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WBB • कक्षा XI • Mathematics • अध्याय 13
अनुमानित समय: 85 मिनट
प्रगति: अध्ययनरत

सांख्यिकी

सांख्यिकी अनुप्रयुक्त गणित की वह प्रभावशाली शाखा है जो अनिश्चितता के वातावरण में संख्यात्मक आंकड़ों के संकलन, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण और सटीक निष्कर्ष प्रतिपादन से संबंधित है। माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों ने केंद्रीय प्रवृत्ति के मापकों—समांतर माध्य, माध्यिका और बहुलक का अध्ययन किया है, जो किसी आंकड़ा समूह के केंद्रीय प्रतिनिधि मान को व्यक्त करते हैं। किंतु केंद्रीय प्रवृत्ति के माप यह नहीं बता सकते कि आंकड़े अपने केंद्र के चारों ओर किस प्रकार फैले या बिखरे हुए हैं। दो सर्वथा भिन्न आंकड़ा समूहों के समांतर माध्य पूर्णतः समान होने पर भी उनके पदों के फैलाव या बिखराव में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है। इसी कमी को दूर करने के लिए कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में विक्षेपण के माप शामिल किए गए हैं। इस अध्याय में विद्यार्थी परिसर, माध्य एवं माध्यिका के परितः माध्य विचलन, कार्ल पियर्सन का मानक विचलन एवं प्रसरण, पद-विचलन विधि तथा मूल व पैमाने के परिवर्तन संबंधी बीजगणितीय गुणों का गहन अध्ययन करेंगे। इसके अतिरिक्त दो या दो से अधिक श्रेणियों की स्थिरता, समरूपता और संगति की तुलना करने के लिए विचरण गुणांक का व्यावहारिक अनुप्रयोग भी सीखेंगे।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

विक्षेपण के माप आधुनिक डेटा साइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण, वित्तीय जोखिम प्रबंधन और चिकित्सा अनुसंधान की रीढ़ हैं। वित्तीय पोर्टफोलियो प्रबंधन में किसी निवेश का जोखिम उसके प्रतिफलों के मानक विचलन या प्रसरण द्वारा निर्धारित किया जाता है; प्रसिद्ध शार्प अनुपात इसी मानक विचलन के आधार पर जोखिम-समायोजित लाभ का आकलन करता है। विनिर्माण उद्योगों में सिक्स सिग्मा पद्धति द्वारा उत्पाद के आकार के मानक विचलन को न्यूनतम रखा जाता है ताकि दस लाख उत्पादों में तीन दशमलव चार से कम त्रुटियां हों। चिकित्सा विज्ञान और महामारी विज्ञान में नई दवाओं के नैदानिक परीक्षणों में विचरण गुणांक की तुलना करके औषधीय प्रभावशीलता और स्थिरता सिद्ध की जाती है। मौसम विज्ञान में औसत तापमान और वर्षा के विचलनों के आधार पर जलवायु परिवर्तन का विश्लेषण किया जाता है। खेलकूद में खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निरंतरता और विश्वसनीयता आंकने के लिए विचरण गुणांक का उपयोग होता है। पश्चिम बंगाल बोर्ड (WBCHSE) कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा तथा WBJEE और JEE Main में सांख्यिकी एक अत्यंत सहज और पूर्ण अंक दिलाने वाला महत्वपूर्ण अध्याय है।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. विक्षेपण की अवधारणा एवं केंद्रीय...
2 2. समांतर माध्य एवं माध्यिका के परि...
3 3. प्रसरण एवं मानक विचलन: परिभाषा ए...
4 4. वृहद बंटनों हेतु कल्पित माध्य एव...
5 5. प्रसरण के बीजगणितीय गुणधर्म एवं...
6 6. विचरण गुणांक (C.V.) एवं श्रेणियो...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. विक्षेपण की अवधारणा एवं केंद्रीय प्रवृत्ति की सीमाएं

यद्यपि समांतर माध्य या माध्यिका आंकड़ों के केंद्र को निर्धारित करते हैं, किंतु वे यह नहीं बताते कि पद केंद्र के आसपास कितने सघन या दूर-दूर फैले हुए हैं।

1.1 केंद्रीय प्रवृत्ति के मापों की अपर्याप्तता

निम्नलिखित तीन पृथक श्रेणियों पर विचार कीजिए (प्रत्येक में 5 प्रेक्षण हैं):

  • श्रेणी 1: $50, \; 50, \; 50, \; 50, \; 50 \implies \text{माध्य } \bar{x} = 50$
  • श्रेणी 2: $48, \; 49, \; 50, \; 51, \; 52 \implies \text{माध्य } \bar{x} = 50$
  • श्रेणी 3: $0, \; 25, \; 50, \; 75, \; 100 \implies \text{माध्य } \bar{x} = 50$

तीनों श्रेणियों का माध्य, माध्यिका और बहुलक समान रूप से $50$ है। किंतु श्रेणी 1 में शून्य फैलाव है, श्रेणी 2 में अत्यंत न्यून फैलाव है तथा श्रेणी 3 में अत्यधिक बिखराव है। अतः केंद्रीय प्रवृत्ति का मान अकेले संपूर्ण वितरण को स्पष्ट नहीं कर सकता।

1.2 विक्षेपण (फैलाव) की परिभाषा एवं वर्गीकरण
विक्षेपण (Dispersion): किसी केंद्रीय मान के परितः आंकड़ों के फैलाव, बिखराव या विचरण की मात्रा को विक्षेपण या अपकिरण कहा जाता है।
  • निरपेक्ष माप (Absolute Measures): वे माप जो मूल आंकड़ों की इकाई में ही व्यक्त होते हैं (जैसे: परिसर, माध्य विचलन, मानक विचलन)।
  • सापेक्ष माप (Relative Measures): वे माप जो मात्रकहीन अनुपात या प्रतिशत के रूप में व्यक्त होते हैं (जैसे: विचरण गुणांक)। भिन्न-भिन्न इकाइयों वाले आंकड़ों की तुलना हेतु ये अपरिहार्य हैं।
1.3 परिसर (Range)

किसी आंकड़ा समूह के अधिकतम मान ($L$) और न्यूनतम मान ($S$) के बीजगणितीय अंतर को परिसर ($R$) कहते हैं:

$$\mathbf{R = L - S = X_{\text{max}} - X_{\text{min}}}$$ सापेक्ष परिसर या परिसरांक: $$\text{परिसर गुणांक} = \frac{L - S}{L + S}$$

गुण एवं दोष: परिसर की गणना अत्यंत सरल है, किंतु यह केवल दो चरम मानों पर आधारित होता है और बीच के सभी आंकड़ों की उपेक्षा करता है। चरम मानों (आउटलायर्स) की उपस्थिति में यह भ्रामक निष्कर्ष देता है।

2. समांतर माध्य एवं माध्यिका के परितः माध्य विचलन

माध्य विचलन किसी चुने हुए केंद्रीय मान (माध्य अथवा माध्यिका) से सभी प्रेक्षणों के निरपेक्ष विचलनों का समांतर माध्य होता है।

2.1 निरपेक्ष मान (Modulus) लेने की आवश्यकता

समांतर माध्य के मूलभूत गुणधर्म के अनुसार:

$$\sum_{i=1}^n (x_i - \bar{x}) = 0$$

धनात्मक और ऋणात्मक विचलन परस्पर निरस्त होकर शून्य हो जाते हैं। इस बीजगणितीय कठिनाई को दूर करने के लिए प्रत्येक विचलन का निरपेक्ष मान (मापांक) $|x_i - \bar{x}| \ge 0$ लिया जाता है।

2.2 अवर्गीकृत आंकड़ों का माध्य विचलन
माना $x_1, x_2, \dots, x_n$ दिए गए $n$ प्रेक्षण हैं:
  • माध्य के परितः माध्य विचलन: $$\mathbf{\text{MD}(\bar{x}) = \frac{1}{n} \sum_{i=1}^n |x_i - \bar{x}|}$$
  • माध्यिका के परितः माध्य विचलन: $$\mathbf{\text{MD}(M) = \frac{1}{n} \sum_{i=1}^n |x_i - M|}$$
2.3 वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य विचलन (असतत एवं सतत)

बारंबारता बंटन में प्रत्येक मान $x_i$ की बारंबारता $f_i$ तथा कुल बारंबारता $N = \sum f_i$ होने पर:

$$\mathbf{\text{MD}(A) = \frac{\sum f_i |x_i - A|}{N} = \frac{\sum f_i |x_i - A|}{\sum f_i}}$$ जहाँ $A = \bar{x}$ (माध्य के परितः) अथवा $A = M$ (माध्यिका के परितः)। सतत बंटन में $x_i$ वर्ग मध्यमान होता है।
2.4 माध्यिका का न्यूनतम विचलन गुणधर्म
प्रमेय: किसी श्रेणी के पदों से किसी अचर $A$ के निरपेक्ष विचलनों का योगफल $\sum |x_i - A|$ तभी न्यूनतम होता है, जब $A$ उस श्रेणी की माध्यिका (Median) हो। $$\sum_{i=1}^n |x_i - M| \le \sum_{i=1}^n |x_i - A| \quad (\text{किसी भी वास्तविक संख्या } A \text{ के लिए})$$ फलतः किसी भी आंकड़ा समूह के लिए माध्यिका के परितः माध्य विचलन सदैव माध्य के परितः माध्य विचलन से कम या बराबर होता है: $\text{MD}(M) \le \text{MD}(\bar{x})$।

3. प्रसरण एवं मानक विचलन: परिभाषा एवं सैद्धांतिक आधार

वर्ष 1893 में कार्ल पियर्सन ने मानक विचलन की संकल्पना प्रस्तुत की। मापांक के स्थान पर विचलनों के वर्गों का उपयोग करके बीजगणितीय कठिनाई को हल किया गया।

3.1 प्रसरण एवं मानक विचलन की मानक परिभाषा
प्रसरण (Variance, $\sigma^2$): किसी आंकड़ा समूह के प्रेक्षणों के उनके समांतर माध्य से विचलनों के वर्गों के समांतर माध्य को प्रसरण कहते हैं।
मानक विचलन (Standard Deviation, $\sigma$): प्रसरण के धनात्मक वर्गमूल को मानक विचलन (वर्ग-माध्य-मूल विचलन) कहा जाता है: $$\mathbf{\sigma = +\sqrt{\text{प्रसरण}}}$$ इकाई का अंतर: मानक विचलन मूल आंकड़ों की इकाई में व्यक्त होता है, जबकि प्रसरण इकाई के वर्ग (जैसे: $\text{सेमी}^2$, $\text{किग्रा}^2$) में होता है।
3.2 अवर्गीकृत आंकड़ों हेतु सूत्र

$n$ प्रेक्षणों $x_1, x_2, \dots, x_n$ का माध्य $\bar{x}$ होने पर:

  • परिभाषा रूप: $$\mathbf{\sigma^2 = \frac{1}{n} \sum_{i=1}^n (x_i - \bar{x})^2}$$
  • गणना हेतु सरल रूप: $$\sigma^2 = \frac{1}{n}\sum x_i^2 - 2\bar{x}\left(\frac{\sum x_i}{n}\right) + \bar{x}^2 = \frac{1}{n}\sum x_i^2 - \bar{x}^2$$
    $$\mathbf{\sigma^2 = \frac{\sum x_i^2}{n} - \left(\frac{\sum x_i}{n}\right)^2 \iff \sigma = \sqrt{\frac{\sum x_i^2}{n} - \bar{x}^2}}$$
3.3 वर्गीकृत आंकड़ों हेतु सूत्र

बारंबारता $f_i$ एवं वर्ग मध्यमान $x_i$ वाले बंटन हेतु ($N = \sum f_i$):

$$\mathbf{\sigma^2 = \frac{\sum f_i (x_i - \bar{x})^2}{N} = \frac{\sum f_i x_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i x_i}{N}\right)^2}$$ $$\mathbf{\sigma = \sqrt{\frac{\sum f_i x_i^2}{N} - \bar{x}^2}}$$

4. वृहद बंटनों हेतु कल्पित माध्य एवं पद-विचलन विधि

जब वर्ग मध्यमान या बारंबारता के मान बहुत बड़े या दशमलव में होते हैं, तो मूल व पैमाने का रूपांतरण गणना को अत्यंत तीव्र एवं सरल बना देता है।

4.1 कल्पित माध्य (लघु) विधि

माना एक उपयुक्त कल्पित माध्य $A$ है। विचलन $d_i = x_i - A$ लेने पर:

$$\bar{x} = A + \frac{\sum f_i d_i}{N}$$ $$\mathbf{\sigma^2 = \frac{\sum f_i d_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i d_i}{N}\right)^2 \iff \sigma = \sqrt{\frac{\sum f_i d_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i d_i}{N}\right)^2}}$$
4.2 पद-विचलन विधि (समान वर्ग माप $h$ हेतु)

समान वर्ग चौड़ाई $h$ वाले सतत बंटन में पद-विचलन चर $u_i = \frac{x_i - A}{h} \iff x_i = A + h u_i$ परिभाषित करते हैं:

समांतर माध्य: $$\mathbf{\bar{x} = A + h \left(\frac{\sum f_i u_i}{N}\right)}$$ प्रसरण: $$\mathbf{\sigma^2 = h^2 \left[ \frac{\sum f_i u_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i u_i}{N}\right)^2 \right]}$$ मानक विचलन: $$\mathbf{\sigma = h \sqrt{\frac{\sum f_i u_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i u_i}{N}\right)^2}}$$ विशेष ध्यान: मानक विचलन में $h$ वर्गमूल के बाहर रहता है, जबकि प्रसरण में बाहर $h^2$ से गुणा करना अनिवार्य है!

5. प्रसरण के बीजगणितीय गुणधर्म एवं रैखिक रूपांतरण

आंकड़ों में किसी अचर संख्या को जोड़ने, घटाने या गुणा करने से मानक विचलन और प्रसरण पर पड़ने वाले प्रभाव प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

5.1 प्रमेय 1: मूल बिंदु परिवर्तन का प्रभाव
गुणधर्म 1: प्रसरण और मानक विचलन मूल बिंदु के परिवर्तन से पूर्णतः स्वतंत्र (अपरिवर्तित) रहते हैं।
यदि प्रत्येक पद $x_i$ में कोई अचर $c$ जोड़ा या घटाया जाए ($y_i = x_i \pm c$): $$\bar{y} = \bar{x} \pm c$$ $$\mathbf{\text{Var}(y) = \text{Var}(x) \quad \text{तथा} \quad \sigma_y = \sigma_x}$$ कारण: पूरी श्रेणी को संख्या रेखा पर खिसकाने से माध्य तो बदल जाता है, किंतु पदों के बीच की परस्पर दूरियां समान रहती हैं।
5.2 प्रमेय 2: पैमाने के परिवर्तन का प्रभाव
गुणधर्म 2: प्रसरण और मानक विचलन पैमाने के परिवर्तन पर निर्भर करते हैं।
यदि प्रत्येक पद $x_i$ को किसी अशून्य अचर $a$ से गुणा किया जाए ($y_i = a x_i$): $$\bar{y} = a \bar{x}$$ $$\mathbf{\text{Var}(y) = a^2 \text{Var}(x) \quad \text{तथा} \quad \sigma_y = |a| \sigma_x}$$
5.3 संयुक्त रैखिक रूपांतरण ($y = ax + b$)

मूल और पैमाने का एक साथ रूपांतरण करने पर: $y_i = a x_i + b$:

$$\mathbf{\bar{y} = a\bar{x} + b}$$ $$\mathbf{\text{Var}(y) = a^2 \text{Var}(x)}$$ $$\mathbf{\sigma_y = |a| \sigma_x}$$ यहाँ स्पष्ट है कि योगात्मक अचर $b$ का मानक विचलन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता!
5.4 दो समूहों का संयुक्त प्रसरण (Combined Variance)

माना दो समूहों के आकार $n_1, n_2$, माध्य $\bar{x}_1, \bar{x}_2$ तथा प्रसरण $\sigma_1^2, \sigma_2^2$ हैं:

  1. संयुक्त माध्य: $\mathbf{\bar{x} = \frac{n_1 \bar{x}_1 + n_2 \bar{x}_2}{n_1 + n_2}}$
  2. माध्य विचलन: $d_1 = \bar{x}_1 - \bar{x}$ तथा $d_2 = \bar{x}_2 - \bar{x}$
  3. संयुक्त प्रसरण: $$\mathbf{\sigma^2 = \frac{n_1(\sigma_1^2 + d_1^2) + n_2(\sigma_2^2 + d_2^2)}{n_1 + n_2}}$$

6. विचरण गुणांक (C.V.) एवं श्रेणियों की तुलनात्मक स्थिरता

भिन्न-भिन्न इकाइयों या अत्यधिक भिन्न माध्य स्तर वाले आंकड़ा समूहों के फैलाव की निष्पक्ष तुलना के लिए विचरण गुणांक का प्रयोग किया जाता है।

6.1 कार्ल पियर्सन का विचरण गुणांक (Coefficient of Variation)
परिभाषा: मानक विचलन और समांतर माध्य के अनुपात को प्रतिशत के रूप में व्यक्त करने पर उसे विचरण गुणांक (C.V.) कहते हैं: $$\mathbf{\text{C.V.} = \frac{\sigma}{\bar{x}} \times 100 \quad (\bar{x} > 0)}$$ अंश और हर दोनों की इकाई समान होने के कारण यह एक मात्रकहीन शुद्ध संख्यात्मक प्रतिशत है।
6.2 दो श्रेणियों की तुलना के नियम
सांख्यिकीय माप अधिक मान होने पर कम मान होने पर
विचरण गुणांक (C.V.) अधिक परिवर्तनशीलता, अधिक बिखराव, कम सुसंगत, कम स्थिर कम परिवर्तनशीलता, अधिक सुसंगत (Consistent), अधिक स्थिर (Stable)
माध्य समान होने पर ($\bar{x}_1 = \bar{x}_2$) जिसका मानक विचलन अधिक, वह कम सुसंगत जिसका मानक विचलन कम ($\sigma$), वह अधिक सुसंगत एवं एकरूप
6.3 व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोग
  • शेयर बाजार एवं निवेश निर्णय: समान प्रत्याशित लाभ वाले दो शेयरों में से जिस शेयर का विचरण गुणांक कम होता है, निवेशक उसे कम जोखिमपूर्ण और अधिक सुरक्षित मानते हैं।
  • औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण: कारखाने में निर्मित पुर्जों के आयामों का विचरण गुणांक जितना कम होगा, उत्पादन उतना ही मानक और दोषरहित माना जाता है।
  • खिलाड़ियों का चयन: क्रिकेट या अन्य खेलों में टीम चयन हेतु ऐसे खिलाड़ी को प्राथमिकता दी जाती है जिसका बल्लेबाजी या गेंदबाजी में विचरण गुणांक सबसे कम हो।

महत्वपूर्ण सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं प्रमेय

माध्य विचलन सूत्र
$$MD = (1/N) Σ f_i |x_i - A|$$
न्यूनतम गुणधर्म: माध्यिका के परितः विचलनों का योगफल सदैव न्यूनतम होता है।
प्रसरण एवं मानक विचलन (प्रत्यक्ष)
σ² = (1/N)Σf_i x_i² - x̄², σ = √प्रसरण
मानक विचलन मूल आंकड़ों की इकाई में होता है तथा सदैव अऋणात्मक होता है।
पद-विचलन मानक विचलन
σ = h √[(Σfu²/N) - (Σfu/N)²]
h वर्ग माप है, A कल्पित माध्य है। प्रसरण हेतु σ² = h² [...]।
रैखिक रूपांतरण गुणधर्म
$$Var(ax + b) = a² Var(x), σ_y = |a| σ_x$$
प्रसरण मूल बिंदु b से स्वतंत्र है, किंतु पैमाने a के वर्ग के समानुपाती है।
संयुक्त प्रसरण सूत्र
σ² = [n₁(σ₁² + d₁²) + n₂(σ₂² + d₂²)] / (n₁ + n₂)
d₁ और d₂ संबंधित श्रेणियों के माध्य का संयुक्त माध्य से अंतर हैं।
विचरण गुणांक (C.V.)
C.V. = (σ / x̄) × 100
मात्रकहीन प्रतिशत मान। कम विचरण गुणांक अधिक स्थिरता एवं संगति दर्शाता है।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
आंकड़ों 4, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 17 के लिए समांतर माध्य के परितः माध्य विचलन ज्ञात कीजिए। [2 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिए गए प्रेक्षण: $$4, \; 7, \; 8, \; 9, \; 10, \; 12, \; 13, \; 17$$ कुल प्रेक्षणों की संख्या $n = 8$। चरण 1: समांतर माध्य ($\bar{x}$) ज्ञात करना: $$\bar{x} = \frac{\sum x_i}{n} = \frac{4 + 7 + 8 + 9 + 10 + 12 + 13 + 17}{8} = \frac{80}{8} = 10$$ चरण 2: निरपेक्ष विचलन $|x_i - \bar{x}|$ ज्ञात करना: $$\begin{aligned} |4 - 10| &= 6 \\ |7 - 10| &= 3 \\ |8 - 10| &= 2 \\ |9 - 10| &= 1 \\ |10 - 10| &= 0 \\ |12 - 10| &= 2 \\ |13 - 10| &= 3 \\ |17 - 10| &= 7 \end{aligned}$$ चरण 3: निरपेक्ष विचलनों का योगफल: $$\sum |x_i - \bar{x}| = 6 + 3 + 2 + 1 + 0 + 2 + 3 + 7 = 24$$ चरण 4: माध्य के परितः माध्य विचलन: $$\mathbf{\text{MD}(\bar{x}) = \frac{\sum |x_i - \bar{x}|}{n} = \frac{24}{8} = 3}$$ अतः माध्य के परितः अभीष्ट माध्य विचलन $3$ है।
उदाहरण 2
प्रेक्षणों 3, 9, 5, 3, 12, 10, 18, 4, 7, 19, 21 के लिए माध्यिका के परितः माध्य विचलन ज्ञात कीजिए। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिए गए प्रेक्षण: $$3, \; 9, \; 5, \; 3, \; 12, \; 10, \; 18, \; 4, \; 7, \; 19, \; 21$$ कुल पदों की संख्या $n = 11$ (विषम संख्या)। चरण 1: आंकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर: $$3, \; 3, \; 4, \; 5, \; 7, \; 9, \; 10, \; 12, \; 18, \; 19, \; 21$$ चरण 2: माध्यिका ($M$) ज्ञात करना: $$\text{माध्यिका } M = \left(\frac{n + 1}{2}\right)\text{-वां पद} = \left(\frac{11 + 1}{2}\right)\text{-वां पद} = 6\text{-वां पद} = \mathbf{9}$$ चरण 3: माध्यिका के परितः निरपेक्ष विचलन $|x_i - 9|$: $$\begin{aligned} |3 - 9| &= 6, \quad |3 - 9| = 6, \quad |4 - 9| = 5, \quad |5 - 9| = 4, \quad |7 - 9| = 2 \\ |9 - 9| &= 0, \quad |10 - 9| = 1, \quad |12 - 9| = 3, \quad |18 - 9| = 9, \quad |19 - 9| = 10, \quad |21 - 9| = 12 \end{aligned}$$ चरण 4: निरपेक्ष विचलनों का योगफल: $$\sum |x_i - M| = 6 + 6 + 5 + 4 + 2 + 0 + 1 + 3 + 9 + 10 + 12 = 58$$ चरण 5: माध्यिका के परितः माध्य विचलन: $$\mathbf{\text{MD}(M) = \frac{\sum |x_i - M|}{n} = \frac{58}{11} \approx 5.27}$$ अतः माध्यिका के परितः माध्य विचलन $\frac{58}{11} \approx 5.27$ है।
उदाहरण 3
सिद्ध कीजिए कि प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का प्रसरण \(\frac{n^2 - 1}{12}\) होता है। इसके आधार पर प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याओं का मानक विचलन ज्ञात कीजिए। [3 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: प्रथम $n$ प्राकृतिक संख्याएं $1, 2, 3, \dots, n$ हैं। चरण 1: समांतर माध्य ($\bar{x}$) ज्ञात करना: $$\sum_{i=1}^n x_i = \frac{n(n + 1)}{2} \implies \bar{x} = \frac{1}{n} \left(\frac{n(n + 1)}{2}\right) = \frac{n + 1}{2}$$ चरण 2: वर्गों का औसत $\frac{1}{n}\sum x_i^2$ ज्ञात करना: $$\sum_{i=1}^n x_i^2 = \frac{n(n + 1)(2n + 1)}{6} \implies \frac{1}{n}\sum_{i=1}^n x_i^2 = \frac{(n + 1)(2n + 1)}{6}$$ चरण 3: प्रसरण ($\sigma^2$) की गणना: $$\begin{aligned} \sigma^2 &= \frac{1}{n}\sum x_i^2 - \bar{x}^2 = \frac{(n + 1)(2n + 1)}{6} - \left(\frac{n + 1}{2}\right)^2 \\ &= \frac{n + 1}{2} \left[ \frac{2n + 1}{3} - \frac{n + 1}{2} \right] \\ &= \frac{n + 1}{2} \left[ \frac{4n + 2 - 3n - 3}{6} \right] = \frac{n + 1}{2} \cdot \frac{n - 1}{6} = \mathbf{\frac{n^2 - 1}{12}} \end{aligned}$$ इति सिद्धम्: प्रसरण = $\frac{n^2 - 1}{12}$। चरण 4: प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याओं का मानक विचलन ($n = 10$): $$\sigma^2 = \frac{10^2 - 1}{12} = \frac{100 - 1}{12} = \frac{99}{12} = \frac{33}{4} = 8.25$$ $$\mathbf{\sigma = \sqrt{8.25} = \frac{\sqrt{33}}{2} \approx 2.87}$$ अतः प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याओं का मानक विचलन लगभग $2.87$ है।
उदाहरण 4
निम्नलिखित असतत बारंबारता बंटन के लिए माध्य, प्रसरण और मानक विचलन ज्ञात कीजिए: [4 अंक] मान (x): 6, 10, 14, 18, 24, 28, 30 बारंबारता (f): 2, 4, 7, 12, 8, 4, 3
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: कल्पित माध्य $A = 18$ मानकर गणना सारणी बनाते हैं: $$\begin{array}{|c|c|c|c|c|c|} \hline x_i & f_i & d_i = x_i - 18 & f_i d_i & d_i^2 & f_i d_i^2 \\ \hline 6 & 2 & -12 & -24 & 144 & 288 \\ 10 & 4 & -8 & -32 & 64 & 256 \\ 14 & 7 & -4 & -28 & 16 & 112 \\ 18 & 12 & 0 & 0 & 0 & 0 \\ 24 & 8 & 6 & 48 & 36 & 288 \\ 28 & 4 & 10 & 40 & 100 & 400 \\ 30 & 3 & 12 & 36 & 144 & 432 \\ \hline \text{कुल} & N = 40 & - & \sum f_i d_i = 40 & - & \sum f_i d_i^2 = 1776 \\ \hline \end{array}$$ 1. समांतर माध्य ($\bar{x}$): $$\mathbf{\bar{x} = A + \frac{\sum f_i d_i}{N} = 18 + \frac{40}{40} = 18 + 1 = 19}$$ 2. प्रसरण ($\sigma^2$): $$\begin{aligned} \sigma^2 &= \frac{\sum f_i d_i^2}{N} - \left(\frac{\sum f_i d_i}{N}\right)^2 \\ &= \frac{1776}{40} - (1)^2 = 44.4 - 1 = \mathbf{43.4} \end{aligned}$$ 3. मानक विचलन ($\sigma$): $$\mathbf{\sigma = \sqrt{43.4} \approx 6.59}$$ अतः माध्य = $19$, प्रसरण = $43.4$ तथा मानक विचलन $\approx 6.59$ है।
उदाहरण 5
20 प्रेक्षणों का माध्य और मानक विचलन क्रमशः 10 और 2 पाया गया। पुनः जांच करने पर ज्ञात हुआ कि एक प्रेक्षण 8 गलत ले लिया गया था। सही माध्य और मानक विचलन ज्ञात कीजिए यदि: (i) गलत प्रेक्षण हटा दिया जाए, (ii) उसे 12 से प्रतिस्थापित किया जाए। [4 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिया है: $n = 20, \; \bar{x} = 10, \; \sigma = 2 \implies \sigma^2 = 4$। $$\bar{x} = \frac{\sum x}{20} = 10 \implies \sum x = 20 \times 10 = 200$$ पुनः $\sigma^2 = \frac{\sum x^2}{n} - \bar{x}^2$ से: $$4 = \frac{\sum x^2}{20} - 100 \implies \frac{\sum x^2}{20} = 104 \implies \sum x^2 = 2080$$
(i) जब गलत प्रेक्षण 8 को हटा दिया जाता है: नए पदों की संख्या $n' = 20 - 1 = 19$। $$\text{सही } \sum x = 200 - 8 = 192$$ $$\text{सही माध्य } \mathbf{\bar{x}' = \frac{192}{19} \approx 10.11}$$ $$\text{सही } \sum x^2 = 2080 - 8^2 = 2080 - 64 = 2016$$ $$\text{सही } \sigma'^2 = \frac{2016}{19} - \left(\frac{192}{19}\right)^2 = \frac{38304 - 36864}{361} = \frac{1440}{361} \approx 3.99$$ $$\text{सही मानक विचलन } \mathbf{\sigma' = \frac{\sqrt{1440}}{19} = \frac{12\sqrt{10}}{19} \approx 1.997}$$
(ii) जब गलत प्रेक्षण 8 के स्थान पर 12 रखा जाता है: पदों की संख्या $n = 20$ ही रहती है। $$\text{सही } \sum x = 200 - 8 + 12 = 204$$ $$\text{सही माध्य } \mathbf{\bar{x}'' = \frac{204}{20} = 10.2}$$ $$\text{सही } \sum x^2 = 2080 - 8^2 + 12^2 = 2080 - 64 + 144 = 2160$$ $$\text{सही } \sigma''^2 = \frac{2160}{20} - (10.2)^2 = 108 - 104.04 = \mathbf{3.96}$$ $$\text{सही मानक विचलन } \mathbf{\sigma'' = \sqrt{3.96} \approx 1.99}$$
उदाहरण 6
एक कारखाने के दो संयंत्रों अ और ब द्वारा निर्मित स्टील की छड़ों के 50 नमूनों के परीक्षण के आंकड़े निम्नलिखित हैं: संयंत्र अ: माध्य लम्बाई = 20 सेमी, मानक विचलन = 1.6 सेमी संयंत्र ब: माध्य लम्बाई = 25 सेमी, मानक विचलन = 1.75 सेमी (a) औसतन किस संयंत्र की छड़ें अधिक लम्बी हैं? (b) विनिर्माण लम्बाई के संबंध में कौन सा संयंत्र अधिक सुसंगत (स्थिर) है? [5 अंक]
विस्तृत समाधान / उत्तर:
हल: दिए गए आंकड़े: $$\begin{array}{|c|c|c|} \hline \text{प्राचल} & \text{संयंत्र अ} & \text{संयंत्र ब} \\ \hline \text{नमूना संख्या } (n) & 50 & 50 \\ \text{माध्य } (\bar{x}) & 20 \text{ सेमी} & 25 \text{ सेमी} \\ \text{मानक विचलन } (\sigma) & 1.6 \text{ सेमी} & 1.75 \text{ सेमी} \\ \hline \end{array}$$
भाग (a): औसत लम्बाई की तुलना: $$\bar{x}_ब = 25 \text{ सेमी} > \bar{x}_अ = 20 \text{ सेमी}$$ अतः संयंत्र ब औसतन अधिक लम्बी छड़ें निर्मित करता है।
भाग (b): विनिर्माण में संगति एवं स्थिरता की तुलना: भिन्न-भिन्न माध्य वाली श्रेणियों की संगति तुलना करने हेतु विचरण गुणांक (C.V.) ज्ञात करना अनिवार्य है: $$\text{C.V.} = \frac{\sigma}{\bar{x}} \times 100$$ संयंत्र अ हेतु: $$\mathbf{\text{C.V.}_अ = \frac{\sigma_अ}{\bar{x}_अ} \times 100 = \frac{1.6}{20} \times 100 = 8.0\%}$$ संयंत्र ब हेतु: $$\mathbf{\text{C.V.}_ब = \frac{\sigma_ब}{\bar{x}_ब} \times 100 = \frac{1.75}{25} \times 100 = 7.0\%}$$
निष्कर्ष: दोनों विचरण गुणांकों की तुलना करने पर: $$\text{C.V.}_ब = 7.0\% < \text{C.V.}_अ = 8.0\%$$ चूँकि संयंत्र ब का विचरण गुणांक कम है, अतः इसका सापेक्ष फैलाव कम है। अतः मानक विचलन थोड़ा अधिक होने के बावजूद संयंत्र ब उत्पाद की लम्बाई में अधिक सुसंगत (More Consistent/Uniform) है।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सही वैज्ञानिक तथ्य

समांतर माध्य से बीजगणितीय विचलनों का योग सदैव शून्य होता है (Σ (x_i - x̄) = 0)। यदि मापांक |x_i - x̄| न लिया जाए तो योगफल शून्य आएगा जो कि गलत है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सही वैज्ञानिक तथ्य

पद-विचलन विधि में मानक विचलन में h से गुणा होता है (σ = h √[...]), किंतु प्रसरण में अनिवार्यतः h² से गुणा करना पड़ता है (σ² = h² [...])।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सही वैज्ञानिक तथ्य

मानक विचलन और प्रसरण मूल बिंदु के परिवर्तन से पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं। प्रत्येक पद में c जोड़ने से माध्य बदलता है, किंतु फैलाव अपरिवर्तित रहता है: σ_{x+c} = σ_x।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सही वैज्ञानिक तथ्य

अधिक माध्य केवल उच्च स्तर को दर्शाता है, निरंतरता को नहीं। संगति की माप सदैव कम विचरण गुणांक (C.V. = σ/x̄ × 100) द्वारा की जाती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

सही वैज्ञानिक तथ्य

संयुक्त प्रसरण केवल दोनों प्रसरणों का भारित औसत नहीं है। इसमें श्रेणी माध्यों का संयुक्त माध्य से अंतर d_i² = (x̄_i - x̄)² जोड़ना आवश्यक है: σ² = [n₁(σ₁² + d₁²) + n₂(σ₂² + d₂²)] / (n₁ + n₂)।

सांख्यिकी: विक्षेपण के माप, प्रसरण एवं विचरण गुणांक संरचना चित्र

Σ सांख्यिकी: विक्षेपण के माप एवं प्रसरण विश्लेषण WBCHSE कक्षा 11 गणित (माध्य विचलन, प्रसरण, मानक विचलन एवं विचरण गुणांक) माध्य विचलन (Mean Deviation) MD(x̄) एवं MD(M) सूत्र माध्य के परितः: MD(x̄) = Σf|x - x̄| / N माध्यिका के परितः: MD(M) = Σf|x - M| / N गुणधर्म: Σ|x - A| न्यूनतम जब A = माध्यिका Ignores algebraic signs (|x - A| ≥ 0) प्रसरण एवं मानक विचलन σ² = (1/N)Σf(x - x̄)² तथा σ = √Var प्रसरण: σ² = (1/N)Σf x² - x̄² मानक विचलन: σ = √प्रसरण (सदैव अऋणात्मक) Mean (x̄) -1σ +1σ पद-विचलन विधि u = (x - A)/h मापनी रूपांतरण पद-विचलन सूत्र: σ = h √[(Σf u²/N) - (Σf u/N)²] Mean: x̄ = A + h(Σfu / N) Assumed Mean A, Class width h Drastically reduces arithmetic load मूल एवं पैमाने का परिवर्तन Var(ax + b) = a² Var(x) ■ मूल परिवर्तन से स्वतंत्र: Var(x ± c) = Var(x) Adding/subtracting constant c shifts mean, but spread is invariant ■ पैमाने के परिवर्तन पर निर्भर: SD(a·x) = |a|·SD(x) Multiplying by a scales variance by a² and S.D. by |a| Combined Variance: N σ² = n₁(σ₁² + d₁²) + n₂(σ₂² + d₂²) विचरण गुणांक (C.V.) एवं संगति C.V. = (σ / x̄) × 100 Relative Measure of Dispersion: Unit-Free Comparison Allows fair comparison between series with different units or scales ■ अधिक C.V. ⇒ अधिक प्रसरण, कम सुसंगत ■ कम C.V. ⇒ अधिक सुसंगत एवं स्थिर वितरण Equal Means: Series with smaller σ is more consistent

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
विक्षेपण के माप किसी आंकड़ा समूह के पदों के केंद्रीय मान के परितः फैलाव या बिखराव की सीमा को दर्शाते हैं।
मुख्य बिंदु 2
परिसर उच्चतम और निम्नतम प्रेक्षणों का बीजगणितीय अंतर होता है (R = L - S)।
मुख्य बिंदु 3
माध्य विचलन किसी केंद्रीय मान (माध्य या माध्यिका) से प्रेक्षणों के निरपेक्ष विचलनों का समांतर माध्य है।
मुख्य बिंदु 4
निरपेक्ष विचलनों का योगफल सदैव न्यूनतम होता है जब विचलन माध्यिका के परितः लिए जाएं: Σ |x_i - M| ≤ Σ |x_i - A|।
मुख्य बिंदु 5
प्रसरण (σ²) समांतर माध्य से प्रेक्षणों के विचलनों के वर्गों का समांतर माध्य है: σ² = (1/N) Σ f_i x_i² - x̄²।
मुख्य बिंदु 6
मानक विचलन (σ) प्रसरण का धनात्मक वर्गमूल होता है, जो मूल आंकड़ों की इकाई में ही व्यक्त होता है।
मुख्य बिंदु 7
पद-विचलन विधि में u_i = (x_i - A)/h होने पर मानक विचलन: σ = h √[(Σ f_i u_i² / N) - (Σ f_i u_i / N)²]।
मुख्य बिंदु 8
प्रसरण और मानक विचलन मूल बिंदु के परिवर्तन से पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं: Var(x ± c) = Var(x)।
मुख्य बिंदु 9
पैमाने के परिवर्तन पर मानक विचलन कारक के मापांक के समानुपाती होता है: Var(ax + b) = a² Var(x) तथा σ_{ax+b} = |a| σ_x।
मुख्य बिंदु 10
विचरण गुणांक C.V. = (σ / x̄) × 100 एक मात्रकहीन प्रतिशत माप है; कम विचरण गुणांक अधिक स्थिरता एवं संगति दर्शाता है।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
यदि 10 प्रेक्षणों का प्रसरण 16 है, तो प्रत्येक प्रेक्षण को 3 से गुणा करके 5 जोड़ने पर नया प्रसरण क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: यहाँ a = 3 और b = 5। नया प्रसरण = a² Var(x) = 3² × 16 = 9 × 16 = 144।
रैखिक रूपांतरण का नियम Var(ax + b) = a² Var(x) याद करें।
2
किस केंद्रीय मान के परितः निरपेक्ष विचलनों का योगफल Σ |x_i - A| न्यूनतम होता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: निरपेक्ष विचलनों का योगफल न्यूनतम होता है जब A श्रेणी की माध्यिका (Median) हो।
माध्यिका के विशेष गुणधर्म पर विचार करें।
3
दो श्रेणियों के विचरण गुणांक क्रमशः 60% और 75% हैं तथा उनके माध्य क्रमशः 25 और 20 हैं। उनके मानक विचलनों का अंतर ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: σ₁ = (60 × 25)/100 = 15। σ₂ = (75 × 20)/100 = 15। अंतर = 15 - 15 = 0।
दोनों श्रेणियों हेतु σ = (C.V. × x̄) / 100 सूत्र लागू करें।
4
प्रथम 7 प्राकृतिक संख्याओं का प्रसरण ज्ञात कीजिए।
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: Var = (7² - 1) / 12 = (49 - 1) / 12 = 48 / 12 = 4।
प्रसरण सूत्र Var = (n² - 1) / 12 में n = 7 रखें।
5
यदि किसी आंकड़ा समूह के सभी प्रेक्षण समान और 9 के बराबर हों, तो मानक विचलन क्या होगा?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: माध्य 9 है तथा प्रत्येक विचलन (x_i - x̄) = 0 है। अतः मानक विचलन = 0।
जब आंकड़ों में कोई बिखराव नहीं होता, तो विचलन क्या होता है?
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

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