1.1 खनिज की परिभाषा एवं अयस्क (Ore)
खनिज (Mineral): भूवैज्ञानिकों के अनुसार खनिज प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक समरूप (Homogeneous) तत्व है जिसकी एक निश्चित आंतरिक परमाणु संरचना होती है।
- अयस्क (Ore): खनिज प्रायः अशुद्ध रूप में अन्य तत्वों के साथ मिले होते हैं। किसी भी खनिज के अन्य तत्वों के साथ इस प्राकृतिक मिश्रण को 'अयस्क' कहते हैं। खनन तभी आर्थिक रूप से लाभदायक होता है जब अयस्क में धातु का पर्याप्त संकेंद्रण हो।
1.2 खनिज किन भूवैज्ञानिक रूपों में पाए जाते हैं?
- आग्नेय तथा कायांतरित चट्टानों की शिराओं (Veins) और परतों (Lodes) में: जब तरल या गैसीय खनिज दरारों के सहारे ऊपर धकेले जाते हैं और ठंडे होकर जम जाते हैं। छोटे रूपों को शिराएं और बड़े रूपों को परतें कहते हैं। उदाहरण: जस्ता, तांबा, सीसा और रांगा (टिन)।
- अवसादी चट्टानों के संस्तरों या परतों (Beds or Layers) में: इनका निर्माण निक्षेपण, संचयन और अत्यधिक दबाव व गर्मी के परिणामस्वरूप क्षैतिज परतों में होता है। उदाहरण: कोयला, लौह अयस्क, जिप्सम, पोटाश नमक और सोडियम नमक।
- धरातलीय चट्टानों के अपघटन द्वारा: जब वर्षा जल द्वारा चट्टानों के घुलनशील तत्व बह जाते हैं और अयस्क वाली अवशिष्ट सामग्री बची रह जाती है। उदाहरण: बॉक्साइट।
- पहाड़ियों के आधार तथा घाटी तल की रेत में (प्लेसर निक्षेप - Placer Deposits): जल द्वारा बहाकर लाए गए निक्षेप जिनमें ऐसे खनिज होते हैं जो जल द्वारा संक्षारित (Corrode) नहीं होते। उदाहरण: सोना, चांदी, टिन और प्लैटिनम।
- महासागरीय जल में: महासागरों के जल में विशाल मात्रा में खनिज घुले होते हैं, जैसे सामान्य नमक (NaCl), मैग्नीशियम और ब्रोमीन। महासागरीय नितल में मैंगनीज ग्रंथियाँ (Nodules) प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।