गणितीय प्रायिकता का आरंभ नियतात्मक और यादृच्छिक परिघटनाओं के मध्य स्पष्ट अंतर को समझने से होता है।
भौतिक विज्ञान के वे प्रयोग जो समान परिस्थितियों में बार-बार दोहराने पर सदैव एक ही परिणाम देते हैं, उन्हें नियतात्मक (Deterministic) प्रयोग कहा जाता है (जैसे गुरुत्वीय त्वरण मापना)। इसके विपरीत, किसी प्रयोग को यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment) तब कहा जाता है जब वह दो आवश्यक शर्तों को पूरा करता हो:
- इसके एक से अधिक संभव परिणाम हों।
- प्रयोग संपन्न करने से पूर्व किसी विशिष्ट प्रयास के सटीक परिणाम का पूर्वानुमान लगाना असंभव हो, यद्यपि सभी संभव परिणामों की सूची पहले से ज्ञात होती है।
किसी यादृच्छिक प्रयोग को एक बार निष्पादित करना एक प्रयास (Trial) कहलाता है और प्राप्त फल को परिणाम (Outcome) कहते हैं। किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभव परिणामों का समुच्चय उस प्रयोग की प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) कहलाता है, जिसे सामान्यतः \(S\) (या \(\Omega\)) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। प्रतिदर्श समष्टि के प्रत्येक अवयव को प्रतिदर्श बिंदु (Sample Point) कहा जाता है।
| यादृच्छिक प्रयोग | प्रतिदर्श समष्टि \(S\) | प्रतिदर्श बिंदुओं की संख्या \(n(S)\) |
|---|---|---|
| एक निष्पक्ष सिक्के को उछालना | \(S = \{H, T\}\) (शीर्ष, पुच्छ) | \(2^1 = 2\) |
| \(n\) सिक्के एक साथ उछालना | \(S = \{(x_1, x_2, \dots, x_n) : x_i \in \{H, T\}\}\) | \(2^n\) |
| एक पासे को फेंकना | \(S = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\}\) | \(6^1 = 6\) |
| दो पासों को एक साथ फेंकना | \(S = \{(i, j) : 1 \le i, j \le 6\}\) | \(6^2 = 36\) |
| ताश की गड्डी में से एक पत्ता निकालना | 4 सूट \(\times\) 13 प्रकार के पत्ते | \(52\) |
ताश की एक मानक गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं जो दो रंगों में विभाजित हैं: 26 लाल (पान ♥ और ईंट ♦) तथा 26 काले (हुकुम ♠ और चिड़ी ♣)। कुल 4 सूट (रंग-प्रकार) होते हैं, प्रत्येक में 13 पत्ते: इक्का (Ace), 2 से 10 तक संख्याएँ, गुलाम (Jack), बेगम (Queen) और बादशाह (King)। कुल 12 चित्र वाले पत्तों को तस्वीर वाले पत्ते (Face Cards) (Jack, Queen, King) तथा 16 पत्तों (इक्का, बादशाह, बेगम, गुलाम) को प्रतिष्ठित पत्ते (Honor Cards) कहा जाता है।