मृदुला गर्ग (जन्म: 1938):
समकालीन हिंदी साहित्य की सशक्त कथाकार मृदुला गर्ग का जन्म कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में हुआ था।
- उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर (M.A.) किया और अध्यापन कार्य किया, किंतु बाद में स्वतंत्र लेखन को ही अपना जीवन-लक्ष्य बनाया।
- उनके प्रमुख उपन्यासों में 'उसके हिस्से की धूप', 'चित्तकोबरा', 'अनित्य', 'कठगुलाब' और 'मिलजुल मन' (जिस पर 2013 में प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला) अत्यंत लोकप्रिय हैं।
- कहानी-संग्रहों में 'कितनी कैदें', 'टुकड़ा-टुकड़ा एक आदमी', 'ग्लेशियर से' आदि प्रसिद्ध हैं।
संस्मरण विधा:
संस्मरण का अर्थ है सम्यक् स्मृति। जब कोई लेखक अपने जीवन में आए विशिष्ट व्यक्तियों, पारिवारिक प्रसंगों और प्रेरक अनुभवों को पूरी ईमानदारी, आत्मीयता और कलात्मकता के साथ लिपिबद्ध करता है, तो उसे 'संस्मरण' कहते हैं। 'मेरे संग की औरतें' में लेखिका ने अपनी नानी, माँ और बहनों के जीवन की सच्चाई को बिना किसी लाग-लपेट के प्रस्तुत किया है।