पत्र केवल सूचना भेजने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे मानवीय भावनाओं और आत्मीयता की अमूल्य धरोहर हैं:
- स्थायित्व और सहेजने की क्षमता: एसएमएस या फोन कॉल को हम सहेज कर नहीं रख सकते; वे कुछ ही समय में स्मृति या फोन मेमोरी से मिट जाते हैं। इसके विपरीत, पत्रों को हम दशकों तक संभालकर संदूक या संग्रहालय में रख सकते हैं।
- साहित्य और अनुसंधान का आधार: दुनिया के अनेक महान उपन्यास, जीवनियाँ और ऐतिहासिक तथ्य बड़े-बड़े विचारकों के पत्रों के आधार पर ही लिखे गए हैं (जैसे नेहरू जी द्वारा जेल से अपनी पुत्री इंदिरा गांधी को लिखे गए पत्र "पिता के पत्र पुत्री के नाम")।
- विभिन्न भाषाओं में पत्रों के नाम: उर्दू में खत, संस्कृत में पत्र, कन्नड़ में कागद, आंध्र/तेलुगु में उत्तरम, जाबू व लेख, तथा तमिल में कडिद कहा जाता है।