Follow Us
माध्यम चुनें / Select Medium:
Eng (English) Hindi (हिन्दी)
CBSE • कक्षा 9 • Social Science • अध्याय 11
अनुमानित समय: 45 Mins
प्रगति: अध्ययनरत

जनसंख्या

मानव ही पृथ्वी के संसाधनों का निर्माता और उपभोक्ता दोनों है। अतः किसी भी राष्ट्र के समग्र विकास, आर्थिक समृद्धि और सामाजिक कल्याण को समझने के लिए उसकी 'जनसंख्या' (Population) का अध्ययन सर्वोपरि है। यह अध्याय भारत की जनसंख्या के आकार और भौगोलिक वितरण (2011 की जनगणना के अनुसार 121 करोड़), जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी व्यक्ति), जनसंख्या परिवर्तन के तीन मूल घटकों—जन्म दर (Birth Rate), मृत्यु दर (Death Rate), और प्रवास (Migration)—का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही यह अध्याय आयु संरचना (Age Composition), लिंग अनुपात (Sex Ratio), साक्षरता दर (Literacy Rate), व्यावसायिक संरचना (Occupational Structure), स्वास्थ्य स्तर, तथा भारत की 1/5वीं किशोर जनसंख्या (Adolescents) की चुनौतियों एवं राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP 2000) का समग्र मूल्यांकन करता है। झारखंड राज्य की जनसंख्या (3.29 करोड़), जनसंख्या घनत्व (414 व्यक्ति/किमी²), लिंग अनुपात (948) तथा साक्षरता के विशेष संदर्भ को भी इसमें शामिल किया गया है। झारखंड अधिविद्य परिषद् (CBSE) बोर्ड परीक्षा में 'जनसंख्या वृद्धि और परिवर्तन में अंतर', 'लिंग अनुपात का महत्व व भारत में इसकी स्थिति', 'NPP 2000 की मुख्य विशेषताएं', तथा 'आयु संरचना के तीन वर्ग' से जुड़े प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

121 करोड़ की जनगणना: 2.4% भूमि और दुनिया के हर छठे व्यक्ति का देश

भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का मात्र 2.4 प्रतिशत है, परंतु 2011 की जनगणना के अनुसार इस छोटी सी भूमि पर दुनिया की कुल आबादी का 17.5 प्रतिशत हिस्सा बसता है—अर्थात आज पृथ्वी पर रहने वाला हर छठा व्यक्ति एक भारतीय है! अकेले उत्तर प्रदेश की आबादी (19.9 करोड़) ब्राजील और रूस जैसे विशालकाय देशों से भी अधिक है; जबकि दूसरी ओर सिक्किम में मात्र 6 लाख और लक्षद्वीप में केवल 64,000 लोग रहते हैं। बिहार में एक वर्ग किलोमीटर में 1,106 लोग रहते हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश के जंगलों में प्रति वर्ग किमी मात्र 17 लोग बसते हैं। जनसंख्या का यह अत्यधिक असमान वितरण हमारे देश की सामाजिक और आर्थिक नीतियों को किस प्रकार प्रभावित करता है, यही इस अध्याय का मुख्य केंद्र बिंदु है।

यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है

जनसंख्या केवल एक संख्या नहीं है; यह एक 'मानव संसाधन' (Human Resource) है। जब जनसंख्या शिक्षित, स्वस्थ और कुशल होती है, तो वह देश की सबसे बड़ी उत्पादक संपत्ति बन जाती है; लेकिन जब बुनियादी सुविधाएं—शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार—अधूरी रह जाती हैं, तो वही जनसंख्या गरीबी और बेरोजगारी का कारण बन सकती है। भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश (Median Age ~28 वर्ष) है, जिसके पास 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) का ऐतिहासिक अवसर है। झारखंड के संदर्भ में जनजातीय आबादी के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका की योजना बनाने के लिए जनगणना के आंकड़े अनिवार्य हैं। CBSE बोर्ड परीक्षा में भूगोल खंड का यह अध्याय व्यावहारिक और अंकदायी दोनों है।

अध्ययन से पूर्व (आवश्यक ज्ञान)

  • जनगणना (Census) की मूल अवधारणा और यह हर 10 वर्ष में क्यों कराई जाती है।
  • घनत्व (Density) का गणितीय सूत्र: कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल।
  • प्राकृतिक वृद्धि (Natural Growth = जन्म दर - मृत्यु दर) की समझ।
  • प्रतिशत, अनुपात और साक्षरता दर की बुनियादी गणितीय गणना।

इस अध्याय के लक्ष्य

  • 2011 की जनगणना के आधार पर भारत की कुल जनसंख्या, वैश्विक हिस्सेदारी और राज्यों में वितरण का विश्लेषण करना।
  • जनसंख्या घनत्व की परिभाषा देना और उच्च (बिहार), मध्यम तथा निम्न (अरुणाचल) घनत्व वाले क्षेत्रों के भौगोलिक कारणों को समझना।
  • जनसंख्या परिवर्तन के तीन निर्धारक घटकों—जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास (आकर्षण व प्रतिकर्ष कारक)—का मूल्यांकन करना।
  • आयु संरचना के तीन वर्गों (बच्चे, कार्यशील, वृद्ध) और आश्रित अनुपात (Dependency Ratio) का महत्व स्पष्ट करना।
  • भारत और झारखंड के लिंग अनुपात तथा साक्षरता दर की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन करना।
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP 2000) के मुख्य लक्ष्यों और किशोरों के पोषण व शिक्षा के उपायों की विवेचना करना।

अध्याय रूपरेखा एवं प्रगति

1 1. भारत में जनसंख्या का आकार और स्थ...
2 2. जनसंख्या घनत्व: प्रादेशिक विषमता...
3 3. जनसंख्या वृद्धि एवं परिवर्तन के...
4 4. जनसंख्या की संरचना: आयु, लिंगानु...
5 5. स्वास्थ्य, किशोर जनसंख्या और राष...

सम्पूर्ण सैद्धांतिक एवं वैचारिक अध्ययन

1. भारत में जनसंख्या का आकार और स्थानिक वितरण (2011 जनगणना)

जनगणना (Census): एक निश्चित समय अंतराल में जनसंख्या की आधिकारिक गणना को जनगणना कहते हैं। भारत में सबसे पहली जनगणना 1872 में हुई थी, जबकि पहली संपूर्ण और व्यवस्थित जनगणना 1881 में कराई गई। तब से प्रति 10 वर्ष बाद नियमित रूप से जनगणना कराई जाती है।

जनसंख्या का आकार:

  • मार्च 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.06 करोड़ (1,210.6 मिलियन) थी।
  • यह विश्व की कुल आबादी का 17.5 प्रतिशत है।
  • यह विशाल आबादी भारत के 32.8 लाख वर्ग किमी के भूभाग पर फैली है, जो विश्व के कुल क्षेत्रफल का मात्र 2.4 प्रतिशत है।

राज्यों में अत्यधिक असमान वितरण:

  • सर्वाधिक आबादी वाला राज्य: उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 19.9 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 16% है।
  • न्यूनतम आबादी वाला राज्य: हिमालयी राज्य सिक्किम की आबादी मात्र 6.1 लाख (0.05%) है।
  • केंद्रशासित प्रदेश: दिल्ली की आबादी 1.67 करोड़ से अधिक है, जबकि लक्षद्वीप में केवल 64,473 लोग निवास करते हैं।
  • भारत की लगभग आधी आबादी (50%) केवल 5 राज्यों में निवास करती है: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश। क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य राजस्थान केवल 5.5% आबादी रखता है।

2. जनसंख्या घनत्व: प्रादेशिक विषमताएं और कारण

जनसंख्या घनत्व (Population Density): प्रति इकाई क्षेत्रफल (सामान्यतः प्रति वर्ग किलोमीटर) में रहने वाले व्यक्तियों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।

जनसंख्या घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (वर्ग किमी)

2011 के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व:

2011 में भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था (जो 2001 में 324 था)। भारत विश्व के सबसे घनी आबादी वाले देशों में से एक है।

राज्यों में घनत्व की भारी विषमताएं:

घनत्व की श्रेणीघनत्व (व्यक्ति/किमी²)प्रमुख राज्यभौगोलिक कारण
1. अत्यधिक उच्च घनत्व1,000 से अधिकबिहार (1,106 - सर्वोच्च), पश्चिम बंगाल (1,028)समतल उपजाऊ जलोढ़ मैदान, प्रचुर जल, अनुकूल जलवायु और गहन कृषि।
2. उच्च एवं मध्यम घनत्व250 से 1,000उत्तर प्रदेश (829), केरल (860), झारखंड (414), तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, असमऔद्योगिक केंद्र, खनिज संपदा (झारखंड), सिंचित कृषि और तटीय व्यापार।
3. निम्न घनत्व250 से कमअरुणाचल प्रदेश (17 - सबसे कम), मिजोरम (52), सिक्किम (86), जम्मू-कश्मीर, लद्दाखपर्वतीय उबड़-खाबड़ धरातल, सघन वन, शीत जलवायु और कृषि हेतु अनुपयुक्त पथरीली भूमि।

3. जनसंख्या वृद्धि एवं परिवर्तन के तीन प्रमुख घटक

जनसंख्या एक परिवर्तनशील प्रक्रिया है। जनसंख्या वृद्धि (Population Growth) का अर्थ है किसी विशेष समय अंतराल (जैसे 10 वर्ष) में किसी देश के निवासियों की संख्या में होने वाला शुद्ध परिवर्तन। इसे निरपेक्ष संख्या (Absolute Numbers) या वार्षिक वृद्धि दर (Annual Growth Rate - %) में मापा जाता है। 2011 में भारत की वार्षिक वृद्धि दर 1.64 प्रतिशत थी (जो 1981 के 2.22% से लगातार घट रही है)।

जनसंख्या परिवर्तन के तीन मूल घटक (Components of Population Change):

  1. 1. जन्म दर (Birth Rate): एक वर्ष में प्रति 1,000 व्यक्तियों पर जीवित जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को 'अशोधित जन्म दर' कहते हैं। भारत में जन्म दर हमेशा मृत्यु दर से अधिक रही है, जो जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारक है।
  2. 2. मृत्यु दर (Death Rate): एक वर्ष में प्रति 1,000 व्यक्तियों पर मरने वाले लोगों की संख्या को 'मृत्यु दर' कहते हैं। 1921 के बाद से बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, टीकों, महामारियों (प्लेग, चेचक, हैजा) पर नियंत्रण और स्वच्छता के कारण मृत्यु दर में तीव्र गिरावट आई है।
    प्राकृतिक वृद्धि (Natural Increase) = जन्म दर - मृत्यु दर।
  3. 3. प्रवास (Migration): लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसना 'प्रवास' कहलाता है।
    • आंतरिक प्रवास (Internal Migration): देश की सीमा के भीतर (जैसे बिहार से झारखंड या यूपी से मुंबई)। इससे देश की कुल आबादी में बदलाव नहीं होता, किंतु क्षेत्रों के बीच जनसंख्या घनत्व और संरचना बदल जाती है।
    • अंतरराष्ट्रीय प्रवास (International Migration): एक देश से दूसरे देश में आवागमन। इससे कुल आबादी बदलती है।
    • प्रतिकर्ष कारक (Push Factors): ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, बेरोजगारी, अकाल और सुविधाओं की कमी लोगों को शहर जाने को विवश करती है।
    • अपकर्ष कारक (Pull Factors): शहरों में बेहतर रोजगार, उच्च वेतन, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को आकर्षित करती हैं। भारत में अधिकांश प्रवास ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों की ओर हुआ है (शहरी आबादी 1951 के 17.29% से बढ़कर 2011 में 31.8% हो गई)।

4. जनसंख्या की संरचना: आयु, लिंगानुपात, साक्षरता व व्यवसाय

1. आयु संरचना (Age Composition):

किसी देश की जनसंख्या का विभिन्न आयु वर्गों में विभाजन 'आयु संरचना' कहलाता है। इसे तीन मुख्य वर्गों में बांटा गया है:

  • (क) बच्चे (15 वर्ष से कम): यह आर्थिक रूप से अनुत्पादक (Unproductive) वर्ग है। इन्हें भोजन, वस्त्र, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी पड़ती हैं (भारत में लगभग 30%)।
  • (ख) कार्यशील आयु वर्ग (15 से 59 वर्ष): यह आर्थिक रूप से उत्पादक और जैविक रूप से प्रजननशील वर्ग है। देश का सारा उत्पादन और राष्ट्रीय आय इसी वर्ग पर निर्भर करती है (भारत में 58.7%)।
  • (ग) वृद्ध (60 वर्ष और उससे अधिक): यह वर्ग सेवानिवृत्त हो चुका होता है। यह उत्पादक हो सकता है पर सामान्यतः भर्ती प्रक्रिया से बाहर रहता है।
  • बच्चे और वृद्ध मिलकर 'आश्रित आबादी' (Dependent Population) बनाते हैं जो कार्यशील वर्ग पर आश्रित होती है।

2. लिंग अनुपात (Sex Ratio):

प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या को लिंग अनुपात कहते हैं। यह समाज में महिला और पुरुष के बीच समानता का महत्वपूर्ण सामाजिक सूचक है।

  • 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का राष्ट्रीय औसत लिंग अनुपात 943 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष था (2001 में 933 था)।
  • सर्वोच्च लिंग अनुपात: केरल में 1,084 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष हैं (महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक)। पुडुचेरी में 1,037 है।
  • न्यूनतम लिंग अनुपात: हरियाणा में मात्र 879 तथा दमन-दीव में 618 है।
  • झारखंड का लिंग अनुपात: 2011 में झारखंड का लिंग अनुपात 948 दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत (943) से बेहतर है!

3. साक्षरता दर (Literacy Rate):

2011 की जनगणना के अनुसार, 7 वर्ष या उससे अधिक आयु का वह व्यक्ति जो किसी भी भाषा को समझकर पढ़ और लिख सकता है, उसे साक्षर (Literate) माना जाता है।

  • भारत की कुल साक्षरता दर 2011 में 73 प्रतिशत (74.04%) थी।
  • पुरुष साक्षरता: 80.9% | महिला साक्षरता: 64.6% (महिला-पुरुष साक्षरता में 16.3% की गहरी खाई)।
  • केरल 94.0% साक्षरता के साथ शीर्ष पर है, जबकि बिहार 61.8% के साथ सबसे निचले पायदान पर है।
  • झारखंड की साक्षरता दर: 2011 में झारखंड की साक्षरता 66.41% थी (पुरुष 76.84%, महिला 55.42%)।

4. व्यावसायिक संरचना (Occupational Structure):

आर्थिक रूप से सक्रिय जनसंख्या का विभिन्न व्यवसायों में वितरण तीन क्षेत्रों में होता है: प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, पशुपालन, खनन - 64%), द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण उद्योग - 13%), और तृतीयक क्षेत्र (परिवहन, संचार, बैंकिंग, सेवाएं - 20%)। भारत में कृषि पर अत्यधिक निर्भरता इसके विकासशील स्वरूप को दर्शाती है।

5. स्वास्थ्य, किशोर जनसंख्या और राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP 2000)

स्वास्थ्य (Health): स्वास्थ्य मानव विकास का एक महत्वपूर्ण घटक है। स्वतंत्रता के बाद सरकारी प्रयासों से मृत्यु दर जो 1951 में 25 प्रति हजार थी, घटकर 2011 में 7.2 प्रति हजार रह गई। जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) जो 1951 में मात्र 36.7 वर्ष थी, बढ़कर 67.9 वर्ष से अधिक हो गई है। फिर भी कुपोषण और शुद्ध पेयजल की कमी अब भी बड़ी चुनौतियां हैं।

किशोर जनसंख्या (Adolescent Population):

भारत की कुल जनसंख्या का पाँचवां हिस्सा (लगभग 20%) 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों का है। यह देश का भविष्य हैं।

  • चुनौतियां: किशोरों को सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। भारत में बड़ी संख्या में किशोर (विशेषकर किशोरियां) रक्ताल्पता (एनीमिया - खून की कमी) और कुपोषण से पीड़ित हैं।
  • शिक्षा, उचित विवाह आयु की जागरूकता और यौन स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन की सख्त आवश्यकता है।

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 (National Population Policy - NPP 2000):

भारत सरकार ने 15 फरवरी 2000 को 'राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000' की घोषणा की। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराना।
  2. शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate - IMR) को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 30 से कम करना।
  3. व्यापक स्तर पर सभी बच्चों को टीका-रोधी बीमारियों से टीकाकरण (Universal Immunisation) सुनिश्चित करना।
  4. लड़कियों की शादी की उम्र 18 वर्ष के बाद (देर से विवाह) को प्रोत्साहित करना।
  5. परिवार नियोजन को जन-केंद्रित कार्यक्रम बनाना और गर्भनिरोधक सेवाओं को घर-घर पहुंचाना।
  6. किशोरों की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान: अवांछित गर्भधारण, असुरक्षित यौन संबंधों से बचाव, पौष्टिक आहार और बाल-विवाह रोकने के लिए कानूनी व सामाजिक प्रयास।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शब्दावली, कालक्रम एवं प्रशासनिक व्यवस्था

जनसंख्या घनत्व सूत्र
घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल (वर्ग किमी)
2011 भारत औसत = 382 व्यक्ति/किमी² | झारखंड = 414 व्यक्ति/किमी²।
लिंग अनुपात (Sex Ratio)
स्त्रियों की संख्या / 1,000 पुरुष
2011 भारत = 943 | केरल = 1,084 (सर्वोच्च) | झारखंड = 948।
प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि
प्राकृतिक वृद्धि = जन्म दर - मृत्यु दर
प्रति हजार व्यक्तियों पर गणना; प्रवास इसमें शामिल नहीं होता।
साक्षरता मानक (2011)
7 वर्ष या अधिक आयु + किसी भाषा में पढ़ना-लिखना
भारत साक्षरता = 73% | पुरुष = 80.9% | महिला = 64.6%।
NPP 2000 लक्ष्य
IMR < 30 प्रति 1,000 | 14 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा
राष्ट्रीय जनसंख्या नीति; किशोरों के पोषण व स्वास्थ्य पर बल।
झारखंड 2011 आंकड़े
कुल आबादी = 3.29 करोड़ | साक्षरता = 66.41%
लिंग अनुपात 948 (राष्ट्रीय औसत 943 से अधिक)।

अवधारणात्मक हल उदाहरण एवं अनुप्रयोग (Solved Examples)

उदाहरण 1
प्रश्न 1 (लघु उत्तरीय): 'जनसंख्या घनत्व' (Population Density) की परिभाषा दीजिए। भारत में सर्वाधिक और सबसे कम घनत्व वाले राज्यों के नाम और उनका घनत्व बताइए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:

1. जनसंख्या घनत्व की परिभाषा:

प्रति इकाई क्षेत्रफल (सामान्यतः एक वर्ग किलोमीटर) में निवास करने वाले व्यक्तियों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का राष्ट्रीय औसत घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था।

2. सर्वाधिक और सबसे कम घनत्व वाले राज्य:

  • सर्वाधिक घनत्व वाला राज्य: बिहार, जहाँ घनत्व 1,106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। (कारण: समतल गंगा मैदान, उपजाऊ जलोढ़ मृदा और प्रचुर जल)।
  • सबसे कम घनत्व वाला राज्य: अरुणाचल प्रदेश, जहाँ घनत्व मात्र 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। (कारण: उबड़-खाबड़ पर्वतीय धरातल, सघन वन और प्रतिकूल जलवायु)।
उदाहरण 2
प्रश्न 2 (दीर्घ उत्तरीय): जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख घटकों—जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास की सविस्तार व्याख्या कीजिए। 'प्रतिकर्ष' और 'अपकर्ष' कारक क्या हैं?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर: किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन तीन बुनियादी प्रक्रियाओं द्वारा होता है:

1. जन्म दर (Birth Rate):

एक वर्ष में प्रति एक हजार व्यक्तियों पर जीवित जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को जन्म दर कहते हैं। यह जनसंख्या को बढ़ाने वाला मुख्य सकारात्मक घटक है। भारत में जन्म दर सदैव मृत्यु दर से अधिक रही है।

2. मृत्यु दर (Death Rate):

एक वर्ष में प्रति एक हजार व्यक्तियों पर मरने वाले लोगों की संख्या को मृत्यु दर कहते हैं। 1921 के बाद महामारियों पर नियंत्रण, आधुनिक दवाओं और बेहतर पोषण से भारत की मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है, जिससे तीव्र जनसंख्या वृद्धि हुई है।

3. प्रवास (Migration):

लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसना प्रवास कहलाता है। प्रवास दो प्रकार के कारकों से संचालित होता है:

  • प्रतिकर्ष कारक (Push Factors): वे प्रतिकूल परिस्थितियां जो लोगों को अपना मूल स्थान छोड़ने पर विवश करती हैं—जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी, गरीबी, भूमिहीनता, अकाल, और शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव।
  • अपकर्ष कारक (Pull Factors): वे आकर्षक अवसर जो लोगों को नए स्थान की ओर खींचते हैं—जैसे शहरों में रोजगार के अवसर, नियमित वेतन, आधुनिक जीवनशैली, बेहतर स्कूल और अस्पताल।
उदाहरण 3
प्रश्न 3 (लघु उत्तरीय): आयु संरचना (Age Composition) के तीन प्रमुख वर्ग कौन-से हैं? 'आश्रित अनुपात' (Dependency Ratio) का क्या अर्थ है?
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर:

1. आयु संरचना के तीन प्रमुख वर्ग:

  1. बच्चे (15 वर्ष से कम): यह आर्थिक रूप से अनुत्पादक वर्ग है जिसे भोजन, वस्त्र, शिक्षा और स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है (लगभग 30%)।
  2. कार्यशील आयु वर्ग (15 से 59 वर्ष): यह आर्थिक रूप से उत्पादक और जैविक रूप से प्रजननशील वर्ग है जो देश का समस्त उत्पादन करता है (लगभग 58.7%)।
  3. वृद्ध (60 वर्ष और अधिक): यह सेवानिवृत्त वर्ग है जिसे स्वास्थ्य और पेंशन की आवश्यकता होती है (लगभग 7%)।

2. आश्रित अनुपात (Dependency Ratio):

कार्यशील जनसंख्या (15-59 वर्ष) पर निर्भर रहने वाले बच्चों (0-14 वर्ष) और वृद्धों (60+ वर्ष) के अनुपात को आश्रित अनुपात कहते हैं। आश्रितों की संख्या जितनी अधिक होगी, कार्यशील वर्ग और देश की अर्थव्यवस्था पर वित्तीय बोझ उतना ही अधिक होगा।

उदाहरण 4
प्रश्न 4 (विश्लेषणात्मक): 'राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000' (NPP 2000) के प्रमुख उद्देश्यों और किशोर जनसंख्या के लिए इसके विशेष प्रावधानों की समीक्षा कीजिए।
विस्तृत समाधान / उत्तर:

उत्तर: भारत सरकार ने जनसंख्या स्थिरीकरण और मानव कल्याण हेतु 15 फरवरी 2000 को NPP 2000 लागू की:

1. प्रमुख उद्देश्य:

  • 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य स्कूली शिक्षा प्रदान करना।
  • शिशु मृत्यु दर (IMR) को घटाकर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 30 से नीचे लाना।
  • टीका-रोधी बीमारियों के विरुद्ध सभी बच्चों का शत-प्रतिशत सार्वभौमिक टीकाकरण करना।
  • लड़कियों के विवाह की आयु 18 वर्ष (और अधिमानतः 20 वर्ष के बाद) को प्रोत्साहित करना।

2. किशोरों (Adolescents) के लिए विशेष प्रावधान:

  • भारत की 20% आबादी किशोर हैं। नीति में किशोरियों में रक्ताल्पता (एनीमिया) को दूर करने हेतु आयरन की गोलियां और पौष्टिक आहार की व्यवस्था की गई।
  • अवांछित गर्भधारण और असुरक्षित यौन रोगों (STDs/AIDS) से बचाव के लिए स्वास्थ्य परामर्श केंद्र शुरू किए गए।
  • बाल-विवाह रोकने और प्रजनन अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने पर विशेष बल दिया गया।

सामान्य गलतियाँ एवं परीक्षक के जाल (Examiner Traps)

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

जनसंख्या वृद्धि (Growth) और जनसंख्या परिवर्तन (Change) को एक ही समझना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

जनसंख्या वृद्धि केवल व्यक्तियों की संख्या में शुद्ध बढ़ोतरी (धनात्मक) को दर्शाती है; जबकि जनसंख्या परिवर्तन में वृद्धि, कमी, आयु संरचना और लिंगानुपात में होने वाले सभी बदलाव शामिल होते हैं।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

भारत का सबसे बड़ा राज्य जनसंख्या में राजस्थान को लिख देना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, परंतु जनसंख्या में सबसे बड़ा राज्य 'उत्तर प्रदेश' (19.9 करोड़) है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

लिंग अनुपात की परिभाषा को प्रति 100 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या लिखना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

भारत में लिंग अनुपात की आधिकारिक गणना प्रति '1,000 पुरुषों' पर महिलाओं की संख्या के रूप में की जाती है।

सामान्य भ्रम / गलत उत्तर

आंतरिक प्रवास से देश की कुल जनसंख्या में बदलाव मानना।

सही वैज्ञानिक तथ्य

आंतरिक प्रवास (देश के भीतर) से देश की कुल आबादी में कोई परिवर्तन नहीं होता; इससे केवल राज्यों और शहरों के बीच जनसंख्या वितरण बदलता है।

भारत की जनसंख्या संरचना, घनत्व एवं राष्ट्रीय जनसंख्या नीति

भारत की जनसंख्या: आकार, घनत्व, जनसांख्यिकीय संरचना एवं NPP 2000 1. आकार एवं घनत्व (2011) • कुल जनसंख्या: 121.06 करोड़ - विश्व का 17.5% आबादी (क्षेत्रफल मात्र 2.4%) - उत्तर प्रदेश: 19.9 करोड़ (सर्वाधिक) - सिक्किम: 6.1 लाख (न्यूनतम राज्य) • जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी): भारत औसत: 382 व्यक्ति/किमी² बिहार: 1,106 (सर्वोच्च घनत्व) अरुणाचल: 17 (न्यूनतम घनत्व) झारखंड परिदृश्य (2011) • कुल जनसंख्या: 3.29 करोड़ • घनत्व: 414 व्यक्ति/किमी² • लिंगानुपात: 948 (राष्ट्रीय औसत से आगे) 2. आयु, लिंग व साक्षरता • आयु संरचना के 3 वर्ग: 1. बच्चे (< 15 वर्ष - 30%): अनुत्पादक 2. कार्यशील (15-59 वर्ष - 58.7%): उत्पादक 3. वृद्ध (60+ वर्ष - 7%): आश्रित • लिंग अनुपात (Sex Ratio): प्रति 1,000 पुरुषों पर महिलाएं - राष्ट्रीय औसत: 943 (2011) - केरल: 1,084 (सर्वोच्च) - हरियाणा: 879 (न्यूनतम राज्य) साक्षरता दर (7+ वर्ष) • भारत: 73% (पुरुष 80.9%, महिला 64.6%) • केरल: 94% (शीर्ष) | बिहार: 61.8% • झारखंड: 66.41% साक्षरता 3. परिवर्तन व NPP 2000 • जनसंख्या परिवर्तन के 3 घटक: 1. जन्म दर (प्रति 1000 जीवित जन्म) 2. मृत्यु दर (प्रति 1000 मृत्यु) 3. प्रवास (Push vs Pull कारक) • किशोर जनसंख्या (10-19 वर्ष): - देश की आबादी का 20% (1/5 हिस्सा) - रक्ताल्पता (एनीमिया) व पोषण चुनौती राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP 2000) • 14 वर्ष तक मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा • शिशु मृत्यु दर (IMR) < 30 प्रति 1,000 • बालिकाओं का 18+ वर्ष में विवाह • शत-प्रतिशत बाल टीकाकरण • जनसांख्यिकीय लाभांश का संवर्धन

अध्याय का सार संक्षेप एवं 10 मुख्य निष्कर्ष

मुख्य बिंदु 1
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.06 करोड़ थी, जो विश्व की कुल आबादी का 17.5% है (क्षेत्रफल मात्र 2.4%)।
मुख्य बिंदु 2
उत्तर प्रदेश 19.9 करोड़ आबादी के साथ भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जबकि सिक्किम (6.1 लाख) सबसे छोटा राज्य है।
मुख्य बिंदु 3
भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² है; बिहार 1,106 व्यक्ति/किमी² के साथ सर्वोच्च और अरुणाचल प्रदेश मात्र 17 व्यक्ति/किमी² के साथ न्यूनतम है।
मुख्य बिंदु 4
जनसंख्या परिवर्तन के तीन मुख्य घटक हैं: जन्म दर, मृत्यु दर, और प्रवास (Migration); प्राकृतिक वृद्धि = जन्म दर - मृत्यु दर।
मुख्य बिंदु 5
ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर प्रवास प्रतिकर्ष कारकों (गरीबी, बेरोजगारी) और अपकर्ष कारकों (रोजगार, बेहतर जीवन) से प्रेरित होता है।
मुख्य बिंदु 6
आयु संरचना में 15 से 59 वर्ष का कार्यशील वर्ग आर्थिक रूप से उत्पादक (58.7%) है, जबकि बच्चे (< 15) और वृद्ध (60+) आश्रित आबादी हैं।
मुख्य बिंदु 7
भारत का लिंग अनुपात 943 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष है; केरल में सर्वाधिक (1,084) और हरियाणा में सबसे कम (879) है।
मुख्य बिंदु 8
झारखंड का लिंग अनुपात 948 दर्ज किया गया जो राष्ट्रीय औसत (943) से बेहतर है; झारखंड का घनत्व 414 व्यक्ति/किमी² और आबादी 3.29 करोड़ है।
मुख्य बिंदु 9
भारत की साक्षरता दर 73% है (पुरुष 80.9%, महिला 64.6%); केरल 94% के साथ शीर्ष पर और बिहार 61.8% के साथ सबसे नीचे है।
मुख्य बिंदु 10
राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 (NPP 2000) ने 14 वर्ष तक मुफ्त शिक्षा, IMR को 30 से नीचे लाने और बाल-विवाह रोकने के लक्ष्य तय किए हैं।

स्व-मूल्यांकन अभ्यास (Check Your Understanding)

मूल वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए नैदानिक प्रश्न। पहले स्वयं हल करें, फिर उत्तर देखें।

1
2011 की जनगणना के अनुसार भारत का औसत जनसंख्या घनत्व (Population Density) कितना था?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
2011 की जनगणना के अनुसार भारत का राष्ट्रीय औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था।
2
भारत के किस राज्य में 2011 की जनगणना के अनुसार सर्वाधिक लिंग अनुपात (1,084 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष) दर्ज किया गया?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
केरल भारत का एकमात्र बड़ा राज्य है जहाँ 1,000 पुरुषों पर 1,084 महिलाएं हैं और लिंगानुपात महिलाओं के पक्ष में है।
3
आयु संरचना के अंतर्गत किस आयु वर्ग को 'आर्थिक रूप से उत्पादक एवं कार्यशील' जनसंख्या माना जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
15 से 59 वर्ष का आयु वर्ग कार्यशील और उत्पादक माना जाता है जो देश की आर्थिक आय और उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है।
4
'राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000' (NPP 2000) का मुख्य लक्ष्य शिशु मृत्यु दर (IMR) को घटाकर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर कितने से कम करना था?
उत्तर एवं व्याख्या देखें
उत्तर: B
NPP 2000 का एक प्रमुख स्वास्थ्य लक्ष्य शिशु मृत्यु दर को प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 30 से नीचे लाना था।
अध्याय का अध्ययन पूर्ण हुआ?
अभ्यास के लिए तैयार?

ऑनलाइन CBT टेस्ट देकर तैयारी का मूल्यांकन करें

झारखण्ड बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें। तुरंत परिणाम, समय विश्लेषण और प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्राप्त करें।

कक्षा 9 Social Science के सभी अध्याय

अध्याय 1: फ्रांसीसी क्रांति अध्याय 2: यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति अध्याय 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय अध्याय 4: वन्य समाज एवं उपनिवेशवाद अध्याय 5: आधुनिक विश्व में चरवाहे अध्याय 6: भारत - आकार और स्थिति अध्याय 7: भारत का भौतिक स्वरूप अध्याय 8: अपवाह अध्याय 9: जलवायु अध्याय 10: प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी अध्याय 11: जनसंख्या अध्याय 12: लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों? अध्याय 13: संविधान निर्माण अध्याय 14: चुनावी राजनीति अध्याय 15: संस्थाओं का कामकाज अध्याय 16: लोकतांत्रिक अधिकार अध्याय 17: पालमपुर गाँव की कहानी अध्याय 18: संसाधन के रूप में लोग अध्याय 19: निर्धनता: एक चुनौती अध्याय 20: भारत में खाद्य सुरक्षा

AI अध्ययन मित्र

त्वरित शंका समाधान

जनसंख्या में कोई संदेह या प्रश्न है? हमारे AI अध्ययन मित्र से तुरंत समझें।