प्रातःकाल लेखक जब टहल रहे थे, तो बेर की झाड़ी से फिसलकर ओस की एक बूँद उनकी कलाई पर आ गिरी। लेखक के रुकते ही बूँद से एक मधुर और सूक्ष्म स्वर सुनाई दिया। बूँद ने मानवीकृत होकर अपनी अरबों वर्ष पुरानी गाथा सुनानी शुरू की।
जल की रासायनिक उत्पत्ति का कालखंड
बूँद बताती है—"अरबों वर्ष पूर्व जब हमारे पूर्वज हद्रजन (Hydrogen) और ओषजन (Oxygen) सूर्यमंडल में लपटों के रूप में विद्यमान थे, तब एक प्रचंड भ्रमणकारी तारा सूर्य के निकट से गुजरा। उसके भीषण आकर्षण से सूर्य का एक भाग टूटकर अलग हुआ और हमारे सौरमंडल के ग्रह बने। कालान्तर में हद्रजन और ओषजन के मध्य तीव्र रासायनिक क्रिया हुई, जिससे उनका प्रत्यक्ष अस्तित्व समाप्त हो गया और मेरा (जल का) जन्म हुआ।"