खाद्य सुरक्षा (Food Security) का अर्थ केवल जीवित रहने के लिए दो वक्त का भोजन मिलना भर नहीं है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) तथा प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के अनुसार खाद्य सुरक्षा के तीन अनिवार्य आयाम हैं:
| आयाम (Dimension) | सटीक अर्थ एवं परिभाषा | सुनिश्चित करने का माध्यम |
|---|---|---|
| 1. खाद्य की उपलब्धता (Availability) | इसका तात्पर्य देश में कुल खाद्य उत्पादन, विदेशों से कुल खाद्यान्न आयात तथा पिछले वर्षों के सरकारी गोदामों में संचित स्टॉक से है। | कृषि उत्पादन में वृद्धि, हरित क्रांति एवं बफर स्टॉक। |
| 2. खाद्य तक पहुंच (Accessibility) | इसका अर्थ है कि भोजन बिना किसी शारीरिक, सामाजिक या भौगोलिक भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति की पहुंच में होना चाहिए। | गांव-गांव में राशन दुकानों (PDS) का कुशल नेटवर्क व परिवहन। |
| 3. खाद्य का सामर्थ्य (Affordability) | इसका अर्थ है कि किसी व्यक्ति के पास अपनी पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन खरीदने हेतु आवश्यक धन (क्रय शक्ति) उपलब्ध हो। | रियायती निर्गम मूल्य (Subsidized Price), अंत्योदय योजना व रोजगार गारंटी। |
निष्कर्ष: किसी देश में खाद्य सुरक्षा केवल तभी सुनिश्चित मानी जाती है जब (क) सभी लोगों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो, (ख) सभी लोगों में भोजन खरीदने की क्षमता हो, और (ग) भोजन तक पहुंच के रास्ते में कोई बाधा न हो।