उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में 1874 ईस्वी में जर्मन गणितज्ञ जॉर्ज कैंटर (Georg Cantor) ने त्रिकोणमितीय श्रेणियों और सांतत्यक पर शोध करते समय समुच्चय सिद्धांत का आविष्कार किया। प्रारंभ में विरोध के बावजूद यह आधुनिक गणित की सार्वभौमिक भाषा बन गया।
वास्तविक या विचार जगत की सुपरिभाषित एवं परस्पर भिन्न वस्तुओं के संग्रह को समुच्चय (Set) कहते हैं। संग्रह की वस्तुओं को समुच्चय के अवयव या सदस्य (Elements / Members) कहा जाता है।
- वैध समुच्चय: "अंग्रेजी वर्णमाला के स्वरों का संग्रह" — सुपरिभाषित है, क्योंकि {a, e, i, o, u} में कोई मतभेद नहीं है। "20 से छोटी अभाज्य संख्याओं का संग्रह" — सुपरिभाषित है ({2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19})।
- अवैध संग्रह (समुच्चय नहीं हैं): "भारत के 5 सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों का संग्रह" — समुच्चय नहीं है, क्योंकि "सर्वश्रेष्ठ" एक व्यक्तिपरक विशेषण है जिसका कोई सार्वभौमिक पैमाना नहीं है। "कक्षा 11 गणित के कठिन अध्यायों का संग्रह" — समुच्चय नहीं है।
समुच्चयों को अंग्रेजी वर्णमाला के बड़े अक्षरों ($A, B, C, X, Y, Z$) द्वारा तथा उनके अवयवों को छोटे अक्षरों ($a, b, c, x, y, z$) या संख्याओं द्वारा दर्शाया जाता है।
- यदि $x$ समुच्चय $A$ का अवयव है, तो लिखते हैं: $x \in A$ (पढ़ा जाता है: "$x$ belongs to $A$" अथवा "$x$, $A$ का अवयव है")।
- यदि $x$ समुच्चय $A$ का अवयव नहीं है, तो लिखते हैं: $x \notin A$ (पढ़ा जाता है: "$x$ does not belong to $A$")।
| विधि | विवरण एवं नियम | मानक उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. रोस्टर या सारणीबद्ध रूप (Roster / Tabular Form) | समुच्चय के सभी अवयवों को अर्धविराम (कमा) द्वारा अलग करके मंजले कोष्ठक $\{ \}$ के भीतर सूचीबद्ध किया जाता है।
नियम 1: अवयवों का क्रम बदलने से समुच्चय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता: $\{1, 2, 3\} = \{3, 1, 2\}$। नियम 2: समुच्चय में किसी अवयव की पुनरावृत्ति नहीं की जाती: "TRIGONOMETRY" के अक्षरों का समुच्चय $\{T, R, I, G, O, N, M, E, Y\}$ है। |
$V = \{a, e, i, o, u\}$ $P = \{2, 3, 5, 7, 11\}$ $E = \{2, 4, 6, 8, \dots\}$ (अपरिमित) |
| 2. समुच्चय निर्माण रूप (Set-Builder / Rule Form) | अवयवों को सीधे सूचीबद्ध न करके एक चर $x$ के माध्यम से उनके विशिष्ट उभयनिष्ठ गुणधर्म $P(x)$ का उल्लेख किया जाता है।
सामान्य प्रारूप: $A = \{x : P(x)\}$ अथवा $\{x \mid P(x)\}$, जिसका अर्थ है: "उन सभी $x$ का समुच्चय जो गुणधर्म $P(x)$ को संतुष्ट करते हैं"। |
$V = \{x : x \text{ अंग्रेजी वर्णमाला का एक स्वर है}\}$ $S = \{x \in \mathbb{N} : x^2 - 5x + 6 = 0\}$ $A = \{x : x = 2n, n \in \mathbb{N}\}$ |
उच्च माध्यमिक गणित में प्रयुक्त सार्वभौमिक संख्या समुच्चय:
- $\mathbb{N} = \{1, 2, 3, 4, \dots\}$ : सभी प्राकृत संख्याओं का समुच्चय (Natural Numbers)।
- $\mathbb{W} = \{0, 1, 2, 3, \dots\}$ : सभी पूर्ण संख्याओं का समुच्चय (Whole Numbers)।
- $\mathbb{Z}$ अथवा $\mathbb{I} = \{\dots, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, \dots\}$ : सभी पूर्णांकों का समुच्चय (Integers)।
- $\mathbb{Q} = \left\{\frac{p}{q} : p, q \in \mathbb{Z}, q \neq 0, \gcd(p, q) = 1\right\}$ : सभी परिमेय संख्याओं का समुच्चय (Rational Numbers)।
- $\mathbb{R}$ : सभी वास्तविक संख्याओं का समुच्चय (Real Numbers) (परिमेय एवं अपरिमेय संख्याओं का समुच्चय)।
- $\mathbb{C} = \{a + ib : a, b \in \mathbb{R}, i = \sqrt{-1}\}$ : सभी सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय (Complex Numbers)।