\sqrt{2}}$$ $$\sin 15^\circ = \sin(45^\circ - 30^\circ) = \sin 45^\circ \cos 30^\circ - \cos 45^\circ \sin 30^\circ = \frac{1}{\sqrt{2}} \cdot \frac{\sqrt{3}}{2} - \frac{1}{\sqrt{2}} \cdot \frac{1}{2} = \frac{\sqrt{3} - 1}{2\sqrt{2}}$$
मान रखने पर: $$x \left(\frac{\sqrt{3} + 1}{2\sqrt{2}}\right) + y \left(\frac{\sqrt{3} - 1}{2\sqrt{2}}\right) = 4$$ दोनों पक्षों को $2\sqrt{2}$ से गुणा करने पर: $$(\sqrt{3} + 1)x + (\sqrt{3} - 1)y = 8\sqrt{2}$$ अतः अभीष्ट रेखा का समीकरण $\mathbf{(\sqrt{3} + 1)x + (\sqrt{3} - 1)y - 8\sqrt{2} = 0}$ है।
उदाहरण 3
दो समांतर रेखाओं \(3x - 4y + 9 = 0\) तथा \(6x - 8y - 15 = 0\) के बीच की लंबवत दूरी ज्ञात कीजिए। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दी गई समांतर रेखाएं: $$L_1: 3x - 4y + 9 = 0 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$ $$L_2: 6x - 8y - 15 = 0 \quad \text{--- (समीकरण 2)}$$ समांतर रेखा दूरी सूत्र लागू करने हेतु $x$ और $y$ के गुणांक समान होने चाहिए। समीकरण 1 को $2$ से गुणा करने पर: $$2(3x - 4y + 9) = 0 \implies 6x - 8y + 18 = 0$$ अब तुलना करने पर: प्रथम रेखा: $6x - 8y + 18 = 0 \implies A = 6, \; B = -8, \; C_1 = 18$ द्वितीय रेखा: $6x - 8y - 15 = 0 \implies A = 6, \; B = -8, \; C_2 = -15$ समांतर रेखाओं के बीच की दूरी का सूत्र: $$d = \frac{|C_1 - C_2|}{\sqrt{A^2 + B^2}}$$ मान प्रतिस्थापित करने पर: $$d = \frac{|18 - (-15)|}{\sqrt{6^2 + (-8)^2}} = \frac{|18 + 15|}{\sqrt{36 + 64}} = \frac{33}{\sqrt{100}} = \frac{33}{10} = \mathbf{3.3 \text{ इकाई}}$$ अतः दोनों समांतर रेखाओं के बीच की दूरी $3.3$ इकाई (या $\frac{33}{10}$ इकाई) है।
उदाहरण 4
रेखा \(x - 3y + 4 = 0\) के सापेक्ष बिंदु \((1, 2)\) के लंबपाद एवं प्रतिबिंब के निर्देशांक ज्ञात कीजिए। [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दी गई रेखा: $x - 3y + 4 = 0 \implies a = 1, \; b = -3, \; c = 4$ दिया गया बिंदु: $(x_1, y_1) = (1, 2)$ पहले $ax_1 + by_1 + c$ और $a^2 + b^2$ का मान निकालते हैं: $$ax_1 + by_1 + c = 1(1) - 3(2) + 4 = 1 - 6 + 4 = -1$$ $$a^2 + b^2 = 1^2 + (-3)^2 = 1 + 9 = 10$$
भाग 1: लंबपाद बिंदु के निर्देशांक $(h, k)$ मानक सूत्रानुसार: $$\frac{h - x_1}{a} = \frac{k - y_1}{b} = -\frac{a x_1 + b y_1 + c}{a^2 + b^2}$$ $$\frac{h - 1}{1} = \frac{k - 2}{-3} = -\frac{-1}{10} = \frac{1}{10}$$ $h$ का मान: $$h - 1 = \frac{1}{10} \implies h = 1 + \frac{1}{10} = \mathbf{\frac{11}{10}}$$ $k$ का मान: $$k - 2 = -3 \times \frac{1}{10} = -\frac{3}{10} \implies k = 2 - \frac{3}{10} = \mathbf{\frac{17}{10}}$$ अतः लंबपाद के निर्देशांक $\mathbf{\left(\frac{11}{10}, \frac{17}{10}\right)}$ हैं।
भाग 2: प्रतिबिंब के निर्देशांक $(x', y')$ मानक प्रतिबिंब सूत्रानुसार: $$\frac{x' - x_1}{a} = \frac{y' - y_1}{b} = -2 \frac{a x_1 + b y_1 + c}{a^2 + b^2}$$ $$\frac{x' - 1}{1} = \frac{y' - 2}{-3} = -2\left(-\frac{1}{10}\right) = \frac{2}{10} = \frac{1}{5}$$ $x'$ का मान: $$x' - 1 = \frac{1}{5} \implies x' = 1 + \frac{1}{5} = \mathbf{\frac{6}{5}}$$ $y'$ का मान: $$y' - 2 = -3 \times \frac{1}{5} = -\frac{3}{5} \implies y' = 2 - \frac{3}{5} = \mathbf{\frac{7}{5}}$$ अतः बिंदु का रेखा के सापेक्ष प्रतिबिंब $\mathbf{\left(\frac{6}{5}, \frac{7}{5}\right)}$ है।
उदाहरण 5
उस सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो रेखाओं \(2x + 3y - 4 = 0\) और \(x - 5y + 7 = 0\) के प्रतिच्छेद बिंदु से जाती है तथा रेखा \(3x + 4y - 5 = 0\) पर लंबवत है। [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाला रेखा-कुल $2x + 3y - 4 = 0$ और $x - 5y + 7 = 0$ के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली रेखा का समीकरण: $$(2x + 3y - 4) + \lambda(x - 5y + 7) = 0$$ $x$ व $y$ के पद व्यवस्थित करने पर: $$(2 + \lambda)x + (3 - 5\lambda)y + (-4 + 7\lambda) = 0 \quad \text{--- (समीकरण 1)}$$ इस रेखा की प्रवणता: $$m_1 = -\frac{x\text{ का गुणांक}}{y\text{ का गुणांक}} = -\frac{2 + \lambda}{3 - 5\lambda} = \frac{2 + \lambda}{5\lambda - 3}$$
चरण 2: लंबवतता प्रतिबंध दी गई रेखा $3x + 4y - 5 = 0$ की प्रवणता: $$m_2 = -\frac{3}{4}$$ चूँकि दोनों रेखाएं परस्पर लंबवत हैं: $$m_1 \cdot m_2 = -1$$ $$\left(\frac{2 + \lambda}{5\lambda - 3}\right) \left(-\frac{3}{4}\right) = -1$$ दोनों पक्षों को $-1$ से गुणा करने पर: $$\frac{3(2 + \lambda)}{4(5\lambda - 3)} = 1$$ $$3(2 + \lambda) = 4(5\lambda - 3)$$ $$6 + 3\lambda = 20\lambda - 12$$ $$6 + 12 = 20\lambda - 3\lambda$$ $$18 = 17\lambda \implies \mathbf{\lambda = \frac{18}{17}}$$
चरण 3: समीकरण में $\lambda$ का मान रखना समीकरण 1 में $\lambda = \frac{18}{17}$ रखने पर: $$\left(2 + \frac{18}{17}\right)x + \left(3 - 5\cdot\frac{18}{17}\right)y + \left(-4 + 7\cdot\frac{18}{17}\right) = 0$$ $$\left(\frac{34 + 18}{17}\right)x + \left(\frac{51 - 90}{17}\right)y + \left(\frac{-68 + 126}{17}\right) = 0$$ $$\frac{52}{17}x - \frac{39}{17}y + \frac{58}{17} = 0$$ $17$ से गुणा करने पर: $$\mathbf{52x - 39y + 58 = 0}$$ अतः अभीष्ट सरल रेखा का समीकरण $52x - 39y + 58 = 0$ है।
उदाहरण 6
(i) एक प्रकाश किरण बिंदु \((1, 2)\) से चलकर \(x\)-अक्ष के बिंदु \(A\) पर परावर्तित होती है तथा परावर्तित किरण बिंदु \((5, 3)\) से गुजरती है। \(A\) के निर्देशांक ज्ञात कीजिए। [2.5 अंक] (ii) \(k\) का मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए रेखाएं \(3x + y - 2 = 0\), \(kx + 2y - 3 = 0\), तथा \(2x - y - 3 = 0\) संगामी हों। [2.5 अंक] [कुल 5 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
भाग (i): $x$-अक्ष पर प्रकाश किरण का परावर्तन: [2.5 अंक] माना आपतित किरण $P(1, 2)$ से चलती है तथा $x$-अक्ष को बिंदु $A(x_0, 0)$ पर स्पर्श करती है। परावर्तित किरण $Q(5, 3)$ से जाती है। परावर्तन के नियमानुसार, परावर्तक तल ($x$-अक्ष, अर्थात् $y = 0$) के सापेक्ष $P(1, 2)$ का प्रतिबिंब $P'$ परावर्तित किरण $AQ$ की सीध में स्थित होगा। $x$-अक्ष के सापेक्ष $P(1, 2)$ का प्रतिबिंब बिंदु है: $$P'(1, -2)$$ चूँकि $P', A, Q$ संरेख हैं, अतः रेखा $P'Q$ की प्रवणता: $$m = \frac{3 - (-2)}{5 - 1} = \frac{3 + 2}{4} = \frac{5}{4}$$ रेखा $P'Q$ का समीकरण: $$y - (-2) = \frac{5}{4}(x - 1) \implies y + 2 = \frac{5}{4}(x - 1)$$ $$4(y + 2) = 5(x - 1) \implies 4y + 8 = 5x - 5 \implies 5x - 4y - 13 = 0$$ बिंदु $A(x_0, 0)$ $x$-अक्ष पर स्थित है, अतः $y = 0$ रखने पर: $$5x_0 - 4(0) - 13 = 0 \implies 5x_0 = 13 \implies \mathbf{x_0 = \frac{13}{5}}$$ अतः बिंदु $A$ के निर्देशांक $\mathbf{\left(\frac{13}{5}, 0\right)}$ हैं।
भाग (ii): तीनों रेखाओं के संगामी होने हेतु $k$ का मान: [2.5 अंक] दी गई रेखाएं: $$L_1: 3x + y - 2 = 0$$ $$L_2: kx + 2y - 3 = 0$$ $$L_3: 2x - y - 3 = 0$$ तीन रेखाओं के संगामी होने की सारणिक शर्त: $$\begin{vmatrix} 3 & 1 & -2 \\ k & 2 & -3 \\ 2 & -1 & -3 \end{vmatrix} = 0$$ प्रथम पंक्ति के सापेक्ष प्रसार करने पर: $$3 [2(-3) - (-3)(-1)] - 1 [k(-3) - (-3)(2)] + (-2) [k(-1) - 2(2)] = 0$$ $$3 [-6 - 3] - 1 [-3k + 6] - 2 [-k - 4] = 0$$ $$3(-9) + 3k - 6 + 2k + 8 = 0$$ $$-27 + 5k + 2 = 0$$ $$5k - 25 = 0 \implies 5k = 25 \implies \mathbf{k = 5}$$ अतः तीनों रेखाओं के संगामी होने के लिए $k = 5$ होगा।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

समांतर रेखाओं की दूरी निकालते समय गुणांक समान न करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

पहले दोनों समीकरणों में x और y के गुणांकों को बराबर करें (जैसे पहली रेखा को 2 से गुणा कर 6x - 8y + 18 = 0 बनाएं)।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अभिलंब रूप में p का मान ऋणात्मक रखना

सही वैज्ञानिक तथ्य

अभिलंब रूप x cos α + y sin α = p में सदैव p ≥ 0 होना आवश्यक है; यदि C धनात्मक है तो पूरे समीकरण को -1 से गुणा करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मूलबिंदु से जाने वाली रेखा पर अंतःखंड रूप x/a + y/b = 1 का प्रयोग

सही वैज्ञानिक तथ्य

मूलबिंदु से जाने वाली रेखा के अक्षों पर अंतःखंड a = 0 और b = 0 होते हैं, अतः शून्य से विभाजन अपरिभाषित है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लंबवतता में ऊर्ध्वाधर रेखा की प्रवणता की उपेक्षा

सही वैज्ञानिक तथ्य

क्षैतिज रेखा (m = 0) और ऊर्ध्वाधर रेखा (m अपरिभाषित) परस्पर लंबवत होती हैं, यद्यपि उनका गुणनफल m₁m₂ परिभाषित नहीं है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लंबपाद और प्रतिबिंब सूत्र के गुणांकों में भ्रम

सही वैज्ञानिक तथ्य

लंबपाद बिंदु के लिए कोष्ठक के बाहर -1 होता है; प्रतिबिंब के लिए -2 होता है क्योंकि प्रतिबिंब दर्पण से दोगुनी दूरी पर होता है।

सरल रेखा संरचना, मानक रूप एवं दूरी सूत्र आरेख

सरल रेखा ज्यामितीय संरचना एवं मानक समीकरण WBCHSE कक्षा 11 गणित (निर्देशांक ज्यामिति) रूपरेखा प्रवणता एवं मानक रूप प्रवणता (Slope): m = tan θ ■ Slope-Intercept: y = mx + c ■ बिंदु-प्रवणता: y - y₁ = m(x - x₁) ■ Two-Point Form: y - y₁ = [(y₂ - y₁)/(x₂ - x₁)](x - x₁) ■ अंतःखंड रूप: x/a + y/b = 1 अभिलंब रूप एवं ज्यामिति p α x cos α + y sin α = p p = |C| / √(A² + B²) cos α = -A / ±√(A²+B²) sin α = -B / ±√(A²+B²) मूलबिंदु से लंब p ≥ 0, कोण α प्रतिच्छेद कोण एवं शर्तें tan θ = |(m₂ - m₁)/(1 + m₁m₂)| ■ Parallel Condition (θ = 0°): समांतर शर्त: m₁ = m₂ ■ Perpendicular (θ = 90°): परस्पर लंब शर्त: m₁ · m₂ = -1 दूरी सूत्र बिंदु (x₁, y₁) से रेखा की लंबवत दूरी: d = |Ax₁ + By₁ + C| / √(A² + B²) दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी: d = |C₁ - C₂| / √(A² + B²) रेखा-कुल एवं प्रतिबिंब प्रतिच्छेद रेखा-कुल: L₁ + λL₂ = 0 ■ Foot of Perpendicular (h, k): (h - x₁)/a = (k - y₁)/b = - (ax₁ + by₁ + c)/(a² + b²) ■ Image / Reflection of Point (x', y'): (x' - x₁)/a = (y' - y₁)/b = - 2(ax₁ + by₁ + c)/(a² + b²)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
सरल रेखा अचर प्रवणता वाले बिंदु का बिंदुपथ है; झुकाव 0° से 180° के बीच होता है तथा प्रवणता m = tan θ है।
मुख्य बिंदु 2
दो बिंदुओं से जाने वाली रेखा की प्रवणता m = (y₂ - y₁) / (x₂ - x₁) है; क्षैतिज रेखा की प्रवणता 0 और ऊर्ध्वाधर रेखा की प्रवणता अपरिभाषित है।
मुख्य बिंदु 3
दो रेखाएं समांतर होंगी यदि m₁ = m₂ हो तथा परस्पर लंबवत होंगी यदि m₁ · m₂ = -1 (या A₁A₂ + B₁B₂ = 0) हो।
मुख्य बिंदु 4
दो रेखाओं के मध्य न्यूनकोण tan θ = |(m₂ - m₁) / (1 + m₁ m₂)| होता है।
मुख्य बिंदु 5
मानक रूप: बिंदु-प्रवणता y - y₁ = m(x - x₁), प्रवणता-अंतःखंड y = mx + c तथा अंतःखंड रूप x/a + y/b = 1 है।
मुख्य बिंदु 6
अभिलंब रूप x cos α + y sin α = p, जहाँ p ≥ 0 मूलबिंदु से लंबवत दूरी और α अभिलंब का झुकाव कोण है।
मुख्य बिंदु 7
सममित दूरी रूप (x - x₁)/cos θ = (y - y₁)/sin θ = r, जिससे रेखा पर स्थित बिंदु (x₁ + r cos θ, y₁ + r sin θ) प्राप्त होते हैं।
मुख्य बिंदु 8
बिंदु (x₁, y₁) से रेखा Ax + By + C = 0 की लंबवत दूरी d = |Ax₁ + By₁ + C| / √(A² + B²) है।
मुख्य बिंदु 9
दो समांतर रेखाओं Ax + By + C₁ = 0 और Ax + By + C₂ = 0 के बीच की दूरी d = |C₁ - C₂| / √(A² + B²) होती है।
मुख्य बिंदु 10
तीन रेखाएं संगामी होती हैं यदि उनके गुणांकों का सारणिक शून्य हो; प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाला रेखा-कुल L₁ + λ L₂ = 0 है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
(2, 4) और (4, 8) को मिलाने वाली रेखा पर लंबवत रेखा की प्रवणता क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: लंबवत रेखा की प्रवणता -1/2 है।
पहले m₁ = (8 - 4)/(4 - 2) = 2 निकालें, फिर m₁ · m₂ = -1 का प्रयोग करें।
2
3x + 4y - 12 = 0 रेखा के x और y अक्षों पर अंतःखंड क्या हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: x-अंतःखंड a = 4 और y-अंतःखंड b = 3 हैं।
समीकरण को 12 से भाग देकर x/a + y/b = 1 रूप में बदलें।
3
मूलबिंदु से 5x + 12y - 26 = 0 रेखा की लंबवत दूरी क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: d = |-26| / √(25 + 144) = 26 / 13 = 2 इकाई।
d = |C| / √(A² + B²) सूत्र में C = -26, A = 5, B = 12 रखें।
4
2x - 3y + 5 = 0 के समांतर और (1, 1) से जाने वाली रेखा का समीकरण क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 2(1) - 3(1) + k = 0 ⇒ k = 1। समीकरण 2x - 3y + 1 = 0 है।
2x - 3y + k = 0 मानकर (1, 1) रखकर k निकालें।
5
तीन रेखाओं के संगामी होने की सारणिक शर्त क्या है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: उनके गुणांकों का सारणिक शून्य होना चाहिए: det([A1, B1, C1; A2, B2, C2; A3, B3, C3]) = 0।
उनके गुणांकों द्वारा निर्मित 3x3 सारणिक का मान याद करें।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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