समुच्चय सिद्धांत से संबंध, फलन और वैश्लेषिक ज्यामिति की यात्रा क्रमित युग्म (Ordered Pair) और कार्तीय गुणन (Cartesian Product) की संकल्पना से प्रारंभ होती है, जिसका नामकरण महान फ्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ रेने देकार्त (René Descartes, 1596–1650) के सम्मान में किया गया है।
जब दो अवयवों को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित करके कोष्ठक के भीतर लिखा जाता है, तो उसे क्रमित युग्म (Ordered Pair) कहते हैं, जिसे $(a, b)$ द्वारा दर्शाया जाता है। यहाँ $a$ को प्रथम घटक या भुज (Abscissa) तथा $b$ को द्वितीय घटक या कोटि (Ordinate) कहा जाता है।
समुच्चय से मौलिक अंतर: समुच्चय में अवयवों का क्रम अर्थहीन होता है: $\{1, 2\} = \{2, 1\}$। परंतु क्रमित युग्म में क्रम सर्वोपरि है: $(1, 2) \neq (2, 1)$ (जब तक कि दोनों अवयव समान न हों)।
माना $A$ और $B$ दो अरिक्त (non-empty) समुच्चय हैं। $A$ और $B$ का कार्तीय गुणन $A \times B$ (उच्चारण: "$A$ cross $B$") उन सभी क्रमित युग्मों $(a, b)$ का समुच्चय है जिनका प्रथम अवयव $a \in A$ तथा द्वितीय अवयव $b \in B$ हो।
- यदि $A = \emptyset$ अथवा $B = \emptyset$ हो, तो परिभाषा अनुसार $A \times B = \emptyset$ होगा।
- अ-क्रमविनिमेयता: सामान्यतः $A \times B \neq B \times A$। ये दोनों समुच्चय केवल तभी समान होते हैं जब $A = B$ हो।
यदि $A$ और $B$ दो परिमित समुच्चय हैं जिनमें $n(A) = p$ तथा $n(B) = q$ अवयव हैं, तो:
उपपत्ति की रूपरेखा: समुच्चय $A$ से प्रथम अवयव $a$ चुनने के $p$ स्वतंत्र विकल्प हैं। इनमें से प्रत्येक विकल्प के लिए समुच्चय $B$ से द्वितीय अवयव $b$ चुनने के $q$ स्वतंत्र विकल्प हैं। गणना के मूल गुणन सिद्धांत के अनुसार कुल क्रमित युग्मों की संख्या $p \times q$ होगी।
कार्तीय गुणन समुच्चय की मूलभूत संक्रियाओं (सम्मेलन, सर्वनिष्ठ और अंतर) पर वितरित होता है:
- सम्मेलन पर वितरण: $A \times (B \cup C) = (A \times B) \cup (A \times C)$
- सर्वनिष्ठ पर वितरण: $A \times (B \cap C) = (A \times B) \cap (A \times C)$
- अंतर पर वितरण: $A \times (B - C) = (A \times B) - (A \times C)$
- उभयनिष्ठ अवयव प्रमेय (बोर्ड परीक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण): यदि दो समुच्चयों $A$ और $B$ में $k$ अवयव उभयनिष्ठ (common) हों, अर्थात् $n(A \cap B) = k$, तो $A \times B$ तथा $B \times A$ में ठीक $k^2$ अवयव उभयनिष्ठ होंगे: $$(A \times B) \cap (B \times A) = (A \cap B) \times (B \cap A) \implies n((A \times B) \cap (B \times A)) = k^2$$
- $\mathbb{R} \times \mathbb{R} = \mathbb{R}^2 = \{(x, y) : x, y \in \mathbb{R}\}$ संपूर्ण सतत 2-विमीय कार्तीय निर्देशांक तल (Cartesian Plane) को निरूपित करता है।
- $\mathbb{R} \times \mathbb{R} \times \mathbb{R} = \mathbb{R}^3 = \{(x, y, z) : x, y, z \in \mathbb{R}\}$ संपूर्ण 3-विमीय यूक्लिडीय आकाश (3D Space) को निरूपित करता है।