“ध्वनि” कविता महाप्राण निराला के गहन आत्म-विश्वास और आशावादी जीवन-दृष्टि का सजीव दस्तावेज है:
- आत्मविश्वास की अमर घोषणा: कवि को दृढ़ विश्वास है कि उनकी जीवन-रूपी यात्रा अभी समाप्त नहीं हो सकती, क्योंकि उनके हृदय-रूपी उपवन में अभी-अभी युवावस्था के वसंत का पदार्पण हुआ है।
- आलस्यग्रस्त युवा पीढ़ी को जाग्रत करना: कलियाँ जो प्रातःकाल में भी आँखें मूँदे सो रही हैं, वे उन युवाओं की प्रतीक हैं जो निराशा और आलस्य में अपने जीवन का अमूल्य समय व्यर्थ गँवा रहे हैं। कवि अपने कोमल कर-स्पर्श से उन्हें जगाना चाहते हैं।
- अमृतमय दान का संकल्प: कवि अपने रचनात्मक उत्साह और प्रेम-रूपी जीवन-रस को इन सोए हुए फूलों पर न्योछावर कर देना चाहते हैं, ताकि वे अनंत काल तक महकते रहें।