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WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 5
अनुमानित समय: 70 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

रैखिक असमिकाएं

बीजगणित और व्यावहारिक जीवन के गणितीय विश्लेषण में दो राशियों के बीच का संबंध सदैव पूर्ण समानता के रूप में सीमित नहीं होता। कम, अधिक, कम या बराबर, अथवा अधिक या बराबर जैसे क्रम तुलनात्मक संबंधों को असमिका कहा जाता है। एक चर वाली रैखिक असमिका में एक घात वाले बीजगणितीय व्यंजक के साथ असमिका चिन्ह जुड़े होते हैं। सामान्य रैखिक समीकरणों के जहाँ कुछ गिने-चुने विविक्त हल प्राप्त होते हैं, वहीं रैखिक असमिकाओं से वास्तविक संख्याओं का एक अखंड और अनंत विस्तार वाला हल समुच्चय प्राप्त होता है, जिसे अंतराल संकेतन और संख्या रेखा पर छायांकित भाग द्वारा व्यक्त किया जाता है। असमिकाओं के हल के बीजगणितीय नियम सामान्य समीकरणों के समान ही होते हैं, परंतु इसका सबसे प्रमुख मूलभूत नियम यह है कि किसी असमिका के दोनों पक्षों में ऋणात्मक संख्या से गुणा या भाग करने पर असमिका का चिन्ह उलट जाता है। द्विविमीय तल में दो चरों वाली रैखिक असमिका पूरे कार्तीय तल को एक सरल रेखा द्वारा दो अर्धतलों में विभाजित करती है, जिसका हल क्षेत्र मूलबिंदु परीक्षण द्वारा ज्ञात किया जाता है। एक साथ कई असमिकाओं के निकाय से एक परिबद्ध सुसंगत हल क्षेत्र बनता है, जो कक्षा 12 के रैखिक प्रोग्रामन (LPP) का प्रत्यक्ष आधार है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

रैखिक असमिकाएँ इष्टतमीकरण (Optimization), संसाधन आवंटन और व्यावहारिक सीमाओं के विश्लेषण की सार्वभौमिक गणितीय भाषा हैं। अर्थशास्त्र और औद्योगिक प्रबंधन में कोई भी उत्पादन संयंत्र निश्चित समानता पर कार्य नहीं करता; उनकी उत्पादन योजना कच्चे माल की अधिकतम उपलब्धता, बजट की अधिकतम सीमा और न्यूनतम बिक्री कोटा जैसी कई असमिकाओं द्वारा संचालित होती है। संरचनात्मक और यांत्रिक अभियांत्रिकी में सुरक्षा मानकों के अनुसार कार्यकारी प्रतिबल को पदार्थ के अधिकतम अनुमेय प्रतिबल से कम रखना अनिवार्य होता है। चिकित्सा विज्ञान में रोगी के रक्त में किसी औषधि की सांद्रता को एक न्यूनतम प्रभावी मात्रा और विषाक्तता की अधिकतम सीमा के बीच सीमित रखना होता है। पश्चिम बंगाल बोर्ड कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा तथा WBJEE, JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में फलनों के प्रांत (Domain), परिसर (Range), लघुगणकीय शर्तों तथा अवकलन-समाकलन के अनुप्रयोगों में असमिकाएँ सर्वव्यापी हैं। इस अध्याय में अर्जित वैचारिक और आलेखीय कौशल विद्यार्थियों को कक्षा 12 के रैखिक प्रोग्रामन (LPP) के लिए पूरी तरह सक्षम बनाते हैं।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. असमिकाओं की संकल्पना, मूलभूत निय...
2 2. एक चर वाली रैखिक असमिका, प्रतिस्...
3 3. संयुक्त असमिकाएँ, मापांक (निरपेक...
4 4. दो चरों वाली रैखिक असमिका का आले...
5 5. असमिका निकाय का सुसंगत हल क्षेत्...
6 6. व्यावहारिक अनुप्रयोग एवं कक्षा 1...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. असमिकाओं की संकल्पना, मूलभूत नियम एवं चिन्ह परिवर्तन का सिद्धांत

दो वास्तविक संख्याओं अथवा दो बीजगणितीय व्यंजकों के बीच $<$, $>$, $\le$, अथवा $\ge$ चिन्हों द्वारा स्थापित संबंध को असमिका (Inequality) कहते हैं। समीकरण जहाँ निश्चित संतुलन व्यक्त करते हैं, वहीं असमिकाएँ सीमाओं, सहनशीलताओं और कार्यक्षेत्रों का निर्धारण करती हैं।

1.1 असमिकाओं का वर्गीकरण
  • सुनिश्चित असमिकाएँ (Strict Inequalities): जिनमें केवल छोटे ($<$) या बड़े ($>$) का चिन्ह होता है, जैसे $ax + b < 0$ या $ax + b > 0$। इसमें सीमा बिंदु हल में शामिल नहीं होते।
  • शिथिल असमिकाएँ (Slack / Non-Strict Inequalities): जिनमें $\le$ या $\ge$ का चिन्ह होता है, जैसे $ax + b \le 0$ या $ax + b \ge 0$। इसमें सीमा बिंदु हल में सम्मिलित होते हैं।
  • एक चर वाली रैखिक असमिका: वह असमिका जिसे $ax + b < 0$, $ax + b \le 0$, $ax + b > 0$, या $ax + b \ge 0$ के रूप में लिखा जा सके, जहाँ $a \neq 0$ तथा $a, b \in \mathbb{R}$ हैं।
  • संयुक्त असमिकाएँ (Double Inequalities): जहाँ एक व्यंजक दो सीमाओं के मध्य स्थित होता है, जैसे $a < f(x) \le b$।
1.2 असमिकाओं के मूलभूत अंकगणितीय नियम
नियम संक्रिया गणितीय कथन चिन्ह की स्थिति
नियम 1 जोड़ अथवा घटाव यदि $a < b$ हो, तो किसी भी $c \in \mathbb{R}$ के लिए $a + c < b + c$ तथा $a - c < b - c$। अपरिवर्तित रहता है
नियम 2 धनात्मक संख्या से गुणा / भाग यदि $a < b$ तथा $c > 0$ हो, तो $ac < bc$ तथा $\frac{a}{c} < \frac{b}{c}$। अपरिवर्तित रहता है
नियम 3 ऋणात्मक संख्या से गुणा / भाग यदि $a < b$ तथा $c < 0$ हो, तो $ac > bc$ तथा $\frac{a}{c} > \frac{b}{c}$। सर्वथा उलट जाता है
परीक्षा की सामान्य भूल (नियम 3 का प्रयोग): मान लीजिए $-3x < 12$ है। दोनों पक्षों को $-3$ से भाग देने पर असमिका का चिन्ह अनिवार्य रूप से उलट जाएगा: $$\frac{-3x}{-3} > \frac{12}{-3} \implies \mathbf{x > -4}$$ कभी भी $x < -4$ न लिखें; ऋणात्मक संख्या से भाग देते समय चिन्ह न बदलना बोर्ड परीक्षाओं में होने वाली सर्वाधिक त्रुटि है।
1.3 व्युत्क्रम एवं तिर्यक गुणन की सावधानियाँ
  1. व्युत्क्रम का नियम: यदि $a$ और $b$ समान चिन्ह वाले हों तथा $a < b$ हो, तो $\frac{1}{a} > \frac{1}{b}$ होता है (जैसे $2 < 5 \implies \frac{1}{2} > \frac{1}{5}$; तथा $-5 < -2 \implies -\frac{1}{5} > -\frac{1}{2}$)।
  2. तिर्यक गुणन की चेतावनी: $\frac{x-1}{x-2} > 0$ में सीधे $(x - 2)$ से तिर्यक गुणा नहीं किया जा सकता, क्योंकि $(x - 2)$ का चिन्ह अज्ञात है। यदि $x < 2$ हो तो चिन्ह उलट जाएगा। अतः हमेशा धनात्मक राशि $[(x-2)^2 > 0]$ से गुणा करें अथवा तरंग वक्र विधि अपनाएं।

2. एक चर वाली रैखिक असमिका, प्रतिस्थापन समुच्चय एवं संख्या रेखा आलेखन

अज्ञात चर का वह प्रत्येक मान जो असमिका को एक सत्य गणितीय कथन बनाता है, उसका हल कहलाता है। ऐसे सभी हलों के समुच्चय को हल समुच्चय कहते हैं, जो दिए गए प्रतिस्थापन समुच्चय (Replacement Set) पर निर्भर करता है।

2.1 प्रतिस्थापन समुच्चय का प्रभाव ($\mathbb{N}$, $\mathbb{Z}$, $\mathbb{R}$)

असमिका $4x - 2 < 14 \implies 4x < 16 \implies x < 4$ पर विचार करें:

  • यदि प्रतिस्थापन समुच्चय $\mathbb{N}$ (प्राकृत संख्याएँ $\{1, 2, 3, \dots\}$) हो: हल समुच्चय सीमित होगा: $\{1, 2, 3\}$।
  • यदि प्रतिस्थापन समुच्चय $\mathbb{Z}$ (पूर्णांक $\{\dots, -2, -1, 0, 1, 2, \dots\}$) हो: हल समुच्चय अपरिमित विविक्त होगा: $\{\dots, -2, -1, 0, 1, 2, 3\}$।
  • यदि प्रतिस्थापन समुच्चय $\mathbb{R}$ (वास्तविक संख्याएँ) हो: हल समुच्चय एक सतत अंतराल होगा: $(-\infty, 4)$।
2.2 अंतराल संकेतन (Interval Notation)
अंतराल का प्रकार समुच्चय निर्माण रूप कोष्ठक संकेतन संख्या रेखा पर ज्यामितीय रूप
विवृत अंतराल (Open Interval) $\{x \in \mathbb{R} : a < x < b\}$ $(a, b)$ $a$ तथा $b$ पर खोखला वृत्त (○); मध्य भाग छायांकित।
संवृत अंतराल (Closed Interval) $\{x \in \mathbb{R} : a \le x \le b\}$ $[a, b]$ $a$ तथा $b$ पर ठोस वृत्त (●); मध्य भाग छायांकित।
अर्ध-संवृत / अर्ध-विवृत $\{x \in \mathbb{R} : a \le x < b\}$ $[a, b)$ $a$ पर ठोस वृत्त (●); $b$ पर खोखला वृत्त (○)।
अनंत किरण (दाईं ओर) $\{x \in \mathbb{R} : x \ge a\}$ $[a, \infty)$ $a$ पर ठोस वृत्त (●); दाईं ओर अनंत तक मोटी रेखा।
अनंत किरण (बाईं ओर) $\{x \in \mathbb{R} : x < b\}$ $(-\infty, b)$ $b$ पर खोखला वृत्त (○); बाईं ओर अनंत तक मोटी रेखा।
2.3 एक चर वाली असमिका को हल करने के चरण
  1. ह्रों के ल.स.प. (LCM) से दोनों पक्षों को गुणा करके भिन्नों को समाप्त कीजिए।
  2. कोष्ठक खोलकर चर वाले पदों को बाएँ पक्ष (LHS) में तथा अचर संख्याओं को दाएँ पक्ष (RHS) में पक्षांतरित कीजिए।
  3. समान पदों को संयोजित कर असमिका को $Ax < B$, $Ax \le B$, $Ax > B$, अथवा $Ax \ge B$ रूप में लाइए।
  4. दोनों पक्षों को $A$ से भाग दीजिए। ध्यान रहे: यदि $A < 0$ हो, तो असमिका का चिन्ह उलट जाएगा!
  5. अंतिम हल समुच्चय को अंतराल रूप में व्यक्त कीजिए और संख्या रेखा पर निरूपित कीजिए।

3. संयुक्त असमिकाएँ, मापांक (निरपेक्ष मान) एवं तरंग वक्र विधि

व्यावहारिक समस्याओं की शर्तें प्रायः किसी चर पर दोहरी सीमाएँ अथवा निरपेक्ष परिमाण के प्रतिबंध लगाती हैं। मापांक असमिकाएँ बीजगणित के सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक हैं।

3.1 संयुक्त (द्वि-असमिका) असमिकाएँ

$a \le f(x) \le b$ रूप की असमिका दो असमिकाओं का एक साथ संयोजन होती है:

$$a \le f(x) \le b \iff \mathbf{f(x) \ge a} \quad \text{तथा} \quad \mathbf{f(x) \le b}$$

इसका हल दोनों असमिकाओं के हलों का सर्वनिष्ठ (Intersection) होता है: $S = S_1 \cap S_2$।

3.2 मापांक असमिकाएँ (Absolute Value Inequalities)

मापांक की परिभाषा के अनुसार, $|x|$ संख्या रेखा पर मूलबिंदु से $x$ की दूरी दर्शाता है। किसी भी धनात्मक अचर $a > 0$ के लिए:

मापांक असमिका समतुल्य रूप हल समुच्चय ज्यामितीय अर्थ
$|x| \le a$ $-a \le x \le a$ $[-a, a]$ मूलबिंदु से $a$ दूरी के भीतर परिबद्ध अंतराल।
$|x| < a$ $-a < x < a$ $(-a, a)$ $-a$ तथा $a$ के मध्य विवृत अंतराल।
$|x| \ge a$ $x \le -a \quad \text{अथवा} \quad x \ge a$ $(-\infty, -a] \cup [a, \infty)$ मूलबिंदु से $a$ दूरी से बाहर दो अनंत किरणों का संघ।
$|x| > a$ $x < -a \quad \text{अथवा} \quad x > a$ $(-\infty, -a) \cup (a, \infty)$ दो विवृत अनंत किरणें।
$|x - c| \le r$ $c - r \le x \le c + r$ $[c - r, c + r]$ बिंदु $c$ के परितः $r$ त्रिज्या का सममित अंतराल।
3.3 परिमेय असमिकाओं के लिए तरंग वक्र विधि (Wavy Curve Method)

$\frac{P(x)}{Q(x)} \ge 0$ रूप की असमिका हल करने की विधि:

  1. दाएँ पक्ष को शून्य बनाकर अंश तथा हर के रैखिक गुणनखंड कीजिए, जिससे प्रत्येक गुणनखंड में $x$ का गुणांक $+1$ हो।
  2. क्रांतिक बिंदुओं (Critical Points) को संख्या रेखा पर बढ़ते क्रम में अंकित कीजिए।
  3. सबसे दाईं ओर ऊपर ($+$) चिन्ह से प्रारंभ करें और प्रत्येक विषम घात वाले बिंदु से वक्र को ऊपर-नीचे गुजारें।
  4. $\ge 0$ के लिए ($+$) भाग तथा $\le 0$ के लिए ($-$) भाग का चयन करें। हर के शून्य बिंदुओं को सदैव हल से बाहर रखें!

4. दो चरों वाली रैखिक असमिका का आलेखीय हल एवं मूलबिंदु परीक्षण

एक चर वाली असमिका जहाँ रेखा पर एक अंतराल दर्शाती है, वहीं दो चरों वाली असमिका पूरे कार्तीय तल में एक विस्तृत अर्धतल (Half-Plane) को निरूपित करती है।

4.1 सीमा रेखा एवं अर्धतल

सरल रेखा $ax + by = c$ द्विविमीय तल को दो अर्धतलों में विभाजित करती है:

  • खुला अर्धतल (Open Half-Plane): $ax + by < c$ अथवा $ax + by > c$ को दर्शाता है। सीमा रेखा हल में शामिल नहीं होती, अतः इसे बिंदुदार रेखा (Dashed Line) द्वारा खींचा जाता है।
  • बंद अर्धतल (Closed Half-Plane): $ax + by \le c$ अथवा $ax + by \ge c$ को दर्शाता है। सीमा रेखा हल में सम्मिलित होती है, अतः इसे ठोस रेखा (Solid Line) द्वारा खींचा जाता है।
4.2 मूलबिंदु परीक्षण (The Origin Test)
  1. चरण 1 (सीमा रेखा खींचना): $ax + by = c$ के अक्षों पर अंतःखंड $\left(\frac{c}{a}, 0\right)$ तथा $\left(0, \frac{c}{b}\right)$ निकालकर रेखा खींचिए ($\le, \ge$ के लिए ठोस, $<, >$ के लिए बिंदुदार)।
  2. चरण 2 (परीक्षण बिंदु चुनना): यदि रेखा मूलबिंदु से नहीं गुजरती ($c \neq 0$), तो परीक्षण हेतु मूलबिंदु $(0, 0)$ का चयन कीजिए।
  3. चरण 3 (असमिका की जाँच):
    • यदि $(0, 0)$ रखने पर असमिका सत्य होती है (जैसे $0 \le 8$), तो मूलबिंदु की ओर वाले अर्धतल को छायांकित कीजिए।
    • यदि असत्य होती है (जैसे $0 \ge 8$), तो मूलबिंदु के विपरीत दिशा वाले अर्धतल को छायांकित कीजिए।
  4. चरण 4 (मूलबिंदु से गुजरने वाली रेखा): यदि रेखा मूलबिंदु से गुजरे ($c = 0$, जैसे $y - 2x \ge 0$), तो रेखा के बाहर स्थित किसी बिंदु जैसे $(1, 0)$ अथवा $(0, 1)$ से परीक्षण कीजिए।

5. असमिका निकाय का सुसंगत हल क्षेत्र एवं कोणीय शीर्ष बिंदु

समान चरों वाली दो या दो से अधिक रैखिक असमिकाओं के समूह को असमिका निकाय कहते हैं। इसका हल वह क्षेत्र होता है जो सभी असमिकाओं को एक साथ संतुष्ट करता है।

5.1 सुसंगत हल क्षेत्र (Feasible Region)

ज्यामितीय रूप से, असमिका निकाय का हल प्रत्येक असमिका के अर्धतलों का उभयनिष्ठ सर्वनिष्ठ (Common Intersection) होता है:

$$\mathbf{\text{सुसंगत क्षेत्र } \mathcal{R} = \mathcal{H}_1 \cap \mathcal{H}_2 \cap \cdots \cap \mathcal{H}_n}$$
  • परिबद्ध क्षेत्र (Bounded Region): हल क्षेत्र को किसी पर्याप्त बड़े वृत्त के अंदर पूर्णतः घेरा जा सकता है; यह एक उत्तल बहुभुज बनाता है।
  • अपरिबद्ध क्षेत्र (Unbounded Region): हल क्षेत्र किसी दिशा में अनंत तक विस्तृत रहता है।
  • असंगत निकाय: यदि अर्धतलों का कोई उभयनिष्ठ क्षेत्र न हो ($\mathcal{R} = \emptyset$), तो निकाय का कोई हल नहीं होता।
5.2 अऋणात्मक प्रतिबंध ($x \ge 0, y \ge 0$)

व्यावहारिक समस्याओं में निर्मित वस्तुओं की संख्या अथवा कार्य-घंटे कभी ऋणात्मक नहीं हो सकते। यह शर्त $x \ge 0$ तथा $y \ge 0$ द्वारा व्यक्त की जाती है, जो हल क्षेत्र को पूर्णतः प्रथम चतुर्थांश (Quadrant I) में सीमित रखती है।

5.3 कोणीय शीर्ष बिंदु (Corner Points) ज्ञात करना

सुसंगत बहुभुज के शीर्ष बिंदु उसकी परिसीमा बनाने वाली रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु होते हैं। किन्हीं दो संलग्न रेखाओं के समीकरणों को विलोपन या प्रतिस्थापन विधि से हल करके इन बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात किए जाते हैं।

6. व्यावहारिक अनुप्रयोग एवं कक्षा 12 रैखिक प्रोग्रामन का आधार

व्यावहारिक शाब्दिक समस्याओं को असमिकाओं के बीजगणितीय रूप में बदलना बोर्ड परीक्षाओं का एक प्रमुख प्रश्न प्रकार है।

6.1 शाब्दिक कथनों का असमिकाओं में रूपांतरण
शाब्दिक पद असमिका प्रतीक बीजगणितीय रूप
कम से कम / न्यूनतम / कम नहीं $\ge$ $x \ge k$
अधिक से अधिक / अधिकतम / अधिक नहीं $\le$ $x \le k$
से अधिक $>$ $x > k$
से कम $<$ $x < k$
$a$ और $b$ के बीच (छोड़कर) $<$ तथा $<$ $a < x < b$
$a$ से $b$ तक (सहित) $\le$ तथा $\le$ $a \le x \le b$
6.2 मानक विलयन एवं मिश्रण समस्याएँ

यदि $V$ लीटर $p_2\%$ विलयन में $x$ लीटर $p_1\%$ विलयन मिलाकर परिणामी सांद्रता $C_1\%$ से $C_2\%$ के बीच रखनी हो, तो कुल शुद्ध पदार्थ तथा कुल आयतन के आधार पर संयुक्त असमिका बनती है:

$$\frac{C_1}{100}(x + V) < \frac{p_1}{100}x + \frac{p_2}{100}V < \frac{C_2}{100}(x + V)$$
6.3 रैखिक प्रोग्रामन (LPP) का आधार

कक्षा 12 में विद्यार्थी रैखिक प्रोग्रामन का अध्ययन करेंगे, जहाँ उद्देश्य फलन $Z = ax + by$ का अधिकतमीकरण अथवा न्यूनतमीकरण किया जाता है। शीर्ष बिंदु प्रमेय (Corner Point Theorem) यह स्थापित करती है कि इष्टतम हल सदैव कक्षा 11 में पढ़े गए सुसंगत क्षेत्र के किसी कोणीय शीर्ष बिंदु पर ही प्राप्त होता है।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

चिन्ह परिवर्तन का नियम
ac > bc (जब c < 0)
ऋणात्मक संख्या से दोनों पक्षों में गुणा या भाग करने पर असमिका का चिन्ह अनिवार्य रूप से उलट जाता है।
परिबद्ध मापांक असमिका
-a ≤ x ≤ a
|x - c| <= r असमिका c - r <= x <= c + r सममित अंतराल को दर्शाती है।
अपरिबद्ध मापांक असमिका
x ≤ -a अथवा x ≥ a
(-a, a) अंतराल के बाहर स्थित दो अनंत किरणों का संघ निरूपित करता है।
संयुक्त असमिका सर्वनिष्ठ
S = S₁ ∩ S₂
दोनों असमिकाओं के पृथक हलों का उभयनिष्ठ सर्वनिष्ठ ही अभीष्ट हल है।
द्विविमीय सीमा रेखा सूत्र
ax + by = c
<=, >= के लिए ठोस रेखा; <, > के लिए बिंदुदार रेखा खींची जाती है।
सुसंगत हल क्षेत्र
R = H₁ ∩ H₂ ∩ ... ∩ Hₙ
सभी अर्धतलों का उभयनिष्ठ सर्वनिष्ठ; x >= 0, y >= 0 क्षेत्र को प्रथम चतुर्थांश में सीमित रखते हैं।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
रैखिक असमिका \(5x - 3 < 3x + 1\) को हल कीजिए जब: (i) \(x\) एक पूर्णांक है (\(x \in \mathbb{Z}\)), तथा (ii) \(x\) एक वास्तविक संख्या है (\(x \in \mathbb{R}\))। [2 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: असमिका का बीजगणितीय सरलीकरण: $$5x - 3 < 3x + 1$$ दोनों पक्षों से $3x$ घटाने पर: $$5x - 3x - 3 < 1 \implies 2x - 3 < 1$$ दोनों पक्षों में $3$ जोड़ने पर: $$2x < 1 + 3 \implies 2x < 4$$ दोनों पक्षों को $2$ से भाग देने पर (चूँकि $2 > 0$, अतः चिन्ह नहीं बदलेगा): $$\mathbf{x < 2}$$
चरण 2: स्थिति (i) जब $x \in \mathbb{Z}$ (पूर्णांक): $2$ से छोटे पूर्णांकों का हल समुच्चय: $$\text{हल समुच्चय} = \{\dots, -3, -2, -1, 0, 1\}$$
चरण 3: स्थिति (ii) जब $x \in \mathbb{R}$ (वास्तविक संख्या): $2$ से छोटी सभी वास्तविक संख्याओं का हल समुच्चय एक विवृत अंतराल है: $$\text{हल समुच्चय} = \mathbf{(-\infty, 2)}$$
उत्तर: पूर्णांकों के लिए $\{\dots, -1, 0, 1\}$ तथा वास्तविक संख्याओं के लिए $(-\infty, 2)$।
उदाहरण 2
रवि ने प्रथम दो यूनिट टेस्ट में 70 और 75 अंक प्राप्त किए। तीसरे टेस्ट में उसे न्यूनतम कितने अंक प्राप्त करने चाहिए ताकि तीनों टेस्ट का औसत कम से कम 60 अंक हो? [3 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: चर मानना: माना रवि ने तीसरे टेस्ट में $x$ अंक प्राप्त किए।
चरण 2: असमिका का निर्माण: तीनों टेस्ट का औसत अंक: $$\text{औसत अंक} = \frac{70 + 75 + x}{3} = \frac{145 + x}{3}$$ प्रश्नानुसार, औसत कम से कम 60 अंक होना चाहिए: $$\frac{145 + x}{3} \ge 60$$
चरण 3: असमिका का हल: दोनों पक्षों को $3$ से गुणा करने पर: $$145 + x \ge 60 \times 3 \implies 145 + x \ge 180$$ दोनों पक्षों से $145$ घटाने पर: $$x \ge 180 - 145 \implies \mathbf{x \ge 35}$$
उत्तर: रवि को तीसरे टेस्ट में न्यूनतम 35 अंक प्राप्त करने होंगे।
उदाहरण 3
संयुक्त असमिका \(-5 \le \frac{5 - 3x}{2} \le 8\) को वास्तविक \(x\) के लिए हल कीजिए तथा संख्या रेखा पर हल प्रदर्शित कीजिए। [3 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: दोनों पक्षों में 2 से गुणा कर हर समाप्त करना: चूँकि $2 > 0$, अतः गुणा करने पर चिन्ह अपरिवर्तित रहेगा: $$-5 \times 2 \le 5 - 3x \le 8 \times 2 \implies -10 \le 5 - 3x \le 16$$
चरण 2: प्रत्येक भाग से 5 घटाना: $$-10 - 5 \le -3x \le 16 - 5 \implies -15 \le -3x \le 11$$
चरण 3: -3 से भाग एवं चिन्ह परिवर्तन: ऋणात्मक संख्या $-3$ से भाग देने पर दोनों चिन्ह उलट जाएँगे: $$\frac{-15}{-3} \ge \frac{-3x}{-3} \ge \frac{11}{-3} \implies 5 \ge x \ge -\frac{11}{3}$$ बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करने पर: $$\mathbf{-\frac{11}{3} \le x \le 5}$$
चरण 4: अंतराल एवं संख्या रेखा रूप: अभीष्ट हल समुच्चय संवृत अंतराल है: $$\mathbf{x \in \left[-\frac{11}{3}, 5\right]}$$ संख्या रेखा पर: $-\frac{11}{3}$ तथा $5$ पर ठोस वृत्त (●) बनाकर उनके बीच के भाग को गहरा किया जाएगा।
उदाहरण 4
मापांक असमिका \(|2x - 3| \le 5\) को हल कीजिए। साथ ही \(|3x - 2| > 7\) असमिका को भी हल कीजिए। [4 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
भाग क: $|2x - 3| \le 5$ का हल: $|u| \le a \iff -a \le u \le a$ सूत्र का प्रयोग करने पर: $$-5 \le 2x - 3 \le 5$$ तीनों भागों में $3$ जोड़ने पर: $$-5 + 3 \le 2x \le 5 + 3 \implies -2 \le 2x \le 8$$ $2$ से भाग देने पर: $$-1 \le x \le 4$$ $$\mathbf{\text{भाग क का हल समुच्चय} = [-1, 4]}$$
भाग ख: $|3x - 2| > 7$ का हल: $|u| > a \iff u < -a \text{ अथवा } u > a$ सूत्र का प्रयोग करने पर: $$\text{स्थिति 1: } 3x - 2 < -7 \implies 3x < -5 \implies x < -\frac{5}{3}$$ $$\text{स्थिति 2: } 3x - 2 > 7 \implies 3x > 9 \implies x > 3$$ दोनों अंतरालों का संघ लेने पर: $$\mathbf{\text{भाग ख का हल समुच्चय} = \left(-\infty, -\frac{5}{3}\right) \cup (3, \infty)}$$
उत्तर: भाग क का हल $[-1, 4]$ तथा भाग ख का हल $\left(-\infty, -\frac{5}{3}\right) \cup (3, \infty)$ है।
उदाहरण 5
आलेखीय विधि से असमिका निकाय को हल कीजिए: \(2x + y \le 8\), \(x + y \le 6\), \(x \ge 0\), \(y \ge 0\)। सुसंगत हल क्षेत्र के सभी कोणीय शीर्ष बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए। [4 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: सीमा रेखाएँ एवं अंतःखंड:
  1. पहली रेखा: $2x + y = 8$
    • $y = 0 \implies x = 4$; बिंदु $A(4, 0)$।
    • $x = 0 \implies y = 8$; बिंदु $(0, 8)$।
    • चिन्ह $\le$ होने से ठोस रेखा बनेगी। मूलबिंदु $(0, 0)$ रखने पर $0 \le 8$ सत्य है, अतः मूलबिंदु की ओर छायांकन होगा।
  2. दूसरी रेखा: $x + y = 6$
    • $y = 0 \implies x = 6$; बिंदु $(6, 0)$।
    • $x = 0 \implies y = 6$; बिंदु $C(0, 6)$।
    • मूलबिंदु $(0, 0)$ रखने पर $0 \le 6$ सत्य है, अतः मूलबिंदु की ओर छायांकन होगा।
  3. अऋणात्मक प्रतिबंध $x \ge 0, y \ge 0$: हल क्षेत्र को प्रथम चतुर्थांश में सीमित रखते हैं।

चरण 2: रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु $B$ ज्ञात करना: समीकरण (1) से समीकरण (2) घटाने पर: $$(2x + y) - (x + y) = 8 - 6 \implies x = 2$$ $x = 2$ रखने पर $2 + y = 6 \implies y = 4$। प्रतिच्छेद बिंदु के निर्देशांक $\mathbf{B(2, 4)}$ हैं।
चरण 3: सुसंगत हल क्षेत्र के कोणीय शीर्ष बिंदु: प्रथम चतुर्थांश में दोनों रेखाओं तथा अक्षों द्वारा परिबद्ध बहुभुज $OABC$ के शीर्ष बिंदु:
  • $\mathbf{O(0, 0)}$ (मूलबिंदु)
  • $\mathbf{A(4, 0)}$ ($2x + y = 8$ का $X$-अंतःखंड)
  • $\mathbf{B(2, 4)}$ (दोनों रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु)
  • $\mathbf{C(0, 6)}$ ($x + y = 6$ का $Y$-अंतःखंड)
उदाहरण 6
एक निर्माता के पास 12% अम्ल वाले विलयन का 600 लीटर मिश्रण है। इसमें 30% अम्ल वाले विलयन के कितने लीटर मिलाने चाहिए ताकि परिणामी मिश्रण में अम्ल की मात्रा 15% से अधिक परंतु 18% से कम हो? [5 marks]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: चर एवं कुल आयतन: माना $30\%$ अम्ल वाले विलयन का $x$ लीटर मिलाया जाता है। $$\text{परिणामी मिश्रण का कुल आयतन} = (600 + x) \text{ लीटर}$$
चरण 2: कुल शुद्ध अम्ल की मात्रा: $$600 \text{ लीटर } 12\% \text{ विलयन में अम्ल} = \frac{12}{100} \times 600 = 72 \text{ लीटर}$$ $$x \text{ लीटर } 30\% \text{ विलयन में अम्ल} = \frac{30}{100} \times x = 0.3x \text{ लीटर}$$ $$\text{कुल शुद्ध अम्ल} = 72 + \frac{30}{100}x \text{ लीटर}$$
चरण 3: संयुक्त असमिका का निर्माण: मिश्रण में अम्ल 15% से अधिक तथा 18% से कम होना चाहिए: $$\frac{15}{100}(600 + x) < 72 + \frac{30}{100}x < \frac{18}{100}(600 + x)$$
चरण 4: बाईं असमिका का हल: $$\frac{15}{100}(600 + x) < 72 + \frac{30}{100}x$$ $100$ से गुणा करने पर: $$15(600 + x) < 7200 + 30x \implies 9000 + 15x < 7200 + 30x$$ $$9000 - 7200 < 30x - 15x \implies 1800 < 15x \implies x > 120$$
चरण 5: दाईं असमिका का हल: $$72 + \frac{30}{100}x < \frac{18}{100}(600 + x)$$ $100$ से गुणा करने पर: $$7200 + 30x < 18(600 + x) \implies 7200 + 30x < 10800 + 18x$$ $$30x - 18x < 10800 - 7200 \implies 12x < 3600 \implies x < 300$$
चरण 6: दोनों शर्तों का संयोजन: $$\mathbf{120 < x < 300}$$
उत्तर: निर्माता को 30% अम्ल वाले विलयन का 120 लीटर से 300 लीटर के बीच मिलाना होगा।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

ऋणात्मक संख्या से गुणा अथवा भाग करते समय असमिका का चिन्ह न बदलना

सही वैज्ञानिक तथ्य

ऋणात्मक संख्या $-4$ से भाग देने पर असमिका का चिन्ह अनिवार्य रूप से उलट जाएगा: $-4x < 20 \implies x > \frac{20}{-4} \implies \mathbf{x > -5}$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चर के चिन्ह की पुष्टि किए बिना सीधे तिर्यक गुणन करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

यदि $x < 2$ हो तो $(x - 2)$ ऋणात्मक होगा और चिन्ह उलट जाएगा। सभी पदों को एक ओर लाकर $\frac{1}{x-2} - 3 < 0 \implies \frac{7-3x}{x-2} < 0$ बनाकर हल करें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

बड़े मापांक की असमिका को विरोधाभासी द्वि-असमिका बना देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

$|x| > 4$ का अर्थ $x < -4$ अथवा $x > 4$ है, जिसका हल समुच्चय $(-\infty, -4) \cup (4, \infty)$ है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

कठोर असमिका के लिए ठोस सीमा रेखा खींचना

सही वैज्ञानिक तथ्य

कठोर असमिका ($<$ या $>$) में सीमा रेखा हल का भाग नहीं होती, अतः इसे अनिवार्य रूप से बिंदुदार रेखा (Dashed Line) खींचना चाहिए।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

मूलबिंदु से गुजरने वाली रेखा में भी मूलबिंदु $(0, 0)$ से परीक्षण करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

$(0, 0)$ रखने पर $0 - 0 = 0 \ge 0$ प्राप्त होता है, जो रेखा पर ही स्थित है और कोई अर्धतल निश्चित नहीं करता। रेखा के बाहर स्थित बिंदु $(1, 0)$ से जाँच करें।

रैखिक असमिकाएँ, संख्या रेखा अंतराल एवं द्विविमीय सुसंगत हल क्षेत्र आरेख

≤ रैखिक असमिकाएँ एवं सुसंगत हल क्षेत्र (Feasible Region) एक-चर असमिका | मापांक असमिकाएँ | द्विविमीय अर्धतल | कोणीय शीर्ष बिंदु एक चर असमिका: -2 ≤ x < 5 ⇒ x ∈ [-2, 5) -2 0 5 वास्तविक अक्ष X → ↑ वास्तविक अक्ष Y O(0,0) 2x + y = 8 x + y = 6 A(4, 0) C(0, 6) B(2, 4) शीर्ष बिंदु Feasible Region 2x+y ≤ 8, x+y ≤ 6 असमिकाओं के मूलभूत नियम a < b ⇒ a ± c < b ± c c > 0 ⇒ ac < bc (चिन्ह अपरिवर्तित) c < 0 ⇒ ac > bc (चिन्ह उलट जाता है) मापांक असमिकाएँ (|x|) |x| ≤ a ⇔ -a ≤ x ≤ a |x| ≥ a ⇔ x ≤ -a अथवा x ≥ a |x - c| ≤ r ⇔ c - r ≤ x ≤ c + r द्विविमीय अर्धतल एवं मूलबिंदु परीक्षण ax + by ≤ c (ठोस रेखा, सीमा शामिल) ax + by < c (बिंदुदार रेखा, सीमा बाहर) (0,0) संतुष्ट होने पर मूलबिंदु की ओर छायांकन सुसंगत क्षेत्र एवं LPP का आधार x ≥ 0, y ≥ 0 (प्रथम चतुर्थांश प्रतिबंध) उभयनिष्ठ क्षेत्र = सभी अर्धतलों का सर्वनिष्ठ शीर्ष: O(0,0), A(4,0), B(2,4), C(0,6)

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
असमिका एक ऐसा गणितीय कथन है जिसमें तुलनात्मक चिन्हों (<, >, ≤, ≥) का उपयोग होता है; < या > सुनिश्चित असमिका तथा ≤ या ≥ शिथिल असमिका कहलाती है।
मुख्य बिंदु 2
किसी असमिका के दोनों पक्षों में कोई भी वास्तविक संख्या जोड़ने या घटाने पर असमिका का चिन्ह अपरिवर्तित रहता है: a < b ⟹ a ± c < b ± c।
मुख्य बिंदु 3
दोनों पक्षों में धनात्मक संख्या से गुणा या भाग करने पर असमिका का चिन्ह वही रहता है: c > 0 और a < b होने पर ac < bc।
मुख्य बिंदु 4
दोनों पक्षों में ऋणात्मक संख्या से गुणा या भाग करने पर असमिका का चिन्ह उलट जाता है: c < 0 और a < b होने पर ac > bc।
मुख्य बिंदु 5
एक चर वाली असमिका के वास्तविक हल समुच्चय को अंतरालों में व्यक्त किया जाता है: विवृत (a, b), संवृत [a, b], अथवा अर्ध-संवृत [a, b) व (a, b]।
मुख्य बिंदु 6
संख्या रेखा पर यदि सीमा बिंदु हल में शामिल नहीं है तो खोखला वृत्त (○) और यदि शामिल है तो ठोस वृत्त (●) लगाया जाता है।
मुख्य बिंदु 7
किसी धनात्मक वास्तविक संख्या a > 0 के लिए मापांक असमिका |x| ≤ a का समतुल्य रूप -a ≤ x ≤ a होता है।
मुख्य बिंदु 8
किसी धनात्मक वास्तविक संख्या a > 0 के लिए |x| ≥ a का समतुल्य रूप दो असंयुक्त अंतरालों का संघ है: x ≤ -a अथवा x ≥ a।
मुख्य बिंदु 9
दो चरों वाली असमिका ax + by ≤ c पूरे कार्तीय तल को दो अर्धतलों में बाँटती है; चिन्ह ≤ या ≥ होने पर ठोस रेखा और < या > होने पर बिंदुदार रेखा बनती है।
मुख्य बिंदु 10
असमिका निकाय का सुसंगत हल क्षेत्र सभी अर्धतलों का उभयनिष्ठ सर्वनिष्ठ होता है; व्यावहारिक प्रश्नों में x ≥ 0, y ≥ 0 क्षेत्र को प्रथम चतुर्थांश में सीमित रखते हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
वास्तविक x के लिए (3(x - 2))/5 ≤ (5(2 - x))/3 असमिका को हल कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 15 से गुणा करने पर: 9(x - 2) ≤ 25(2 - x) ⟹ 9x - 18 ≤ 50 - 25x ⟹ 34x ≤ 68 ⟹ x ≤ 2। हल समुच्चय (-∞, 2] है।
दोनों पक्षों को 15 से गुणा करके भिन्न समाप्त करें और x को एक ओर लाएं।
2
10 से छोटे क्रमागत विषम धनात्मक पूर्णांकों के ऐसे युग्म ज्ञात कीजिए जिनका योगफल 11 से अधिक हो।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: x विषम, x + 2 < 10 ⟹ x < 8, तथा 2x + 2 > 11 ⟹ 2x > 9 ⟹ x > 4.5। विषम पूर्णांक होने से x = 5 अथवा 7। अभीष्ट युग्म (5, 7) तथा (7, 9) हैं।
संख्याओं को x और x + 2 मानिए, जहाँ x + 2 < 10 तथा x + (x + 2) > 11।
3
2 ≤ 3x - 4 ≤ 5 संयुक्त असमिका को हल कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 4 जोड़ने पर: 6 ≤ 3x ≤ 9। 3 से भाग देने पर: 2 ≤ x ≤ 3। हल समुच्चय संवृत अंतराल [2, 3] है।
तीनों भागों में 4 जोड़ें और फिर 3 से भाग दें।
4
(x - 2)/(x + 5) > 2 परिमेय असमिका को हल कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: (x - 2)/(x + 5) - 2 > 0 ⟹ (-x - 12)/(x + 5) > 0 ⟹ (x + 12)/(x + 5) < 0। शून्य बिंदु -12 व -5। भिन्न मध्यवर्ती भाग में ऋणात्मक है: x ∈ (-12, -5)।
तिर्यक गुणा न करें! 2 को बाईं ओर लाकर एकल भिन्न में बदलें।
5
क्या बिंदु (2, 3) असमिका निकाय 3x + 2y ≥ 12, x + y ≤ 6 के हल क्षेत्र में स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 3(2) + 2(3) = 12 ≥ 12 (सत्य)। साथ ही 2 + 3 = 5 ≤ 6 (सत्य)। दोनों शर्तें एक साथ संतुष्ट होने के कारण बिंदु (2, 3) हल क्षेत्र में स्थित है।
दोनों असमिकाओं में x = 2, y = 3 रखकर जाँच कीजिए।
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