1.1 बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) क्या है और वह कहाँ निवेश करती है?
MNCs अपनी उत्पादन इकाइयाँ कहाँ स्थापित करती हैं?
- जहाँ बाजार नजदीक हो ताकि तैयार माल तुरंत बिक सके।
- जहाँ कम लागत पर कुशल और अकुशल श्रम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो।
- जहाँ उत्पादन के अन्य कारक (सस्ती बिजली, पानी, कच्चा माल) आसानी से मिलें।
- जहाँ की सरकारी नीतियां उनके व्यापार के अनुकूल हों।
वैश्विक उत्पादन का विभाजन: MNCs अपने उत्पादन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर दुनिया भर में फैला देती हैं। उदाहरणार्थ, अमेरिका की एक कंपनी अपने उत्पाद का डिजाइन अमेरिका के शोध केंद्रों में तैयार कराती है, उसके पुर्जे चीन में विनिर्मित होते हैं (क्योंकि वहाँ सस्ता विनिर्माण है), उन्हें जोड़कर उत्पाद तैयार करने का काम मेक्सिको और पूर्वी यूरोप में होता है (क्योंकि वे अमेरिका व यूरोप के बड़े बाजारों के निकट हैं), और कॉल सेंटर व ग्राहक सेवा का काम भारत में कराया जाता है (क्योंकि भारत में अंग्रेजी बोलने वाले अत्यंत कुशल और सस्ते इंजीनियर उपलब्ध हैं)। इससे कंपनी की उत्पादन लागत 50-60% घट जाती है!
1.2 MNCs द्वारा अन्य देशों में उत्पादन को नियंत्रित करने के तीन तरीके
- स्थानीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम (Joint Venture): MNCs विकासशील देशों की स्थापित स्थानीय कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से उत्पादन शुरू करती हैं। इससे स्थानीय कंपनी को दो लाभ होते हैं: आधुनिक मशीनों हेतु अतिरिक्त पूंजी (विदेशी निवेश) और नवीनतम वैश्विक तकनीक। (जैसे फोर्ड मोटर्स ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ मिलकर भारत में कारें बनाईं)।
- स्थानीय कंपनियों को सीधे खरीद लेना (Takeover): यह MNCs का सबसे आम तरीका है। अपनी अकूत संपदा के बल पर वे स्थानीय कंपनियों को खरीदकर अपने उत्पादन का विस्तार करती हैं।
उदाहरण: अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी कारगिल फूड्स (Cargill Foods) ने भारत की प्रसिद्ध खाद्य तेल कंपनी 'परख फूड्स' को खरीद लिया। परख फूड्स के पास चार रिफाइनरियां और विशाल वितरण नेटवर्क था। आज कारगिल फूड्स भारत में 50 लाख पाउच प्रतिदिन बनाने वाली सबसे बड़ी तेल उत्पादक बन चुकी है। - छोटे उत्पादकों को उत्पादन का ठेका देना (Contract to small producers): वस्त्र, जूते-चप्पल और खेल के सामान जैसे उद्योगों में MNCs दुनिया भर के हजारों छोटे उत्पादकों को आर्डर देती हैं और फिर उन पर अपना ब्रांड नाम (जैसे Nike, Adidas, Puma) लगाकर विश्व भर के उपभोक्ताओं को भारी कीमतों पर बेचती हैं।