1. आयु संरचना (Age Composition):
किसी देश की जनसंख्या का विभिन्न आयु वर्गों में विभाजन 'आयु संरचना' कहलाता है। इसे तीन मुख्य वर्गों में बांटा गया है:
- (क) बच्चे (15 वर्ष से कम): यह आर्थिक रूप से अनुत्पादक (Unproductive) वर्ग है। इन्हें भोजन, वस्त्र, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी पड़ती हैं (भारत में लगभग 30%)।
- (ख) कार्यशील आयु वर्ग (15 से 59 वर्ष): यह आर्थिक रूप से उत्पादक और जैविक रूप से प्रजननशील वर्ग है। देश का सारा उत्पादन और राष्ट्रीय आय इसी वर्ग पर निर्भर करती है (भारत में 58.7%)।
- (ग) वृद्ध (60 वर्ष और उससे अधिक): यह वर्ग सेवानिवृत्त हो चुका होता है। यह उत्पादक हो सकता है पर सामान्यतः भर्ती प्रक्रिया से बाहर रहता है।
- बच्चे और वृद्ध मिलकर 'आश्रित आबादी' (Dependent Population) बनाते हैं जो कार्यशील वर्ग पर आश्रित होती है।
2. लिंग अनुपात (Sex Ratio):
प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंग अनुपात कहते हैं। यह समाज में महिला और पुरुष के बीच समानता का महत्वपूर्ण सामाजिक सूचक है।
- 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का राष्ट्रीय औसत लिंग अनुपात 943 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष था (2001 में 933 था)।
- सर्वोच्च लिंग अनुपात: केरल में 1,084 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष हैं (महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक)। पुडुचेरी में 1,037 है।
- न्यूनतम लिंग अनुपात: हरियाणा में मात्र 879 तथा दमन-दीव में 618 है।
- झारखंड का लिंग अनुपात: 2011 में झारखंड का लिंग अनुपात 948 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत (943) से बेहतर है!
3. साक्षरता दर (Literacy Rate):
2011 की जनगणना के अनुसार, 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का वह व्यक्ति जो किसी भी भाषा को समझकर पढ़ और लिख सकता है, उसे साक्षर (Literate) माना जाता है।
- भारत की कुल साक्षरता दर 2011 में 73 प्रतिशत (74.04%) थी।
- पुरुष साक्षरता: 80.9% | महिला साक्षरता: 64.6% (महिला-पुरुष साक्षरता में 16.3% की गहरी खाई)।
- केरल 94.0% साक्षरता के साथ शीर्ष पर है, जबकि बिहार 61.8% के साथ सबसे निचले पायदान पर है।
- झारखंड की साक्षरता दर: 2011 में झारखंड की साक्षरता 66.41% थी (पुरुष 76.84%, महिला 55.42%)।
4. व्यावसायिक संरचना (Occupational Structure):
आर्थिक रूप से सक्रिय जनसंख्या का विभिन्न व्यवसायों में वितरण तीन क्षेत्रों में होता है: प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, पशुपालन, खनन - 64%), द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण उद्योग - 13%), और तृतीयक क्षेत्र (परिवहन, संचार, बैंकिंग, सेवाएं - 20%)। भारत में कृषि पर अत्यधिक निर्भरता इसके विकासशील स्वरूप को दर्शाती है।