दो वास्तविक संख्याओं अथवा दो बीजगणितीय व्यंजकों के बीच $<$, $>$, $\le$, अथवा $\ge$ चिन्हों द्वारा स्थापित संबंध को असमिका (Inequality) कहते हैं। समीकरण जहाँ निश्चित संतुलन व्यक्त करते हैं, वहीं असमिकाएँ सीमाओं, सहनशीलताओं और कार्यक्षेत्रों का निर्धारण करती हैं।
- सुनिश्चित असमिकाएँ (Strict Inequalities): जिनमें केवल छोटे ($<$) या बड़े ($>$) का चिन्ह होता है, जैसे $ax + b < 0$ या $ax + b > 0$। इसमें सीमा बिंदु हल में शामिल नहीं होते।
- शिथिल असमिकाएँ (Slack / Non-Strict Inequalities): जिनमें $\le$ या $\ge$ का चिन्ह होता है, जैसे $ax + b \le 0$ या $ax + b \ge 0$। इसमें सीमा बिंदु हल में सम्मिलित होते हैं।
- एक चर वाली रैखिक असमिका: वह असमिका जिसे $ax + b < 0$, $ax + b \le 0$, $ax + b > 0$, या $ax + b \ge 0$ के रूप में लिखा जा सके, जहाँ $a \neq 0$ तथा $a, b \in \mathbb{R}$ हैं।
- संयुक्त असमिकाएँ (Double Inequalities): जहाँ एक व्यंजक दो सीमाओं के मध्य स्थित होता है, जैसे $a < f(x) \le b$।
| नियम | संक्रिया | गणितीय कथन | चिन्ह की स्थिति |
|---|---|---|---|
| नियम 1 | जोड़ अथवा घटाव | यदि $a < b$ हो, तो किसी भी $c \in \mathbb{R}$ के लिए $a + c < b + c$ तथा $a - c < b - c$। | अपरिवर्तित रहता है |
| नियम 2 | धनात्मक संख्या से गुणा / भाग | यदि $a < b$ तथा $c > 0$ हो, तो $ac < bc$ तथा $\frac{a}{c} < \frac{b}{c}$। | अपरिवर्तित रहता है |
| नियम 3 | ऋणात्मक संख्या से गुणा / भाग | यदि $a < b$ तथा $c < 0$ हो, तो $ac > bc$ तथा $\frac{a}{c} > \frac{b}{c}$। | सर्वथा उलट जाता है |
- व्युत्क्रम का नियम: यदि $a$ और $b$ समान चिन्ह वाले हों तथा $a < b$ हो, तो $\frac{1}{a} > \frac{1}{b}$ होता है (जैसे $2 < 5 \implies \frac{1}{2} > \frac{1}{5}$; तथा $-5 < -2 \implies -\frac{1}{5} > -\frac{1}{2}$)।
- तिर्यक गुणन की चेतावनी: $\frac{x-1}{x-2} > 0$ में सीधे $(x - 2)$ से तिर्यक गुणा नहीं किया जा सकता, क्योंकि $(x - 2)$ का चिन्ह अज्ञात है। यदि $x < 2$ हो तो चिन्ह उलट जाएगा। अतः हमेशा धनात्मक राशि $[(x-2)^2 > 0]$ से गुणा करें अथवा तरंग वक्र विधि अपनाएं।