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WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 6
अनुमानित समय: 75 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

क्रमचय और संचय

क्रमचय और संचय क्रमचय-संचय विज्ञान (कॉम्बिनेटॉरिक्स) की आधारशिला हैं, जो वस्तुओं की वास्तविक गणना किए बिना व्यवस्थित और तार्किक विधियों से उनकी संख्या ज्ञात करने का विज्ञान है। व्यवस्थित गणना दो मूलभूत सिद्धांतों पर टिकी है: क्रमिक स्वतंत्र घटनाओं के लिए गुणन का मूलभूत सिद्धांत और परस्पर अपवर्जी विकल्पों के लिए योग का मूलभूत सिद्धांत। गणनाओं को संक्षिप्त रूप में व्यक्त करने के लिए क्रमगुणित (फैक्टोरियल) संकेतन n! का उपयोग किया जाता है, जिसे n! = n(n - 1)! के रूप में परिभाषित किया जाता है तथा परिभाषा के अनुसार 0! = 1 होता है। क्रमचय (Permutation) वस्तुओं का एक निश्चित क्रम में विन्यास या व्यवस्था है, जहाँ उनका क्रम अनिवार्य रूप से महत्वपूर्ण होता है। n विभिन्न वस्तुओं में से एक समय में r वस्तुएँ लेकर बनने वाले कुल क्रमचयों की संख्या nPr = n! / (n - r)! होती है। क्रमचय सिद्धांत का विस्तार पुनरावृत्ति वाले विन्यासों, समरूप वस्तुओं वाले विन्यासों तथा वृत्तीय क्रमचयों तक होता है। इसके विपरीत, संचय (Combination) वस्तुओं का केवल चयन या समूह निर्माण है, जिसमें चयन के क्रम की पूर्णतः उपेक्षा की जाती है। n विभिन्न वस्तुओं में से r वस्तुएँ चुनने के तरीकों की संख्या nCr = n! / [r!(n - r)!] होती है। क्रमचय और संचय में आधारभूत संबंध nPr = r! × nCr है। संचय के प्रमुख गुणधर्म जैसे पूरक संचय nCr = nCn-r और पास्कल की सर्वसमिका nCr + nCr-1 = n+1Cr प्रायिकता सिद्धांत, द्विपद प्रमेय तथा कंप्यूटर विज्ञान की नींव प्रदान करते हैं।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

आधुनिक डिजिटल तकनीक, क्रिप्टोग्राफी, बायोइनफॉरमैटिक्स और उच्चतर गणितीय विज्ञान में क्रमचय और संचय के अनुप्रयोग अत्यंत व्यापक हैं। कंप्यूटर सुरक्षा में पासवर्ड एंट्रॉपी, एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम तथा हैशिंग विधियाँ ब्रूट-फोर्स हमलों को रोकने के लिए क्रमचयों पर निर्भर करती हैं। दूरसंचार में नेटवर्क नोड्स के बीच डेटा पैकेट के इष्टतम पथ की गणना कॉम्बिनेटोरियल एल्गोरिदम द्वारा की जाती है। आनुवंशिकी (जेनेटिक्स) में डीएनए के चार नाइट्रोजनी क्षारकों (एडेनिन, साइटोसिन, ग्वानिन, थाइमिन) के त्रिक विन्यास (4³ = 64 ट्रिपलेट कोडॉन) जीवन के लिए आवश्यक 20 अमीनो एसिड का निर्माण करते हैं। क्वांटम यांत्रिकी और सांख्यिकीय भौतिकी में मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान, बोस-आइंस्टीन और फर्मी-डिराक सांख्यिकी कणों को उनके विभेद्य (क्रमचय) या अविभेद्य (संचय) होने के आधार पर वर्गीकृत करती हैं। उच्च माध्यमिक कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा के साथ-साथ WBJEE, JEE Main और JEE Advanced जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में क्रमचय और संचय सर्वाधिक अंकभार और विश्लेषणात्मक महत्व वाला अध्याय है। इस पर मजबूत पकड़ प्रायिकता और द्विपद प्रमेय जैसे आगामी अध्यायों में शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करती है।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. गणना के मूलभूत सिद्धांत: गुणन नि...
2 2. क्रमगुणित (फैक्टोरियल) संकेतन: प...
3 3. क्रमचय (Permutations): प्रमेय, स...
4 4. प्रतिबंधित क्रमचय: स्ट्रिंग विधि...
5 5. संचय (Combinations): सूत्र, सर्व...
6 6. ज्यामितीय संचय, समिति चयन एवं वस...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. गणना के मूलभूत सिद्धांत: गुणन नियम एवं योग नियम

कॉम्बिनेटॉरिक्स गणित की वह शाखा है जो वस्तुओं की गिनती, व्यवस्था और चयन से संबंधित है। सूत्रों के प्रयोग से पूर्व गणना के दो मूलभूत सिद्धांतों की स्पष्ट समझ आवश्यक है।

1.1 गणना का मूलभूत गुणन सिद्धांत (The Product Rule)
प्रमेय (गुणन नियम): यदि कोई संक्रिया या कार्य $m$ विभिन्न विधियों से किया जा सकता है, और इसके पूर्ण होने के बाद कोई दूसरा स्वतंत्र कार्य $n$ विभिन्न विधियों से किया जा सकता है, तो दोनों कार्यों को दिए गए क्रम में पूरा करने की कुल विधियाँ $\mathbf{m \times n}$ होंगी।

व्यापकीकरण: यदि क्रमिक रूप से $k$ कार्य किए जाने हों, जहाँ पहला कार्य $n_1$ प्रकार से, दूसरा $n_2$ प्रकार से, ..., और $k$-वाँ कार्य $n_k$ प्रकार से हो सके, तो सभी $k$ कार्यों को एक साथ करने की कुल विधियाँ होंगी:

$$\text{कुल विधियाँ} = n_1 \times n_2 \times n_3 \times \dots \times n_k$$

उदाहरण: अंक $\{1, 2, 3, 4, 5\}$ से बिना पुनरावृत्ति के बनने वाली 3-अंकीय संख्याओं की गणना:

  • सैकड़े का स्थान: 5 विकल्प ($1, 2, 3, 4, 5$)
  • दहाई का स्थान: शेष 4 विकल्प
  • इकाई का स्थान: शेष 3 विकल्प
  • कुल 3-अंकीय संख्याएँ $= 5 \times 4 \times 3 = \mathbf{60}$।
1.2 गणना का मूलभूत योग सिद्धांत (The Sum Rule)
प्रमेय (योग नियम): यदि कोई कार्य $m$ विभिन्न विधियों से किया जा सकता है, और कोई दूसरा परस्पर अपवर्जी (अनाच्छादित) कार्य $n$ विभिन्न विधियों से किया जा सकता है, तो पहला कार्य अथवा दूसरा कार्य करने की कुल विधियाँ $\mathbf{m + n}$ होंगी।

"तथा" (AND) बनाम "अथवा" (OR) में अंतर:

  • गुणन नियम ($\times$): तार्किक "तथा" (AND) को दर्शाता है (दोनों कार्य एक साथ या क्रमिक रूप से होते हैं)।
  • योग नियम ($+$): तार्किक "अथवा" (OR) को दर्शाता है (परस्पर अपवर्जी विकल्पों में से केवल एक घटित होता है)।

2. क्रमगुणित (फैक्टोरियल) संकेतन: परिभाषा, गुणधर्म एवं बीजगणित

संकेतन $n!$ (उच्चारण "$n$ फैक्टोरियल" या "$n$ क्रमगुणित") क्रमिक धन पूर्णांकों के गुणनफल को संक्षिप्त रूप में प्रदर्शित करता है।

2.1 फैक्टोरियल की परिभाषा

किसी भी प्राकृत संख्या $n \in \mathbb{N}$ के लिए, प्रथम $n$ प्राकृत संख्याओं के निरंतर गुणनफल को $n$ फैक्टोरियल कहते हैं:

$$\mathbf{n! = 1 \times 2 \times 3 \times \dots \times (n - 1) \times n}$$

घटते हुए क्रम में लिखने पर:

$$n! = n(n - 1)(n - 2) \cdots 3 \times 2 \times 1$$

स्मरण रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण फैक्टोरियल मान:

$0!$ $1!$ $2!$ $3!$ $4!$ $5!$ $6!$ $7!$
1 1 2 6 24 120 720 5040
2.2 पुनरावर्ती गुणधर्म एवं $0! = 1$ की गणितीय व्याख्या

किसी भी पूर्णांक $n \ge 1$ के लिए, हम लिख सकते हैं:

$$\mathbf{n! = n \times (n - 1)!} \implies (n - 1)! = \frac{n!}{n}$$

इस संबंध में $n = 1$ रखने पर स्पष्ट होता है कि शून्य फैक्टोरियल का मान 1 क्यों होता है:

$$(1 - 1)! = \frac{1!}{1} \implies \mathbf{0! = 1}$$

ऋणात्मक पूर्णांकों का फैक्टोरियल अपरिभाषित होता है, क्योंकि $n = 0$ रखने पर $(-1)! = \frac{0!}{0} = \frac{1}{0}$ (अशून्य संख्या को शून्य से भाग) प्राप्त होता है।

2.3 फैक्टोरियल से संबंधित सामान्य बीजगणितीय संक्रियाएँ
  • $(a + b)! \neq a! + b!$ (उदाहरणार्थ: $(2 + 3)! = 5! = 120 \neq 2! + 3! = 2 + 6 = 8$)।
  • $(a \times b)! \neq a! \times b!$।
  • भिन्नों का सरलीकरण: $\frac{n!}{(n - 2)!} = \frac{n(n - 1)(n - 2)!}{(n - 2)!} = n(n - 1) = n^2 - n$।

3. क्रमचय (Permutations): प्रमेय, सूत्र एवं विशिष्ट स्थितियाँ

दी गई वस्तुओं में से कुछ या सभी को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित करने को क्रमचय (Permutation) कहते हैं। क्रमचय में क्रम अत्यंत महत्वपूर्ण होता है (अर्थात व्यवस्था $AB$ व्यवस्था $BA$ से भिन्न होती है)।

3.1 मूलभूत क्रमचय सूत्र ($^n P_r$)

$n$ भिन्न वस्तुओं में से एक समय में $r$ वस्तुएँ लेकर बनने वाले क्रमचयों की संख्या को $^n P_r$ या $P(n, r)$ से व्यक्त किया जाता है ($0 \le r \le n$):

$$\mathbf{^n P_r = \frac{n!}{(n - r)!} = n(n - 1)(n - 2) \cdots (n - r + 1)}$$

उपपत्ति का सारांश: $n$ भिन्न वस्तुओं द्वारा $r$ रिक्त स्थानों को भरने की प्रक्रिया:

  • पहला स्थान: $n$ विधियों से भरा जा सकता है
  • दूसरा स्थान: $(n - 1)$ विधियों से भरा जा सकता है
  • $r$-वाँ स्थान: $[n - (r - 1)] = (n - r + 1)$ विधियों से भरा जा सकता है
  • गुणन नियम से: $^n P_r = n(n - 1) \cdots (n - r + 1) = \frac{n(n - 1)\cdots(n - r + 1)(n - r)!}{(n - r)!} = \frac{n!}{(n - r)!}$।

विशेष मान:

  • $^n P_0 = \frac{n!}{n!} = \mathbf{1}$
  • $^n P_1 = \frac{n!}{(n - 1)!} = \mathbf{n}$
  • $^n P_n = \frac{n!}{(n - n)!} = \frac{n!}{0!} = \frac{n!}{1} = \mathbf{n!}$ (सभी $n$ वस्तुओं को एक पंक्ति में व्यवस्थित करना)।
3.2 जब वस्तुओं की पुनरावृत्ति की अनुमति हो

$n$ विभिन्न वस्तुओं में से एक समय में $r$ वस्तुएँ लेकर बनने वाले क्रमचयों की संख्या, जब प्रत्येक वस्तु को कितनी भी बार दोहराया जा सके:

$$\text{कुल क्रमचय (पुनरावृत्ति सहित)} = \underbrace{n \times n \times \dots \times n}_{r \text{ बार}} = \mathbf{n^r}$$
3.3 समरूप वस्तुओं के क्रमचय (जब सभी वस्तुएँ भिन्न न हों)
प्रमेय: यदि कुल $n$ वस्तुओं में से $p_1$ वस्तुएँ प्रथम प्रकार की समरूप, $p_2$ वस्तुएँ द्वितीय प्रकार की समरूप, ..., और $p_k$ वस्तुएँ $k$-वें प्रकार की समरूप हों, तो कुल विभिन्न क्रमचयों की संख्या: $$\mathbf{\text{क्रमचयों की संख्या} = \frac{n!}{p_1! \, p_2! \, \cdots \, p_k!}}$$

मानक उदाहरण: "MATHEMATICS" शब्द के अक्षरों के कुल क्रमचय:

  • कुल अक्षर $n = 11$।
  • समरूप अक्षर: M आता है 2 बार, A आता है 2 बार, T आता है 2 बार; तथा H, E, I, C, S प्रत्येक 1 बार।
  • कुल क्रमचय $= \frac{11!}{2! \, 2! \, 2!} = \frac{39916800}{8} = \mathbf{4,989,600}$।
3.4 वृत्तीय क्रमचय (Circular Permutations)

जब $n$ भिन्न वस्तुओं को किसी बंद वृत्त के अनुदिश व्यवस्थित किया जाता है, तो कोई निश्चित सिरा न होने के कारण सभी वस्तुओं को एक स्थान खिसकाने पर नया विन्यास नहीं बनता:

  1. जब दक्षिणावर्त और वामावर्त क्रम भिन्न हों: गोल मेज के चारों ओर $n$ व्यक्तियों का बैठना: $$\mathbf{\text{वृत्तीय क्रमचय} = (n - 1)!}$$
  2. जब दक्षिणावर्त और वामावर्त क्रम में अंतर न किया जा सके (फूलों की माला या मोतियों का हार): जहाँ माला को पलटने पर दक्षिणावर्त क्रम वामावर्त बन जाता है: $$\mathbf{\text{वृत्तीय क्रमचय} = \frac{(n - 1)!}{2}}$$

4. प्रतिबंधित क्रमचय: स्ट्रिंग विधि, गैप विधि एवं शब्दकोश रैंक

बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्यतः बिना शर्त के क्रमचय न पूछकर विशिष्ट प्रतिबंधों वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।

4.1 रणनीति 1: स्ट्रिंग (बंडल) विधि (जब कुछ वस्तुएँ सदैव साथ रहें)

जब कुछ निर्दिष्ट वस्तुओं को सदैव एक साथ रखना हो:

  1. जिन वस्तुओं को सदैव साथ रखना है, उन्हें एक काल्पनिक डोरी से बाँधकर एक एकल संयुक्त वस्तु (Single Block) मान लें।
  2. शेष वस्तुओं और इस संयुक्त ब्लॉक को मिलाकर कुल वस्तुओं के विन्यास की संख्या निकालें।
  3. इस परिणाम को ब्लॉक के भीतर की वस्तुओं के आंतरिक क्रमचयों की संख्या से गुणा करें।

उदाहरण: 5 लड़के और 4 लड़कियाँ एक पंक्ति में कितने प्रकार से बैठ सकते हैं ताकि चारों लड़कियाँ सदैव साथ बैठें?

  • 4 लड़कियों को 1 ब्लॉक मान लें। व्यवस्थित करने हेतु कुल वस्तुएँ: 5 लड़के + 1 ब्लॉक $= 6$ वस्तुएँ।
  • 6 वस्तुओं को व्यवस्थित करने के प्रकार $= 6! = 720$।
  • ब्लॉक के भीतर 4 लड़कियों के आपस में बैठने के प्रकार $= 4! = 24$।
  • गुणन नियम से कुल विन्यास $= 6! \times 4! = 720 \times 24 = \mathbf{17,280}$।
4.2 रणनीति 2: गैप (रिक्ति) विधि (जब दो वस्तुएँ कभी साथ न बैठें)

जब कुछ विशिष्ट वस्तुएँ कभी भी एक साथ या पास-पास न बैठ सकें:

  1. सर्वप्रथम प्रतिबंध-रहित (स्वतंत्र) वस्तुओं को एक पंक्ति में व्यवस्थित करें, जिससे उनके बीच और दोनों सिरों पर "रिक्तियाँ" (Gaps) बन जाएँ।
  2. यदि स्वतंत्र वस्तुएँ $m$ हैं, तो वे ठीक $\mathbf{(m + 1)}$ रिक्तियाँ बनाएँगी।
  3. प्रतिबंधित $k$ वस्तुओं को इन $(m + 1)$ रिक्तियों में $^{m+1} P_k$ प्रकार से व्यवस्थित करें।

उदाहरण: 5 लड़के और 4 लड़कियाँ एक पंक्ति में कितने प्रकार से बैठ सकते हैं ताकि कोई भी दो लड़कियाँ पास-पास न बैठें?

  • पहले 5 लड़कों को व्यवस्थित करें: $5! = 120$ विधियाँ।
  • 5 लड़के कुल $5 + 1 = 6$ रिक्त स्थान बनाते हैं: $\underline{\phantom{x}} B_1 \underline{\phantom{x}} B_2 \underline{\phantom{x}} B_3 \underline{\phantom{x}} B_4 \underline{\phantom{x}} B_5 \underline{\phantom{x}}$।
  • 4 लड़कियों को इन 6 रिक्तियों में बैठाने की विधियाँ: $^6 P_4 = \frac{6!}{2!} = 360$ विधियाँ।
  • कुल विन्यास $= 5! \times \, ^6 P_4 = 120 \times 360 = \mathbf{43,200}$।
4.3 शब्दकोश क्रम में शब्द का स्थान (Dictionary Rank)

किसी शब्द के सभी अक्षरों से बनने वाले शब्दों को शब्दकोश के वर्णानुक्रम में व्यवस्थित करने पर उस शब्द का स्थान (रैंक) ज्ञात करने की विधि:

  1. शब्द के अक्षरों को वर्णमाला के क्रम में लिखें (जैसे "MOTHER" के लिए: E, H, M, O, R, T)।
  2. E से शुरू होने वाले शब्दों की संख्या: $1 \times 5! = 120$ शब्द।
  3. H से शुरू होने वाले शब्दों की संख्या: $1 \times 5! = 120$ शब्द।
  4. M से शुरू होने वाले शब्द: ME... ($4! = 24$), MH... ($4! = 24$), MO... (वांछित अक्षर मिल गया!)।
  5. क्रमशः आगे के अक्षरों के पूर्ववर्ती शब्दों की संख्या जोड़कर अंत में दिए गए शब्द हेतु 1 जोड़ें।

5. संचय (Combinations): सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं पास्कल नियम

दी गई वस्तुओं में से कुछ या सभी को लेकर बनाए गए समूहों या चयनों को संचय (Combination) कहते हैं। संचय में चयन के क्रम का कोई महत्व नहीं होता (जैसे युगल टेनिस टीम हेतु $\{A, B\}$ चुनना और $\{B, A\}$ चुनना पूर्णतः एक ही बात है)।

5.1 मूलभूत संचय सूत्र ($^n C_r$)

$n$ विभिन्न वस्तुओं में से एक समय में $r$ वस्तुएँ चुनने के तरीकों की संख्या को $^n C_r$ या $C(n, r)$ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है ($0 \le r \le n$):

$$\mathbf{^n C_r = \frac{n!}{r! \, (n - r)!}}$$

क्रमचय और संचय में आधारभूत संबंध:

$r$ चुनी गई वस्तुओं के प्रत्येक समूह को आपस में $r!$ प्रकार से व्यवस्थित करके क्रमचय प्राप्त किए जा सकते हैं:

$$\mathbf{^n P_r = r! \times \, ^n C_r} \iff \mathbf{^n C_r = \frac{^n P_r}{r!}}$$
5.2 संचय के मुख्य गुणधर्म एवं बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ
गुणधर्म का नाम गणितीय सर्वसमिका महत्व एवं अनुप्रयोग
पूरक संचय $\mathbf{^n C_r = \, ^n C_{n - r}}$ $n$ में से $r$ वस्तुओं को चुनना और $(n - r)$ वस्तुओं को छोड़ देना समतुल्य है (जैसे: $^{100} C_{98} = \, ^{100} C_2 = 4950$)।
समानता का नियम $\text{यदि } ^n C_x = \, ^n C_y \implies \mathbf{x = y} \text{ या } \mathbf{x + y = n}$ बोर्ड परीक्षा में अज्ञात $n$ का मान ज्ञात करने में सर्वाधिक उपयोगी।
पास्कल की सर्वसमिका $\mathbf{^n C_r + \, ^n C_{r - 1} = \, ^{n + 1} C_r}$ पास्कल त्रिभुज के पदों के निर्माण का आधारभूत योग नियम।
सभी संचयों का योग $\sum_{r=0}^n \, ^n C_r = \, ^n C_0 + \, ^n C_1 + \dots + \, ^n C_n = \mathbf{2^n}$ $n$ अवयवों वाले समुच्चय के कुल उपसमुच्चयों की संख्या को दर्शाता है।
अनुपात का गुणधर्म $\frac{^n C_r}{^n C_{r - 1}} = \frac{n - r + 1}{r}$ द्विपद प्रसार में महत्तम पद ज्ञात करने में अत्यंत उपयोगी।

6. ज्यामितीय संचय, समिति चयन एवं वस्तुओं का समूह विभाजन

ज्यामितीय आकृतियों की गणना तथा विभिन्न शर्तों के तहत वस्तुओं के समूह विभाजन में संचय का व्यावहारिक अनुप्रयोग देखने को मिलता है।

6.1 ज्यामितीय कॉम्बिनेटॉरिक्स (Geometric Combinatorics)
  1. सरल रेखाओं की संख्या: एक समतल में स्थित $n$ बिंदुओं को मिलाकर बनने वाली सरल रेखाओं की संख्या, जिनमें से $m$ बिंदु संरेख (Collinear) हैं: $$\mathbf{\text{सरल रेखाएँ} = \, ^n C_2 - \, ^m C_2 + 1}$$ ($m$ संरेख बिंदु $^m C_2$ रेखाओं के स्थान पर केवल 1 सरल रेखा बनाते हैं)।
  2. त्रिभुजों की संख्या: $n$ बिंदुओं में से $m$ बिंदु संरेख होने पर बनने वाले त्रिभुजों की संख्या: $$\mathbf{\text{त्रिभुज} = \, ^n C_3 - \, ^m C_3}$$ (संरेख बिंदु कोई त्रिभुज नहीं बना सकते, अतः $^m C_3$ घट जाता है)।
  3. $n$-भुजाओं वाले बहुभुज के विकर्णों की संख्या: किन्हीं 2 शीर्षों को मिलाने पर कुल रेखाखंड $^n C_2$ होते हैं; इनमें से परिधि की $n$ भुजाएँ घटाने पर विकर्ण मिलते हैं: $$\mathbf{\text{विकर्ण} = \, ^n C_2 - n = \frac{n(n - 1)}{2} - n = \frac{n(n - 3)}{2}}$$
  4. समांतर चतुर्भुजों की संख्या: $m$ समांतर रेखाओं के एक समुच्चय तथा $n$ समांतर रेखाओं के दूसरे समुच्चय के प्रतिच्छेदन से बने समांतर चतुर्भुज: $$\mathbf{\text{समांतर चतुर्भुज} = \, ^m C_2 \times \, ^n C_2}$$
6.2 वस्तुओं का समूहों में विभाजन (Partitions into Groups)
विभाजन का प्रकार सूत्र महत्वपूर्ण शर्तें व सावधानियाँ
$(m + n)$ भिन्न वस्तुओं को $m$ और $n$ आकार के दो असमान समूहों में विभाजित करना $\frac{(m + n)!}{m! \, n!}$ आकार $m \neq n$ असमान हैं तथा समूह अनाम (unnamed) हैं।
$2m$ भिन्न वस्तुओं को $m$ आकार के दो समान समूहों में विभाजित करना $\frac{(2m)!}{(m!)^2 \, 2!}$ दोनों समूह समान आकार के और नाम-रहित होने के कारण $2!$ से भाग दिया जाता है।
$2m$ वस्तुओं को 2 विशिष्ट व्यक्तियों में बराबर बाँटना $\frac{(2m)!}{(m!)^2}$ व्यक्तियों में वितरण हेतु $2!$ से गुणा हो जाता है, जिससे $2!$ कट जाता है।
$3m$ वस्तुओं को $m$ आकार के 3 समान समूहों में विभाजित करना $\frac{(3m)!}{(m!)^3 \, 3!}$ समूह नामहीन होने पर $3!$ से भाग होगा; 3 व्यक्तियों में बाँटने पर $3!$ से गुणा हो जाएगा।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

गणना के मूल सिद्धांत एवं क्रमगुणित
m × n, m + n
क्रमिक घटनाओं हेतु गुणा (तथा); परस्पर अपवर्जी विकल्पों हेतु योग (अथवा)।
क्रमचय का मूल सूत्र (nPr)
ⁿPᵣ = n! / (n - r)!
जब क्रम महत्वपूर्ण हो; पुनरावृत्ति की अनुमति होने पर कुल क्रमचय nʳ होते हैं।
समरूप वस्तुएँ एवं वृत्तीय क्रमचय
n! / (p!q!r!)
माला या हार में दक्षिणावर्त व वामावर्त क्रम समान होने के कारण 2 से भाग दिया जाता है।
संचय का मूल सूत्र (nCr)
ⁿCᵣ = n! / [r!(n - r)!]
क्रम निरपेक्ष; यदि ⁿCₓ = ⁿCᵧ हो तो या तो x = y या x + y = n होता है।
पास्कल की कॉम्बिनेटोरियल सर्वसमिका
ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ
द्विपद गुणांकों और पास्कल त्रिभुज के निर्माण का आधारभूत पुनरावर्ती नियम।
ज्यामितीय संचय एवं बहुभुज के विकर्ण
n(n - 3) / 2
n भुजाओं वाले बहुभुज के n(n - 3)/2 विकर्ण होते हैं; त्रिभुज ⁿC₃ - ᵐC₃ होते हैं।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
यदि \(\frac{1}{8!} + \frac{1}{9!} = \frac{x}{10!}\) हो, तो \(x\) का मान ज्ञात कीजिए। [2 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: बड़े फैक्टोरियलों को $8!$ के पदों में व्यक्त करना: हम जानते हैं कि: $$9! = 9 \times 8!$$ $$10! = 10 \times 9 \times 8! = 90 \times 8!$$
चरण 2: बाएँ पक्ष (LHS) से $\frac{1}{8!}$ उभयनिष्ठ (common) लेना: $$\text{LHS} = \frac{1}{8!} + \frac{1}{9 \times 8!} = \frac{1}{8!} \left(1 + \frac{1}{9}\right) = \frac{1}{8!} \times \frac{10}{9}$$
चरण 3: दाएँ पक्ष के बराबर रखना: $$\frac{1}{8!} \times \frac{10}{9} = \frac{x}{10!} = \frac{x}{90 \times 8!}$$
चरण 4: दोनों पक्षों से $\frac{1}{8!}$ काटकर $x$ का मान ज्ञात करना: $$\frac{10}{9} = \frac{x}{90} \implies x = \frac{10 \times 90}{9} = \mathbf{100}$$
उत्तर: अतः $x$ का मान $100$ है।
उदाहरण 2
"EQUATION" शब्द के सभी अक्षरों का एक साथ उपयोग करके अर्थपूर्ण या अर्थहीन कितने शब्द बनाए जा सकते हैं, ताकि सभी स्वर सदैव एक साथ रहें? [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: "EQUATION" शब्द के अक्षरों का विश्लेषण: "EQUATION" में कुल अक्षरों की संख्या $= 8$। सभी अक्षर भिन्न-भिन्न हैं:
  • स्वर (Vowels): E, U, A, I, O (कुल 5 स्वर — अंग्रेजी के सभी पाँचों स्वर इसमें मौजूद हैं!)।
  • व्यंजन (Consonants): Q, T, N (कुल 3 व्यंजन)।

चरण 2: स्ट्रिंग (बंडल) विधि का अनुप्रयोग: सभी 5 स्वरों को सदैव साथ रखना है, अतः उन्हें एक संयुक्त ब्लॉक मान लेते हैं: $[E, U, A, I, O]$। अब व्यवस्थित करने हेतु वस्तुएँ: 3 व्यंजन + 1 स्वर ब्लॉक $= 4$ वस्तुएँ। $$\text{4 वस्तुओं को पंक्ति में व्यवस्थित करने के प्रकार} = 4! = 24$$
चरण 3: ब्लॉक के आंतरिक स्वरों का विन्यास: 5 भिन्न स्वर ब्लॉक के भीतर आपस में व्यवस्थित हो सकते हैं: $$5! = 120 \text{ प्रकार से}$$
चरण 4: कुल शब्दों की संख्या की गणना: गणना के मूलभूत गुणन सिद्धांत से: $$\text{कुल शब्द} = 4! \times 5! = 24 \times 120 = \mathbf{2,880}$$
उत्तर: अतः सभी स्वरों को एक साथ रखकर कुल $2,880$ शब्द बनाए जा सकते हैं।
उदाहरण 3
यदि \(^{n} C_9 = \, ^{n} C_8\) हो, तो \(n\) का मान ज्ञात कीजिए तथा इसके आधार पर \(^{n} C_{17}\) का मान निकालिए। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: संचय समानता प्रमेय का प्रयोग: हम जानते हैं कि किसी भी धन पूर्णांक $n$ के लिए: $$\text{यदि } ^n C_x = \, ^n C_y \text{ हो, तो या तो } x = y \text{ या } \mathbf{x + y = n}$$
चरण 2: $n$ का मान ज्ञात करना: यहाँ $x = 9$ और $y = 8$ है। चूँकि $9 \neq 8$: $$x + y = n \implies 9 + 8 = n \implies \mathbf{n = 17}$$
चरण 3: $^{n} C_{17}$ का मान निकालना: $n = 17$ प्रतिस्थापित करने पर: $$^{17} C_{17} = \frac{17!}{17! \, (17 - 17)!} = \frac{17!}{17! \, 0!} = \frac{1}{1} = \mathbf{1}$$
उत्तर: अतः $n = 17$ तथा $^{n} C_{17} = \, ^{17} C_{17} = 1$ है।
उदाहरण 4
9 लड़कों और 4 लड़कियों में से 7 सदस्यों की एक समिति कितने प्रकार से बनाई जा सकती है ताकि समिति में: (i) ठीक 3 लड़कियाँ हों? (ii) कम से कम 3 लड़कियाँ हों? (iii) अधिक से अधिक 3 लड़कियाँ हों? [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
उपलब्ध व्यक्ति: 9 लड़के और 4 लड़कियाँ। समिति के सदस्य $= 7$।
स्थिति (i): ठीक 3 लड़कियाँ हों: समिति में ठीक 3 लड़कियाँ और $7 - 3 = 4$ लड़के चुने जाएँगे: $$\text{तरीके} = \, ^4 C_3 \times \, ^9 C_4 = 4 \times \frac{9 \times 8 \times 7 \times 6}{4 \times 3 \times 2 \times 1} = 4 \times 126 = \mathbf{504}$$
स्थिति (ii): कम से कम 3 लड़कियाँ हों (At least 3 girls): "कम से कम 3 लड़कियाँ" का अर्थ है समिति में 3 लड़कियाँ या 4 लड़कियाँ हों:
  • 3 लड़कियाँ और 4 लड़के: $^4 C_3 \times \, ^9 C_4 = 4 \times 126 = 504$
  • 4 लड़कियाँ और 3 लड़के: $^4 C_4 \times \, ^9 C_3 = 1 \times \frac{9 \times 8 \times 7}{3 \times 2 \times 1} = 1 \times 84 = 84$
$$\text{कुल प्रकार (कम से कम 3 लड़कियाँ)} = 504 + 84 = \mathbf{588}$$
स्थिति (iii): अधिक से अधिक 3 लड़कियाँ हों (At most 3 girls): "अधिक से अधिक 3 लड़कियाँ" का अर्थ है कि सभी 4 लड़कियाँ एक साथ समिति में न हों: $$\text{कुल 13 व्यक्तियों में से 7 चुनने के कुल प्रकार} = \, ^{13} C_7 = \frac{13!}{7! \, 6!} = 1,716$$ $$\text{4 लड़कियाँ होने वाली समितियाँ} = 84 \quad (\text{स्थिति ii से})$$ $$\text{कुल प्रकार (अधिक से अधिक 3 लड़कियाँ)} = 1,716 - 84 = \mathbf{1,632}$$ (वैकल्पिक विधि: 0 लड़की (36) + 1 लड़की (336) + 2 लड़कियाँ (756) + 3 लड़कियाँ (504) = 1,632)।
उदाहरण 5
एक समतल में 12 बिंदु हैं जिनमें से 5 बिंदु संरेख हैं। (i) इन बिंदुओं को जोड़कर कितनी सरल रेखाएँ बनेंगी? (ii) कितने त्रिभुज बनेंगे? (iii) एक दशभुज (10 भुजाओं वाला बहुभुज) में कितने विकर्ण होते हैं? [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
भाग (i): बनने वाली सरल रेखाओं की संख्या: किन्हीं 2 बिंदुओं को मिलाने पर एक सरल रेखा बनती है ($^{12} C_2$)। चूँकि 5 बिंदु संरेख हैं, वे अलग-अलग $^5 C_2$ रेखाओं के स्थान पर केवल 1 रेखा बनाते हैं: $$\text{सरल रेखाएँ} = \, ^{12} C_2 - \, ^5 C_2 + 1$$ $$^{12} C_2 = \frac{12 \times 11}{2} = 66$$ $$^5 C_2 = \frac{5 \times 4}{2} = 10$$ $$\mathbf{\text{कुल सरल रेखाएँ} = 66 - 10 + 1 = 57}$$
भाग (ii): बनने वाले त्रिभुजों की संख्या: किन्हीं 3 असंरेख बिंदुओं को मिलाने पर 1 त्रिभुज बनता है ($^{12} C_3$)। संरेख 5 बिंदु कोई त्रिभुज नहीं बना सकते ($^5 C_3$ घट जाता है): $$\text{त्रिभुज} = \, ^{12} C_3 - \, ^5 C_3$$ $$^{12} C_3 = \frac{12 \times 11 \times 10}{3 \times 2 \times 1} = 220$$ $$^5 C_3 = \frac{5 \times 4 \times 3}{3 \times 2 \times 1} = 10$$ $$\mathbf{\text{कुल त्रिभुज} = 220 - 10 = 210}$$
भाग (iii): दशभुज ($n = 10$) के विकर्णों की संख्या: बहुभुज के विकर्ण सूत्र $D = \frac{n(n - 3)}{2}$ का प्रयोग करने पर: $$D = \frac{10(10 - 3)}{2} = \frac{10 \times 7}{2} = \mathbf{35 \text{ विकर्ण}}$$
उदाहरण 6
"ASSASSINATION" शब्द के अक्षरों के कुल कितने विन्यास बन सकते हैं? इनमें से कितनों में: (i) चारों S सदैव एक साथ रहेंगे? (ii) कोई भी दो S कभी साथ नहीं बैठेंगे? [5 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल:
चरण 1: "ASSASSINATION" में अक्षरों की आवृत्ति: कुल अक्षर $n = 13$। अक्षरों की पुनरावृत्ति:
  • A आता है 3 बार
  • S आता है 4 बार
  • I आता है 2 बार
  • N आता है 2 बार
  • T आता है 1 बार
  • O आता है 1 बार
प्रतिबंध-रहित कुल क्रमचय $= \frac{13!}{3! \, 4! \, 2! \, 2!} = \frac{6227020800}{6 \times 24 \times 2 \times 2} = \mathbf{10,810,800}$।
चरण 2: स्थिति (i) - चारों S सदैव एक साथ रहें (स्ट्रिंग विधि): चारों S को एक संयुक्त ब्लॉक मान लें: $[S, S, S, S]$। शेष अक्षर: 3 A, 2 I, 2 N, 1 T, 1 O (कुल 9 अक्षर)। व्यवस्थित करने हेतु कुल वस्तुएँ $= 9 + 1 \text{ ब्लॉक} = 10$ वस्तुएँ। चूँकि ब्लॉक में चारों S समरूप हैं, उनका आंतरिक विन्यास $= \frac{4!}{4!} = 1$। $$\text{क्रमचय (चारों S साथ)} = \frac{10!}{3! \, 2! \, 2!} = \frac{3628800}{6 \times 2 \times 2} = \frac{3628800}{24} = \mathbf{151,200}$$
चरण 3: स्थिति (ii) - कोई भी दो S साथ न बैठें (गैप विधि): सर्वप्रथम शेष $13 - 4 = 9$ अक्षरों (3 A, 2 I, 2 N, 1 T, 1 O) को व्यवस्थित करें: $$\text{शेष 9 अक्षरों का विन्यास} = \frac{9!}{3! \, 2! \, 2!} = \frac{362880}{24} = 15,120$$ ये 9 अक्षर अपने बीच और दोनों किनारों पर कुल $9 + 1 = 10$ रिक्तियाँ (Gaps) बनाते हैं: $$\underline{\phantom{x}} L_1 \underline{\phantom{x}} L_2 \underline{\phantom{x}} L_3 \underline{\phantom{x}} L_4 \underline{\phantom{x}} L_5 \underline{\phantom{x}} L_6 \underline{\phantom{x}} L_7 \underline{\phantom{x}} L_8 \underline{\phantom{x}} L_9 \underline{\phantom{x}}$$ चारों समरूप S को इन 10 रिक्तियों में से किन्हीं 4 में रखने के प्रकार: $$\text{रिक्तियों का चयन} = \, ^{10} C_4 = \frac{10 \times 9 \times 8 \times 7}{4 \times 3 \times 2 \times 1} = 210$$ $$\text{कुल विन्यास (कोई दो S साथ नहीं)} = 15,120 \times 210 = \mathbf{3,175,200}$$
उत्तर: चारों S साथ रहने पर $151,200$ तथा कोई दो S साथ न रहने पर $3,175,200$ विन्यास बनते हैं।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

क्रमचय (क्रम आवश्यक) और संचय (क्रम निरपेक्ष) में भ्रम

सही वैज्ञानिक तथ्य

11 व्यक्तियों में से 5 की समिति के चयन में क्रम का कोई महत्व नहीं होता; अतः संचय $^{11} C_5 = 462$ होगा, $^{11} P_5 = 55,440$ नहीं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

शब्द विन्यास में समरूप या दोहराए गए अक्षरों के फैक्टोरियल से भाग न देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

चूँकि O दो बार आया है, अतः $2!$ से भाग देना होगा: $\frac{4!}{2!} = \frac{24}{2} = \mathbf{12}$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

चयन में "कम से कम" (at least) और "अधिक से अधिक" (at most) की शर्तों का गलत अर्थ निकालना

सही वैज्ञानिक तथ्य

"कम से कम 3 लड़कियाँ" का अर्थ $\ge 3$ लड़कियाँ है (अर्थात 3 लड़कियाँ अथवा 4 लड़कियाँ)। सभी मान्य स्थितियों की गणना करके उन्हें जोड़ें।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

अनाम समान समूहों के विभाजन में $2!$ अथवा $3!$ से भाग न देना

सही वैज्ञानिक तथ्य

समान आकार के 2 अनाम समूहों हेतु $2!$ से भाग देना आवश्यक है: $\frac{4!}{(2!)^2 \times 2!} = \frac{24}{4 \times 2} = \mathbf{3}$।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

माला या हार के लिए सीधे वृत्तीय क्रमचय $(n - 1)!$ का प्रयोग करना

सही वैज्ञानिक तथ्य

माला को पलटने पर दक्षिणावर्त व वामावर्त क्रम समान हो जाते हैं, अतः 2 से भाग दें: $\frac{(8 - 1)!}{2} = \frac{5040}{2} = \mathbf{2520}$।

क्रमचय, संचय, पास्कल त्रिभुज एवं ज्यामितीय कॉम्बिनेटॉरिक्स आरेख

ⁿCᵣ क्रमचय एवं संचयन (Permutations and Combinations) गणना का आधारभूत सिद्धांत | nPr एवं nCr | पास्कल सर्वसमिका | ज्यामितीय अनुप्रयोग Objects: {A, B, C} (n = 3, r = 2) क्रमचय (Permutation) - क्रम महत्वपूर्ण है AB BA AC CA BC CB ³P₂ = 3! / (3 - 2)! = 6 AB ≠ BA (Order distinct) संचयन (Combination) - केवल चयन (क्रम निरपेक्ष) {A, B} {A, C} {B, C} ³C₂ = 3! / (2! · 1!) = 3 {A, B} = {B, A} (Grouping) मूल संबंध: ⁿPᵣ = r! × ⁿCᵣ पास्कल नियम: ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ 1 1 1 1 2 1 1 3 3 1 6 बहुभुज के विकर्ण: ⁿC₂ - n = n(n-3)/2 ⁶C₂ - 6 = 15 - 6 = 9 गणना सिद्धांत एवं क्रमगुणित गुणन सिद्धांत: m × n विभिन्न विधियाँ योग सिद्धांत: m + n (परस्पर अपवर्जी) n! = n(n-1)!, 0! = 1, 1! = 1 क्रमचय (Arrangement) ⁿPᵣ = n! / (n - r)! [क्रम आवश्यक] पुनरावृत्ति अनुमत: nʳ समरूप वस्तुएँ: n! / (p! · q! · r!) संचयन (Selection) ⁿCᵣ = n! / [r!(n - r)!] ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ, ⁿCₓ = ⁿCᵧ ⇒ x+y = n ⁿC₀ + ⁿC₁ + ... + ⁿCₙ = 2ⁿ ज्यामितीय अनुप्रयोग एवं समूह विभाजन सरल रेखाएँ: ⁿC₂ - ᵐC₂ + 1 समांतर चतुर्भुज: ᵐC₂ × ⁿC₂ समान समूह: (2m)! / [(m!)² · 2!]

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
गुणन के मूलभूत सिद्धांत के अनुसार यदि कोई घटना m प्रकार से तथा उसके बाद दूसरी स्वतंत्र घटना n प्रकार से घट सकती है, तो दोनों क्रमिक रूप से m × n प्रकार से घटेंगी।
मुख्य बिंदु 2
योग के मूलभूत सिद्धांत के अनुसार यदि कोई घटना m प्रकार से तथा दूसरी परस्पर अपवर्जी घटना n प्रकार से घट सकती है, तो दोनों में से कोई एक m + n प्रकार से घट सकती है।
मुख्य बिंदु 3
अऋणात्मक पूर्णांकों के लिए फैक्टोरियल n! = 1 × 2 × 3 × ... × n, जहाँ 0! = 1 तथा n! = n(n - 1)! होता है।
मुख्य बिंदु 4
क्रमचय एक क्रमित व्यवस्था है; n विभिन्न वस्तुओं में से r वस्तुएँ लेकर बनने वाले क्रमचयों की संख्या ⁿPᵣ = n! / (n - r)! होती है।
मुख्य बिंदु 5
यदि n वस्तुओं में p प्रथम प्रकार की, q द्वितीय प्रकार की तथा r तृतीय प्रकार की समरूप वस्तुएँ हों, तो कुल क्रमचय n! / (p! · q! · r!) होते हैं।
मुख्य बिंदु 6
n विभिन्न वस्तुओं का वृत्तीय क्रमचय मेज के चारों ओर (n - 1)! तथा माला या हार के लिए (n - 1)! / 2 होता है।
मुख्य बिंदु 7
संचय एक अक्रमित चयन है; n विभिन्न वस्तुओं में से r वस्तुएँ चुनने के तरीकों की संख्या ⁿCᵣ = n! / [r!(n - r)!] होती है।
मुख्य बिंदु 8
क्रमचय और संचय में आधारभूत संबंध: ⁿPᵣ = r! × ⁿCᵣ।
मुख्य बिंदु 9
महत्वपूर्ण संचय सर्वसमिकाएँ: ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ; यदि ⁿCₓ = ⁿCᵧ तो x = y या x + y = n; तथा पास्कल नियम: ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ।
मुख्य बिंदु 10
ज्यामितीय संचय: n बिंदुओं में से m संरेख हों तो सरल रेखाओं की संख्या ⁿC₂ - ᵐC₂ + 1; n-भुजाओं वाले बहुभुज के विकर्णों की संख्या ⁿC₂ - n = n(n - 3)/2 होती है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
बिना पुनरावृत्ति के अंक 1 से 9 का उपयोग करके 4-अंकीय कितनी संख्याएँ बनाई जा सकती हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: ⁹P₄ = 9! / (9 - 4)! = 9! / 5! = 9 × 8 × 7 × 6 = 3,024 संख्याएँ।
कुल 9 अंकों से 4 स्थान बिना पुनरावृत्ति के भरने हैं; क्रमचय सूत्र ⁹P₄ का उपयोग करें।
2
यदि ⁿPᵣ = 720 और ⁿCᵣ = 120 हो, तो r और n का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: r! = ⁿPᵣ / ⁿCᵣ = 720 / 120 = 6। चूँकि 3! = 6, अतः r = 3। अब ⁿP₃ = n(n - 1)(n - 2) = 720 = 10 × 9 × 8। अतः n = 10 और r = 3।
मूल संबंध ⁿPᵣ = r! × ⁿCᵣ से r! निकालें, फिर n का मान ज्ञात करें।
3
एक वृत्त की परिधि पर स्थित 21 बिंदुओं से कितनी जीवाएँ (Chords) खींची जा सकती हैं?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: चूँकि वृत्त पर कोई 3 बिंदु संरेख नहीं होते, अतः जीवाओं की संख्या = ²¹C₂ = (21 × 20) / 2 = 210 जीवाएँ।
परिधि के किन्हीं 2 बिंदुओं को मिलाने पर एक अद्वितीय जीवा बनती है; संचय का प्रयोग करें।
4
5 लड़कियाँ और 3 लड़के एक पंक्ति में कितने प्रकार से बैठ सकते हैं ताकि कोई दो लड़के पास-पास न बैठें?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: 5 लड़कियों को बैठाने के प्रकार: 5! = 120। रिक्तियाँ = 5 + 1 = 6। 3 लड़कों को 6 रिक्तियों में बैठाने के प्रकार: ⁶P₃ = 6 × 5 × 4 = 120। कुल प्रकार = 120 × 120 = 14,400 प्रकार।
पहले 5 लड़कियों को बैठाएँ, फिर उनके बीच बनी 6 रिक्तियों में 3 लड़कों को बैठाएँ।
5
एक अष्टभुज (8-sided polygon) के विकर्णों की संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: D = 8(8 - 3)/2 = (8 × 5)/2 = 20 विकर्ण।
विकर्ण सूत्र D = n(n - 3)/2 में n = 8 रखें।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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