'संसाधन के रूप में लोग' (People as Resource) वर्तमान उत्पादन कौशल और क्षमताओं के संदर्भ में किसी देश के कामकाजी लोगों का वर्णन करने का एक आधुनिक तरीका है।
जनसंख्या: दायित्व नहीं, उत्पादक परिसंपत्ति:
- प्रायः जनसंख्या को एक नकारात्मक रूप में देखा जाता है कि इतनी विशाल आबादी को भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराई जाएं।
- परंतु जब इस विद्यमान मानव संसाधन को और अधिक शिक्षा और स्वास्थ्य द्वारा विकसित किया जाता है, तब इसे 'मानव पूंजी निर्माण' (Human Capital Formation) कहते हैं।
- ठीक वैसे ही जैसे भौतिक पूंजी (मशीनें, कारखाने) में निवेश करने से भविष्य में उत्पादन और आय बढ़ती है, वैसे ही मानव पूंजी (शिक्षा, प्रशिक्षण, चिकित्सा) में किया गया निवेश उच्च उत्पादकता और उच्च राष्ट्रीय आय के रूप में प्रतिफल (Return) देता है।
सकल और विलास की केस स्टडी: सद्गुण चक्र बनाम दुष्चक्र
| तुलनात्मक बिंदु | सकल (Sakal) | विलास (Vilas) |
|---|---|---|
| शिक्षा एवं कौशल | नियमित स्कूल गया, उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पास की और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में व्यावसायिक कोर्स किया। | पढ़ाई में कोई रुचि नहीं थी, कभी स्कूल नहीं गया; कोई तकनीकी कौशल नहीं सीख सका। |
| स्वास्थ्य की स्थिति | शारीरिक रूप से स्वस्थ और हट्टा-कट्टा था; उसे बार-बार डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। | बचपन से ही गठिया (Arthritis) का रोगी था; इलाज के लिए पैसे न होने से स्वास्थ्य निरंतर गिरता गया। |
| आर्थिक परिणाम | निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना; उच्च वेतन और पदोन्नति पाई। (सद्गुण चक्र - Virtuous Cycle) | मां की मृत्यु के बाद गांव के तालाब से मछलियां बेचकर बमुश्किल गुजारा किया; गरीबी का शिकार रहा। (दुष्चक्र - Vicious Cycle) |
जापान के पास खनिज, लोहा या तेल जैसे प्राकृतिक संसाधन लगभग शून्य हैं। वह अपने उद्योगों के लिए सारा कच्चा माल विदेशों से आयात करता है। फिर भी जापान आज विश्व का सबसे अमीर और विकसित देश कैसे बना? इसका एकमात्र रहस्य यह है कि जापान ने अपने लोगों पर, विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारी निवेश किया। कुशल और तकनीकी रूप से दक्ष जापानी नागरिकों ने आधुनिक तकनीकों का आविष्कार किया जिससे देश विश्व आर्थिक महाशक्ति बन गया।